anish डॉक्टर विधान चंद्र राय के श्रद्धांजलि और सम्मान में मनाया जाता है चिकित्सक दिवस- डॉ हिमांशु पांडे - . "body"

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डॉक्टर विधान चंद्र राय के श्रद्धांजलि और सम्मान में मनाया जाता है चिकित्सक दिवस- डॉ हिमांशु पांडे

महान फिजिशियन डॉ. बिधान चंद्र रॉय पं. बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री भी थे। उन्हें उनकी दूरदर्शी नेतृत्व के लिए पं. बंगाल राज्य का आर्किटेक्ट भी कहा जाता था। 1 जुलाई 1882 को बिहार के पटना के रॉय अपनी डॉक्टरी की डिग्री कलकत्ता से पूरी की।


एक चिकित्सक के रूप में शुरुआत करने वाले बिधान चंद्र कलकत्ता मेडिकल कॉलेज में शिक्षक भी रहे। बाद में वो भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के नेता बने और उसके बाद पश्चिम बंगाल के मुख्य मंत्री बने। 4 फरवरी 1961 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया। इस दुनिया में अपनी महान सेवा देने के बाद 80 वर्ष की आयु में 1962 में अपने जन्मदिवस के दिन ही उनकी मृत्यु हो गयी।


वही बक्सर जिले में भी कई डॉक्टरों के द्वारा इनको याद कीया गया वही दंत चिकित्सक डॉ0 हिमांशु पांडे ने बताया कि ये हम सभी के लिए प्रेरणादायक थे और हमें इनके बनाए गए राहों पर चलना चाहिए क्योंकि हमें धरती का भगवान भी कहा जाता है और समाज के प्रति हम सभी डॉक्टरों का लगाओ होना चाहिए।

डॉक्टर विधान चंद्र राय के श्रद्धांजलि और सम्मान में मनाया जाता है चिकित्सक दिवस- डॉ हिमांशु पांडे

डॉक्टर विधान चंद्र राय के श्रद्धांजलि और सम्मान में मनाया जाता है चिकित्सक दिवस- डॉ हिमांशु पांडे

महान फिजिशियन डॉ. बिधान चंद्र रॉय पं. बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री भी थे। उन्हें उनकी दूरदर्शी नेतृत्व के लिए पं. बंगाल राज्य का आर्किटेक्ट भी कहा जाता था। 1 जुलाई 1882 को बिहार के पटना के रॉय अपनी डॉक्टरी की डिग्री कलकत्ता से पूरी की।


एक चिकित्सक के रूप में शुरुआत करने वाले बिधान चंद्र कलकत्ता मेडिकल कॉलेज में शिक्षक भी रहे। बाद में वो भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के नेता बने और उसके बाद पश्चिम बंगाल के मुख्य मंत्री बने। 4 फरवरी 1961 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया। इस दुनिया में अपनी महान सेवा देने के बाद 80 वर्ष की आयु में 1962 में अपने जन्मदिवस के दिन ही उनकी मृत्यु हो गयी।


वही बक्सर जिले में भी कई डॉक्टरों के द्वारा इनको याद कीया गया वही दंत चिकित्सक डॉ0 हिमांशु पांडे ने बताया कि ये हम सभी के लिए प्रेरणादायक थे और हमें इनके बनाए गए राहों पर चलना चाहिए क्योंकि हमें धरती का भगवान भी कहा जाता है और समाज के प्रति हम सभी डॉक्टरों का लगाओ होना चाहिए।