anish क्या सफुरा इस देश की बेटी नही ? - . "body"

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 क्या सफुरा इस देश की बेटी नही ?
 M V ONLINE BIHAR NEWS  हमारे देश (भारत)में नारी को पूज्यनीय व आदरणीय माना गया है ये अलग बात है कि यहाँ पुरुष प्रधान समाज की व्यवस्था है।खुद को हिन्दू धर्म का सबसे बड़ा प्रचारक होने का दावा करने वाले संगठन आरएसएस की मशहूर गीतों में !हर बाला देवी की प्रतिमा ! शुमार है ।धार्मिक ग्रंधो में भी स्त्रियों को कई रूपो से पूज्यनीय माना गया है।
इन दिनों एक जामिया की छात्रा का मामला सुर्खियों में है ।उसके बारे में सोशल मीडिया पर अभवाह फैलाई जा रही है और अभद्र टिप्पड़ियां की जा रही है ।दुःखद बात ये है कि गाली और सेक्स संबंधित इन टिप्पड़ियों में प्रधानमंत्री जी (मोदी) जा फोटो खूब चिपकाया जा रहा है ।ज्यादातर  ट्रोलरो के प्रोफाइल देखने पर पता चल रहा है कि वो  भाजपा या फिर भाजपा समर्थक
संगठनों(ABVP, RSS, VHP, BJYM, बजरंग-दल आदि) से वास्ता रखते हैं और बिना सही जानकारी जुटाये अभद्र तिम्प्पड़ी किये जा रहे हैं। हिंदुत्व का नाम लेकर जय श्री राम के नारों के साथ अब तक लाखो गालियां व गलत टिप्पड़ियां सफुरा पर की जा चुकी है पर अब तक सरकार चुप हैं।
मामला यूंही रहता तो कोई बात नही पर इसी बीच कपिल मिश्रा ने भी बयान दिया और उस लड़की के ऊपर आपत्तिजनक तिम्प्पड़ी की और उसके समर्थको ने उसे खूब फैला रहे हैं।

पहले पूरा मामला समझिए 👇
  वर्तमान में तिहाड़ जेल की एक कैदी ,सफ़ूरा ज़रगर ,उम्र 27 वर्ष।दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया की पीएचडी स्कॉलर है। दिल्ली पुलिस ने अनलॉफुल एक्टिविटी प्रिवेंशन एक्ट के तहत उनपर  मुकदमा दर्ज किया है और नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में फरवरी महीने में हुई हिंसा के ‘साजिशकर्ता’ होने का आरोप लगाया है।

10अप्रैल को हुई थी गिरफ्तार!👇

पुलिस ने 2 अप्रैल को जामिया स्कॉलर मीरान हैदर औरJNU के उमर खालिद को  गिरफ्तार कर UAPA लगाया। 10 अप्रैल को  सफ़ूरा को भी गिरफ्तार किया । आरोप लगा कि सफुरा के नेतृत्व में ही  जफराबाद मेट्रो स्टेशन के नीचे CAA के खिलाफ हुए प्रदर्शन हुवा।


गिरफ्तारी के समय ही प्रेग्नेंट थी!👇

गिरफ्तारी के अगले ही दिन सफुरा के वकील ने अधिकारियों को सफ़ूरा प्रेगनेंट होने की जानकारी दे दी और बेल की अर्जी दाखिल किया। उन्हें 13 अप्रैल को ज़मानत भी मिल गई लेकिन वो जेल से बाहर आ पाती, उससे पहले ही दिल्ली पुलिस ने उन्हें दंगे भड़काने की आरोप लगाते हुए गिरफ्तार कर लिया ।
कुछ मीडिया संस्थानो के मुताबिक ये गिरफ्तारी 6 मार्च को हुई एक FIR के तहत हुई, इसके बाद सफ़ूरा पर भी !अनलॉफुल प्रिवेंशन एक्ट(UAPA) लगा दिया गया। उसके बाद से ही उनके वकील द्वारा ज़मानत की कोशिशें की जा रही हैं लेकिन कामयाबी नहीं मिल रही.

विवाहित है सफुरा!👇

 THE lallantop ,TheQuient समेत कई मीडिया संस्थानों ने सफुरा के परिवार से मुलाकात की है और ये स्पस्ट किया है कि वो शादीशुदा है।साथ ही एक इंटरव्यू भी मिला जिसमे वो अपने शादी के बारे में बता रही है।Thequient से बातचीत करते हुवे सफूरा की बहन समीया जरगर और उनके परिवार वालो ने विवाहित होने की बात कही है। मीडिया वालों से सफुरा के पति की  मुलाकात  हुई पर उन्होंने इस मुद्दे पर कोई भी कमेंट करने से इनकार कर दिया।साफ है कि सफूरा जरगर के बारे में निराधार और झूठी बातें उन्हें बदनाम करने के इरादे से फैलाई जा रही हैं।सफुरा मूलरूप से जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ की रहने वाली है साथ ही दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया की पीएचडी स्कॉलर है ।

जामिया का शाहीनबाग से सरोकार नही ।👇

सफ़ूरा जामिया कोऑर्डिनेशन कमिटी की मेंबर हैं।इस कमिटी के मुताबिक जामिया के प्रदर्शन से शाहीन बाग से कोई सरोकार नही था,ये अलग बात है कि दोनों जगह CAA का ही  विरोध हो रहा था
।सफ़ूरा शाहीन बाग के प्रदर्शन देखने गई थी वो भी एक- दो बार। वो प्रदर्शन में नही थी क्योंकि वो जामिया के प्रदर्शन में मीडिया कोऑर्डिनेटर का काम करती थीं।शाहीन बाग से उनका नाम जोड़ना निपट मूर्खता है।
कुलमिलाकर कहा जाए तो सफुरा के बारे में जो भी अभवाह फैलाई जा रही है वो निराधार व निंदनीय है और यदि सच मे हमारे प्रधानमंत्री जी बेटियों का सम्मान करते है तो उन्हें संज्ञान लेना चहिये।सफुरा के अस्मत से खिलवाड़ किया जाना उचित नही है और वो भी इसी देश की  बेटी है। "बेटी-बचाओ-बेटी-पढ़ाओ" का नारा लगाने वाले प्रधानमंत्री जी के समर्थकों द्वारा एक बेटी को बदनाम किया जा रहा है।प्रधानमंत्री जी को समझना चहिये वो सभी भारतीयों के प्रधानमंत्री है, उनके फ़ोटो के साथ अगर किसी बेटी को जलील किया जा रहा है, तो निश्चित ही उन्हें हस्तक्षेप करना चहिये और अभवाह फैलाने वालों पर मुकदमा दर्ज होना चहिये।
अगर इस प्रकरण में मोदी जी हस्तक्षेप नही करते है,ट्रोलरो पर करवाई नही होती हैं तो ये स्पस्ट हो जाएगा कि "बेटी-बचाओ का नारा सिर्फ दिखावा है।
कलम हाथ मे लेकर आंदोलन करना गलत नही है पर हमें मालूम है कि कलम से ही सत्ता को खौफ रहती हैं और सफुरा को जानबूझकर फसाया गया है।कपिल मिश्रा आज भी बाहर है और जहर उगल रहा है।लोकतंत्र में न्यायिक व्यवस्था और प्रशासन पर राजनीतिक दबाव होना खतरे की घंटी है।
       ✍️✍️ RANJAN OJHA 
                 NSUI Activist(V.K.S.U ARA)
             




क्या सफुरा इस देश की बेटी नही ?

 क्या सफुरा इस देश की बेटी नही ?
 M V ONLINE BIHAR NEWS  हमारे देश (भारत)में नारी को पूज्यनीय व आदरणीय माना गया है ये अलग बात है कि यहाँ पुरुष प्रधान समाज की व्यवस्था है।खुद को हिन्दू धर्म का सबसे बड़ा प्रचारक होने का दावा करने वाले संगठन आरएसएस की मशहूर गीतों में !हर बाला देवी की प्रतिमा ! शुमार है ।धार्मिक ग्रंधो में भी स्त्रियों को कई रूपो से पूज्यनीय माना गया है।
इन दिनों एक जामिया की छात्रा का मामला सुर्खियों में है ।उसके बारे में सोशल मीडिया पर अभवाह फैलाई जा रही है और अभद्र टिप्पड़ियां की जा रही है ।दुःखद बात ये है कि गाली और सेक्स संबंधित इन टिप्पड़ियों में प्रधानमंत्री जी (मोदी) जा फोटो खूब चिपकाया जा रहा है ।ज्यादातर  ट्रोलरो के प्रोफाइल देखने पर पता चल रहा है कि वो  भाजपा या फिर भाजपा समर्थक
संगठनों(ABVP, RSS, VHP, BJYM, बजरंग-दल आदि) से वास्ता रखते हैं और बिना सही जानकारी जुटाये अभद्र तिम्प्पड़ी किये जा रहे हैं। हिंदुत्व का नाम लेकर जय श्री राम के नारों के साथ अब तक लाखो गालियां व गलत टिप्पड़ियां सफुरा पर की जा चुकी है पर अब तक सरकार चुप हैं।
मामला यूंही रहता तो कोई बात नही पर इसी बीच कपिल मिश्रा ने भी बयान दिया और उस लड़की के ऊपर आपत्तिजनक तिम्प्पड़ी की और उसके समर्थको ने उसे खूब फैला रहे हैं।

पहले पूरा मामला समझिए 👇
  वर्तमान में तिहाड़ जेल की एक कैदी ,सफ़ूरा ज़रगर ,उम्र 27 वर्ष।दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया की पीएचडी स्कॉलर है। दिल्ली पुलिस ने अनलॉफुल एक्टिविटी प्रिवेंशन एक्ट के तहत उनपर  मुकदमा दर्ज किया है और नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में फरवरी महीने में हुई हिंसा के ‘साजिशकर्ता’ होने का आरोप लगाया है।

10अप्रैल को हुई थी गिरफ्तार!👇

पुलिस ने 2 अप्रैल को जामिया स्कॉलर मीरान हैदर औरJNU के उमर खालिद को  गिरफ्तार कर UAPA लगाया। 10 अप्रैल को  सफ़ूरा को भी गिरफ्तार किया । आरोप लगा कि सफुरा के नेतृत्व में ही  जफराबाद मेट्रो स्टेशन के नीचे CAA के खिलाफ हुए प्रदर्शन हुवा।


गिरफ्तारी के समय ही प्रेग्नेंट थी!👇

गिरफ्तारी के अगले ही दिन सफुरा के वकील ने अधिकारियों को सफ़ूरा प्रेगनेंट होने की जानकारी दे दी और बेल की अर्जी दाखिल किया। उन्हें 13 अप्रैल को ज़मानत भी मिल गई लेकिन वो जेल से बाहर आ पाती, उससे पहले ही दिल्ली पुलिस ने उन्हें दंगे भड़काने की आरोप लगाते हुए गिरफ्तार कर लिया ।
कुछ मीडिया संस्थानो के मुताबिक ये गिरफ्तारी 6 मार्च को हुई एक FIR के तहत हुई, इसके बाद सफ़ूरा पर भी !अनलॉफुल प्रिवेंशन एक्ट(UAPA) लगा दिया गया। उसके बाद से ही उनके वकील द्वारा ज़मानत की कोशिशें की जा रही हैं लेकिन कामयाबी नहीं मिल रही.

विवाहित है सफुरा!👇

 THE lallantop ,TheQuient समेत कई मीडिया संस्थानों ने सफुरा के परिवार से मुलाकात की है और ये स्पस्ट किया है कि वो शादीशुदा है।साथ ही एक इंटरव्यू भी मिला जिसमे वो अपने शादी के बारे में बता रही है।Thequient से बातचीत करते हुवे सफूरा की बहन समीया जरगर और उनके परिवार वालो ने विवाहित होने की बात कही है। मीडिया वालों से सफुरा के पति की  मुलाकात  हुई पर उन्होंने इस मुद्दे पर कोई भी कमेंट करने से इनकार कर दिया।साफ है कि सफूरा जरगर के बारे में निराधार और झूठी बातें उन्हें बदनाम करने के इरादे से फैलाई जा रही हैं।सफुरा मूलरूप से जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ की रहने वाली है साथ ही दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया की पीएचडी स्कॉलर है ।

जामिया का शाहीनबाग से सरोकार नही ।👇

सफ़ूरा जामिया कोऑर्डिनेशन कमिटी की मेंबर हैं।इस कमिटी के मुताबिक जामिया के प्रदर्शन से शाहीन बाग से कोई सरोकार नही था,ये अलग बात है कि दोनों जगह CAA का ही  विरोध हो रहा था
।सफ़ूरा शाहीन बाग के प्रदर्शन देखने गई थी वो भी एक- दो बार। वो प्रदर्शन में नही थी क्योंकि वो जामिया के प्रदर्शन में मीडिया कोऑर्डिनेटर का काम करती थीं।शाहीन बाग से उनका नाम जोड़ना निपट मूर्खता है।
कुलमिलाकर कहा जाए तो सफुरा के बारे में जो भी अभवाह फैलाई जा रही है वो निराधार व निंदनीय है और यदि सच मे हमारे प्रधानमंत्री जी बेटियों का सम्मान करते है तो उन्हें संज्ञान लेना चहिये।सफुरा के अस्मत से खिलवाड़ किया जाना उचित नही है और वो भी इसी देश की  बेटी है। "बेटी-बचाओ-बेटी-पढ़ाओ" का नारा लगाने वाले प्रधानमंत्री जी के समर्थकों द्वारा एक बेटी को बदनाम किया जा रहा है।प्रधानमंत्री जी को समझना चहिये वो सभी भारतीयों के प्रधानमंत्री है, उनके फ़ोटो के साथ अगर किसी बेटी को जलील किया जा रहा है, तो निश्चित ही उन्हें हस्तक्षेप करना चहिये और अभवाह फैलाने वालों पर मुकदमा दर्ज होना चहिये।
अगर इस प्रकरण में मोदी जी हस्तक्षेप नही करते है,ट्रोलरो पर करवाई नही होती हैं तो ये स्पस्ट हो जाएगा कि "बेटी-बचाओ का नारा सिर्फ दिखावा है।
कलम हाथ मे लेकर आंदोलन करना गलत नही है पर हमें मालूम है कि कलम से ही सत्ता को खौफ रहती हैं और सफुरा को जानबूझकर फसाया गया है।कपिल मिश्रा आज भी बाहर है और जहर उगल रहा है।लोकतंत्र में न्यायिक व्यवस्था और प्रशासन पर राजनीतिक दबाव होना खतरे की घंटी है।
       ✍️✍️ RANJAN OJHA 
                 NSUI Activist(V.K.S.U ARA)