anish सिमरी कोरेन्टाइन सेंटर पर दूध के नाम पर हो रहा है! कोरम पूरा - . "body"

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 सिमरी कोरेन्टाइन सेंटर पर दूध के नाम पर हो रहा है! कोरम पूरा 
by admin 
 m v online Bihar news सिमरी(बक्सर)-- कोरोना से बचने और रोकथाम हेतु जिले में कई कोरेन्टाइन  सेंटर बनाये गए है जिसमे स्थानिय मजदूर जो कि दूसरे प्रदेशों से आये हैं उन्हें रखा जा रहा है।कई सेंटरों से  गुणवत्तापूर्ण खाना न मिलने  की शिकायतें भी आ रही हैं! और कुछ अफवाह भी फैलाई जा रही हैं। इसी बीच सिमरी क्षेत्र के दूधिपट्टी में बनाये गए कोरेन्टाइन सेंटर की खबर आई कि वहाँ कोरेन्टाइन में रखे गए लोगो के साथ बुरा बर्ताव किया जा रहा है और खाने-पीने की सही व्यवस्था नही की गई हैं। हम इस बात की सच्चाई को पता लगाने के लिए उस सेंटर पर पहुँचे और जो हमने देखा वो निश्चित ही निंदनीय है।

लोगो से नही मिलने दिया गया!
जब हम उस कोरोनटाइन सेंटर के पास पहुँचे तो हमे अंदर जाने व लोगो से मिलने से मना कर दिया गया ।सेंटर में तैनात कर्मियों ने हमे अंदर जाने से रोका और पदाधिकारियों का हवाला देने लगे। कोई  भी कर्मी कैमरे के सामने बात-चीत नही करना चाहते थे ! पर जब हमने काफी पूछताछ की तो उन्होंने सबकुछ साफ -सुथरा व उत्तम होने की बात कही और खाने से लेकर रहने,सोने तक की व्यवस्था को उत्तम बताया।

सेंटर के समीप ही पसरा था कचड़ा !

वही साफ-सफाई की बात करे तो सेंटर के बिल्कुल समीप ही फोम से बने  पत्तल ,प्लास्टिक के ग्लास और मास्क तथा ग्लव्स आदि बिखरे पड़े थे।

लौटते समय मिले सेंटर में रह चुके लोग !

कई बार मिलने की कोशिश करने के बाद भी जब नही मिलने दिया गया तो हमने वापस आने का निर्णय लिया। वापस आने के क्रम में आशा पड़री मुख्य सड़क पर हमें तीन लोग मिले जो कि उसी कोरोनटाईन(दूधिपट्टी) से डिस्चार्ज होकर के  अपने घर जा रहे थे । तभी उन लोगो से बातचीत होने पर उन्होंने जो कहा वो जिला प्रशासन व सरकार के दावों की पोल खोल दी।

लचर है व्यवस्था !

कोरेन्टाइन सेंटर से लौट रहे लोगो का कहना था, कि शुरुआती के दिनों में हमारे साथ काफी दुर्व्यवहार  हुवा और खाने के लिए सुबह -शाम केवल लिट्टी दी जाती थी ! और कैदियों की तरह सलूक किया जाता था लेकिन जिस दिन जिलाधिकारी जांच के दौरान इस कोरेन्टाइन सेंटर पर पहुंचे ! उसके बाद कुछ सुधार हुवा ।आगे उन्होंने ने बताया कि अब सुबह में चना दिया जा रहा है वही दोपहर और रात दोनों समय चावल,दाल व सब्जी ही मिल रही रही हैं। वही दूध की जगह 5रुपये वाला दुध का पाउडर की पैकेट  दिया जा रहा हैं ।  निष्कर्षतः कहा जाए तो जिलाधिकारी के निर्देशों का पालन नाम मात्र का हो रहा हैं ! और अपनी कमी को छुपाने के लिए सेंटर में रह रहे लोगो से नही मिलने दिया जा रहा ।साथ ही सरकार व प्रशासन कितना भी अपनी पीठ थपथपा ले परंतु  कोरेन्टाइन सेंटरों की स्थिति को ठीक नही कहा जा सकता ।
 

सिमरी कोरेन्टाइन सेंटर पर दूध के नाम पर हो रहा है! कोरम पूरा

 सिमरी कोरेन्टाइन सेंटर पर दूध के नाम पर हो रहा है! कोरम पूरा 
by admin 
 m v online Bihar news सिमरी(बक्सर)-- कोरोना से बचने और रोकथाम हेतु जिले में कई कोरेन्टाइन  सेंटर बनाये गए है जिसमे स्थानिय मजदूर जो कि दूसरे प्रदेशों से आये हैं उन्हें रखा जा रहा है।कई सेंटरों से  गुणवत्तापूर्ण खाना न मिलने  की शिकायतें भी आ रही हैं! और कुछ अफवाह भी फैलाई जा रही हैं। इसी बीच सिमरी क्षेत्र के दूधिपट्टी में बनाये गए कोरेन्टाइन सेंटर की खबर आई कि वहाँ कोरेन्टाइन में रखे गए लोगो के साथ बुरा बर्ताव किया जा रहा है और खाने-पीने की सही व्यवस्था नही की गई हैं। हम इस बात की सच्चाई को पता लगाने के लिए उस सेंटर पर पहुँचे और जो हमने देखा वो निश्चित ही निंदनीय है।

लोगो से नही मिलने दिया गया!
जब हम उस कोरोनटाइन सेंटर के पास पहुँचे तो हमे अंदर जाने व लोगो से मिलने से मना कर दिया गया ।सेंटर में तैनात कर्मियों ने हमे अंदर जाने से रोका और पदाधिकारियों का हवाला देने लगे। कोई  भी कर्मी कैमरे के सामने बात-चीत नही करना चाहते थे ! पर जब हमने काफी पूछताछ की तो उन्होंने सबकुछ साफ -सुथरा व उत्तम होने की बात कही और खाने से लेकर रहने,सोने तक की व्यवस्था को उत्तम बताया।

सेंटर के समीप ही पसरा था कचड़ा !

वही साफ-सफाई की बात करे तो सेंटर के बिल्कुल समीप ही फोम से बने  पत्तल ,प्लास्टिक के ग्लास और मास्क तथा ग्लव्स आदि बिखरे पड़े थे।

लौटते समय मिले सेंटर में रह चुके लोग !

कई बार मिलने की कोशिश करने के बाद भी जब नही मिलने दिया गया तो हमने वापस आने का निर्णय लिया। वापस आने के क्रम में आशा पड़री मुख्य सड़क पर हमें तीन लोग मिले जो कि उसी कोरोनटाईन(दूधिपट्टी) से डिस्चार्ज होकर के  अपने घर जा रहे थे । तभी उन लोगो से बातचीत होने पर उन्होंने जो कहा वो जिला प्रशासन व सरकार के दावों की पोल खोल दी।

लचर है व्यवस्था !

कोरेन्टाइन सेंटर से लौट रहे लोगो का कहना था, कि शुरुआती के दिनों में हमारे साथ काफी दुर्व्यवहार  हुवा और खाने के लिए सुबह -शाम केवल लिट्टी दी जाती थी ! और कैदियों की तरह सलूक किया जाता था लेकिन जिस दिन जिलाधिकारी जांच के दौरान इस कोरेन्टाइन सेंटर पर पहुंचे ! उसके बाद कुछ सुधार हुवा ।आगे उन्होंने ने बताया कि अब सुबह में चना दिया जा रहा है वही दोपहर और रात दोनों समय चावल,दाल व सब्जी ही मिल रही रही हैं। वही दूध की जगह 5रुपये वाला दुध का पाउडर की पैकेट  दिया जा रहा हैं ।  निष्कर्षतः कहा जाए तो जिलाधिकारी के निर्देशों का पालन नाम मात्र का हो रहा हैं ! और अपनी कमी को छुपाने के लिए सेंटर में रह रहे लोगो से नही मिलने दिया जा रहा ।साथ ही सरकार व प्रशासन कितना भी अपनी पीठ थपथपा ले परंतु  कोरेन्टाइन सेंटरों की स्थिति को ठीक नही कहा जा सकता ।