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FRK की कमी के कारण बाधित धान ख़रीददारी के मुद्दे पर माननीय प्रधानमंत्री जी को बक्सर सांसद सुधाकर सिंह ने लिखा पत्र

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M V BIHAR NEWS

PATNA/बिहार में इन दिनों FRK (फोर्टिफ़ाइड राइस कर्नेल) की गंभीर कमी के कारण धान की खरीद प्रक्रिया लगभग ठप हो चुकी है। राज्य के कई ज़िलों से लगातार यह शिकायतें मिल रही हैं कि जैसे ही FRK का स्टॉक समाप्त हुआ, PACS और अन्य क्रय केंद्रों पर धान की तौल और खरीद रोक दी गई। इसका सीधा दुष्परिणाम यह हुआ है कि किसान अपनी उपज लेकर दर-दर भटकने को मजबूर हैं और गहरे आर्थिक संकट में फँसते जा रहे हैं।

यह स्थिति केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि केंद्र और राज्य—दोनों सरकारों की संयुक्त विफलता को उजागर करती है। केंद्र सरकार ने फोर्टिफ़िकेशन नीति के तहत FRK को अनिवार्य तो कर दिया, लेकिन उसकी समय पर और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की। वहीं बिहार सरकार भी यह सुनिश्चित करने में पूरी तरह असफल रही कि पूरे खरीद मौसम के दौरान FRK की निर्बाध उपलब्धता बनी रहे।

इस गंभीर विषय पर कल दिनांक 03.02.2026 को मेरी उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के सचिव से मुलाक़ात हुई। सचिव द्वारा यह आश्वासन दिया गया कि 15 फरवरी तक FRK की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी जाएगी। लेकिन मेरा सवाल है कि तब तक किसानों को जो नुकसान होगा, उसकी भरपाई कौन करेगा? जिन किसानों का धान क्रय केंद्रों पर पड़ा है, जिनके सिर पर कर्ज़, पारिवारिक खर्च और अगली फसल की तैयारी का दबाव है—उनकी चिंता कौन करेगा?


उल्लेखनीय है कि बिहार में इस वर्ष धान खरीद का लक्ष्य 36.85 लाख टन निर्धारित किया गया था, जबकि अब तक केवल 18.76 लाख टन धान की ही खरीद हो पाई है। पहले जानबूझकर धान खरीद का लक्ष्य कम रखा गया और फिर जो लक्ष्य तय किया गया, उसे पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधन और व्यवस्थाएँ तक उपलब्ध नहीं कराई गईं। यह कहना गलत नहीं होगा कि केंद्र सरकार ने बिहार के साथ लगातार दोयम दर्जे का व्यवहार अपनाया है। चाहे किसानों की आय का प्रश्न हो, MSP पर खरीद की व्यवस्था हो या FRK जैसी अनिवार्य शर्तों की पूर्ति—हर मोर्चे पर बिहार को नज़रअंदाज़ किया गया है। इसका सीधा खामियाजा बिहार के अन्नदाता भुगत रहे हैं।

किसान ने समय पर बुआई की, कठिन परिस्थितियों में फसल तैयार की और पूरी उम्मीद के साथ धान लेकर क्रय केंद्र पहुँचा। इसके बावजूद यदि सरकारी अव्यवस्था और नीतिगत असंवेदनशीलता के कारण उसकी उपज नहीं खरीदी जा रही है, तो इसमें किसान का कोई दोष नहीं है। FRK की कमी कोई प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि पूरी तरह प्रशासनिक और नीतिगत विफलता का परिणाम है।

यह भी स्पष्ट है कि FRK एक मल्टी-विटामिन पोषक तत्व है, जिसे धान कुटाई के दौरान प्रति क्विंटल चावल में एक किलो की मात्रा में मिलाया जाता है। चावल में FRK मिलाने के बाद ही उसे FRK-टैग दिया जाता है। सरकार की ओर से FRK की आपूर्ति के लिए उत्तर प्रदेश की एक कंपनी को टैग किया गया है। यह कंपनी एसएफसी को FRK उपलब्ध कराती है और एसएफसी के माध्यम से मिलरों तक पहुँचाया जाता है। दुर्भाग्यवश, टैग की गई कंपनी द्वारा एसएफसी को FRK की आपूर्ति नहीं की जा रही है, जिससे पूरी धान खरीद श्रृंखला टूट गई है।


अतः मैं केंद्र और राज्य सरकार से यह माँग करता हूँ कि FRK की पर्याप्त आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए, धान खरीद की अवधि बढ़ाई जाए और जिन किसानों की खरीद FRK की कमी के कारण नहीं हो सकी है, उन्हें आर्थिक सुरक्षा एवं उचित मुआवज़ा दिया जाए। किसान किसी तरह की रियायत नहीं, बल्कि अपने श्रम का न्यायपूर्ण मूल्य चाहता है। यदि इस गंभीर समस्या का समाधान शीघ्र नहीं किया गया, तो यह मुद्दा आने वाले दिनों में किसानों के व्यापक असंतोष और बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकारों की होगी।

FRK की कमी के कारण बाधित धान ख़रीददारी के मुद्दे पर माननीय प्रधानमंत्री जी को बक्सर सांसद सुधाकर सिंह ने लिखा पत्र,

माता-पिता के आशीर्वाद से सजा बाल मेले का शानदार संसार, एस.एस. कॉन्वेंट स्कूल में बच्चों ने खिलाया लज़ीज़ व्यंजन और दिखाया व्यापारिक समझ

                 

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बक्सर / सदर प्रखंड अंतर्गत कमरपुर पंचायत के कृतपुरा गांव स्थित एस.एस. कॉन्वेंट स्कूल परिसर उस समय उल्लास, रचनात्मकता और भावनाओं से सराबोर हो उठा, जब विद्यालय में भव्य बाल मेला का आयोजन किया गया। इस मेले का उद्घाटन विद्यालय की निर्देशिका वंदना राय के बुजुर्ग सासु मां और ससुर,  श्रीमती बनारसी देवी एवं श्री विजय कुमार राय  ने संयुक्त रूप से किया।

फीता कटते ही वातावरण भावुक हो गया, जब पृष्ठभूमि में गूंज उठा गीत - “हे मात-पिता तुम्हें वंदन, जो मुझे इस दुनिया में लाया…” इस भावनात्मक क्षण ने भारतीय परंपरा में माता-पिता के सर्वोच्च स्थान को जीवंत कर दिया। विद्यालय प्रबंधन द्वारा माता-पिता को सर्वोपरि मानते हुए उन्हीं के करकमलों से उद्घाटन कराया जाना कार्यक्रम की सबसे खास और प्रेरणादायी झलक रही।


उद्घाटन के पश्चात अतिथियों ने बच्चों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया, उनके हाथों बने व्यंजनों का स्वाद लिया और बच्चों से शुद्धता व स्वच्छता से जुड़े सवाल भी किए। मेले की रौनक देखते ही बनती थी। बच्चों ने पानीपुरी, चाउमीन, बर्गर, मंचूरियन, समोसा, जलेबी, गाजर का हलवा, बिस्कुट, चिप्स, चॉकलेट आदि के आकर्षक स्टॉल लगाए थे। इन सबके बीच चाउमीन की मांग सबसे अधिक रही। खास बात यह रही कि बच्चे स्वयं ही खरीद-बिक्री की जिम्मेदारी संभालते नजर आए, जिससे उनमें आत्मविश्वास और व्यावहारिक समझ स्पष्ट दिखी।

                                         

विद्यालय की निर्देशिका वंदना राय ने बताया कि बाल मेले के आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है, ताकि वे पढ़ाई के साथ-साथ मनोरंजन और बाजार की बुनियादी समझ भी हासिल कर सकें। वहीं प्रधानाध्यापक त्रिलोचन कुमार ने कहा कि बच्चों के अंदर कलात्मक और रचनात्मक विकास के लिए ऐसे आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं और बाल मेला इसका बेहतरीन उदाहरण है।

                                     

खाने-पीने के स्टॉलों के साथ-साथ मेले में बच्चों के मनोरंजन के लिए मिकी माउस स्लाइडिंग, जंपिंग यार्ड, प्लेन स्लाइडर, झूला जैसी व्यवस्थाएं की गई थीं। इसके अलावा रंग-बिरंगे गुब्बारे, बांसुरी और तरह-तरह के खिलौनों ने मेले की रंगत को और बढ़ा दिया। छोटे से लेकर बड़े खिलौनों तक की खूब बिक्री हुई और बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ झलकती रही।

कार्यक्रम का प्रबंधन संभाल रहीं उप निर्देशिका जिज्ञासा कुमारी ने बताया कि उम्मीद से कहीं अधिक संख्या में अभिभावक मेले में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता का श्रेय विद्यालय परिवार, बच्चों और अभिभावकों की सामूहिक मेहनत को दिया।


बाल मेले में खुशी कुमारी, मानवी राय, साक्षी कुमारी, मोनालिका, अनुराधा, लक्ष्मी, प्रतिज्ञा, सपना, अदिति सिंह, कुमार प्रगति, अनमोल कुमार, पियूष पाठक सहित कई बच्चों ने स्टॉलों की जिम्मेदारी निभाई। शिक्षकों में लालसा मिश्रा, नूतन राय, नीलम कुमारी, प्रीति कुमारी, प्रिया कुमारी, मधु कुमारी, मिस तनु, प्रमोद कुमार, नितीश कुमार, बैजनाथ पांडेय, अनुज कुमार सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।

                                       

कुल मिलाकर एस.एस. कॉन्वेंट स्कूल का यह बाल मेला न सिर्फ बच्चों की प्रतिभा और आत्मनिर्भरता का मंच बना, बल्कि माता-पिता के प्रति सम्मान, संस्कार और भावनात्मक जुड़ाव का भी सुंदर संदेश दे गया।

माता-पिता के आशीर्वाद से सजा बाल मेले का शानदार संसार, एस.एस. कॉन्वेंट स्कूल में बच्चों ने खिलाया लज़ीज़ व्यंजन और दिखाया व्यापारिक समझ

मुखिया हो तो ऐसा! निजी खर्च से बनाया 10 लाख का रोड, बांटे 500 कंबल—बेबसों के बने सहारा 

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बक्सर/राजपुर –मगराव आज के समय मे हर काम के लिए लोभ हर किसी को राहत है। लेकिन बक्सर जिले में एक ऐसा भी पंचायत है जिस पंचायत के प्रतिनिधि के ऊपर यह कहावत फिट बैठती है। मुखिया हो तो ऐसा! जब जनता के लिए काम करने की बात आई तो ( आनंद प्रकाश सिंह ) ने किसी सरकारी फंड का इंतज़ार नहीं किया। उन्होंने अपने निजी पैसों से करीब 10 लाख रुपये खर्च कर पक्की सड़क का निर्माण करवा दिया। 


यही नहीं उनके द्वारा  बीते तकरीबन 11 वर्षों से कठोर सर्दी में गरीब और बेसहारा लोगों की पीड़ा समझते हुए कंबल वितरण किया जा रहा है। वही 14 जनवरी को भी 500 कंबल वितरित किए, जिससे जरूरतमंदों के चेहरों पर उम्मीद की किरण दिखाई दी। इस नेक पहल के बाद गांव के लोग मुखिया की जमकर सराहना कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब दूसरों ने वादे किए, उनके मुखिया ने उन्हें पूरा कर दिखाया। 

कार्यक्रम के दौरान स्थानीय गणमान्य लोग, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। लोगों ने ऐसे जनप्रतिनिधि पर गर्व जताते हुए कहा कि “ये पहली बार है जब हमने देखा कि कोई मुखिया अपने पैसों से सड़क बनवाता है । और 500 कंबल वितरण किए जो कई परिवारों को राहत दी है। “वादे बहुत सुने थे, लेकिन काम करने वाले ऐसे मुखिया कम मिलते हैं।” सरकारी योजनाएँ आने में समय लगाती हैं, लेकिन मुखिया जी ने पहल करके मिसाल पेश कर दी।” अगर पंचायतें ऐसे नेतृत्व में काम करती रहीं तो विकास अपने आप गांव तक पहुँच जाएगा।” ऐसा नेता हर गांव में होने चाहिए।”

वही इस कार्य को करने वाले मुखिया ने कहा की जनता ने मुझे सेवा का अवसर दिया है, इसलिए यह मेरा कर्तव्य है कि उनके हर सुख-दुख में साथ रहूँ।” सड़क का निर्माण किसी दिखावे के लिए नहीं, बल्कि गांव की जरूरत थी—इसलिए हमने तुरंत काम पूरा किया।” गरीबी और ठंड को समझना होगा। अगर हम सब थोड़ा-थोड़ा भी मदद करें तो कोई बेसहारा नहीं रहेगा।”

“अगर हर पंचायत में ऐसे लोग हों तो गांवों की तस्वीर बदलते देर नहीं लगेगी।”

मुखिया हो तो ऐसा! निजी खर्च से बनाया 10 लाख का रोड, बांटे 500 कंबल—बेबसों के बने सहारा”

बक्सर के इस होटल में संदिग्ध रूप से एक महिला के साथ रूम में मिला व्यक्ति जाने पूरा मामला

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बक्सर / दिनांक 28 दिसंबर 2025 को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के साथ अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर द्वारा रेलवे स्टेशन बक्सर के पास स्थित एक होटल मां वैष्णवी होटल की जांच की गई। होटल का औचक निरीक्षण किया गया था। जांच के क्रम में पाया गया कि एक व्यक्ति जिसका होटल के पंजी पर अकेली प्रविष्टि की गई थी वह संदिग्ध रूप से एक महिला के साथ होटल के कमरे में पाया गया। जांच के क्रम में प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि होटल में देह व्यापार के धंधे को अंजाम दिया जाता है।


होटल में ठहरे हुए युवक-युवती पति-पत्नी प्रतीत नहीं हो रहे थे आगंतुक पंजी में भी उनके संबंध में की गई प्रविष्टि अस्पष्ट थ पंजी के कलम 3 में परिवार अंकित नहीं किया गया था जबकि रुकने वाला व्यक्ति का दावा था कि वह अपनी पत्नी के साथ होटल में ठहरा हुआ है। इसके अतिरिक्त आगंतुक पंजी के क्रमांक 6 में भुगतान की राशि भी अंकित नहीं की गई थी। इससे यह प्रतीत हो रहा था कि होटल द्वारा टैक्स की चोरी करने का भी प्रयास किया जा रहा है और सरकार को राजस्व की हानि पहुंचाई जा रही थी।

बक्सर के इस होटल में संदिग्ध रूप से एक महिला के साथ रूम में मिला व्यक्ति जाने पूरा मामला

मतदान प्रतिशत को लेकर उठा सवाल — शाम 5 बजे के बाद अन्य क्षेत्रों में बढ़ा मतदान, वहीं डुमरांव में मात्र 1.55% की वृद्धि, प्रत्याशी और मतदाता हैरान

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बक्सर, 7 नवम्बर 2025: डुमरांव विधानसभा क्षेत्र में हुए मतदान को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। जहाँ जिले के अन्य विधानसभा क्षेत्रों में शाम 5 बजे के बाद मतदान प्रतिशत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई, वहीं डुमरांव में मात्र 1.55% वोटों की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे प्रत्याशी और मतदाता दोनों ही हैरान हैं।


चुनाव आयोग के अनुसार, डुमरांव में शाम 5 बजे तक मतदान प्रतिशत लगभग 59.00% था, जबकि रात तक यह केवल 60.55% तक पहुँचा। 

इसके विपरीत बक्सर में मतदान प्रतिशत लसगभग 57.74% था जबकि यह बढ़कर 65.41% 

राजपुर में मतदान प्रतिशत लसगभग 53.55% था जबकि यह बढ़कर 62.67% 

ब्रह्मपुर में मतदान प्रतिशत लसगभग 50.76% था जबकि यह बढ़कर 59.76% 


किस विधानसभा में कितना बढ़ा मतदान प्रतिशत

ब्रह्मपुर विधानसभा 9.00%

बक्सर विधानसभा 7.67%

डुमराँव विधानसभा 1.55%

राजपुर विधानसभा 9.12% 

स्थानीय प्रत्याशियों ने इस पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि डुमरांव में मतदान केंद्रों पर शाम तक भारी भीड़ थी, ऐसे में केवल 1.55% की वृद्धि आंकड़ों पर सवाल खड़ा करती है। कई मतदाताओं ने भी दावा किया कि उन्होंने देर शाम तक मतदान किया, लेकिन यह आंकड़ों में परिलक्षित नहीं हो रहा है।

प्रत्याशी दलों का कहना है कि अगर बाकी क्षेत्रों में मतदान में समानुपातिक वृद्धि हो सकती है, तो डुमरांव में यह इतना कम क्यों रहा? स्थानीय नागरिकों ने भी इस पर चिंता व्यक्त की है और कहा है कि लोकतंत्र के इस पर्व में पारदर्शिता सबसे अहम है। 


वहीं, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी अमित कुमार ने स्पष्ट किया कि “ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से प्राप्त आंकड़ों को मिलाने की प्रक्रिया जारी है. पहली बार मतदान संबंधी आंकड़े ऐप के जरिए अपडेट किए जा रहे थे, जिसके कारण तकनीकी परेशानी सामने आई है. बहुत जल्द जिले का अंतिम मतदान प्रतिशत साझा किया जाएगा.”

प्रशासन की ओर से फिलहाल यह भरोसा दिलाया गया है कि अंतिम और सटीक आंकड़े शीघ्र जारी कर दिए जाएंगे, लेकिन मतदाताओं और राजनीतिक दलों के बीच प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं.

मतदान प्रतिशत को लेकर उठा सवाल — शाम 5 बजे के बाद अन्य क्षेत्रों में बढ़ा मतदान, वहीं डुमरांव में मात्र 1.55% की वृद्धि, प्रत्याशी और मतदाता हैरान

NDA प्रत्याशी आनंद मिश्रा के समर्थन में भोजपुरी गायक पवन सिंह 1 नवंबर को बक्सर में करेंगे रोड-शो

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बक्सर-बिहार विधानसभा चुनाव के बीच जिले में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जिला निर्वाचन क्षेत्र बक्सर के एनडीए द्वारा समर्थित उम्मीदवार आनंद मिश्रा के समर्थन में भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह का रोड-शो आयोजित किया गया है, जिसकी तिथि तय कर ली गई है—1 नवंबर 2025 को दोपहर 2 बजे से शुरू होगा।

विवरण

  • आयोजन स्थान: बक्सर के ऐतिहासिक किला मैदान से कुँवर सिंह चौक होते हुए पी पी रोड,मुनीम चौक,जमुना चौक,ठठेरी बाज़ार मोड़,से होकर मेन रोड,मॉडल थाना,ज्योति चौक,आईटीआई न्यू रोड से होकर हवाई अड्डा जाएगी।

  • समय: दोपहर 2 बजे से शुरुआत, रोड-शो का समापन लगभग शाम 4 बजे होगा।

  • इसमें पवन सिंह के साथ आनंद मिश्रा, स्थानीय भाजपा/एनडीए नेता तथा समर्थक शामिल होंगे।

  • रोड-शो के दौरान NDA प्रत्याशी के लिए वोट का करेंगे पॉवर स्टार अपील


उद्देश्य

आनंद मिश्रा ने कहा कि यह रोड-शो सिर्फ उनके लिए नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र में विकास, रोजगार और युवा सशक्तिकरण के लिए एक संदेश होगा। पवन सिंह के आने से युवा वर्ग में उत्साह बढ़ने की संभावना है।

प्रत्याशा एवं प्रभाव

  • स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पवन सिंह की लोकप्रियता युवा मतदाताओं को अभिकर्षित कर सकती है।

  • रोड-शो में भारी जनसैलाब की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे बक्सर क्षेत्र की राजनीतिक दिशा पर असर पड़ेगा।

NDA प्रत्याशी आनंद मिश्रा के समर्थन में भोजपुरी गायक पवन सिंह 1 नवंबर को बक्सर में करेंगे रोड-शो

हॅराइज़न एकेडमी ऑफ एजुकेशन के छात्र-छात्राओं ने हर्षोल्लास के साथ मनाया छठ महापर्व

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बक्सर :- जिले के सिमरी प्रखंड अंतर्गत हॅराइज़न एकेडमी ऑफ एजुकेशन स्कूल में छठ महापर्व बड़े ही श्रद्धा और भक्ति के माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर स्कूल के छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक तरीके से सूर्य देव और छठी मइया की पूजा-अर्चना कर समाज में आस्था और संस्कृति का संदेश दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल प्रांगण में बनाए गए कृत्रिम घाट पर हुई, जहां छात्र-छात्राओं ने छठ गीतों की सुंदर प्रस्तुति दी। बच्चों ने पारंपरिक वस्त्र पहनकर “पहिले पहिल छठी मइया” और “कांचे ही बांस के बहंगिया” जैसे लोकगीतों को प्रस्तुत किया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।

स्कूल की निर्देशिका नंदनी तिवारी ने कहा कि “छठ महापर्व केवल पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, स्वच्छता और आस्था का प्रतीक है। हमारे छात्रों ने इस पर्व के माध्यम से बिहार की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया है।”

विद्यालय के प्रबंध निदेशक भवेश कुमार तिवारी ने व्रती प्रतिभागियों का छठ घाट पर स्वागत करते हुए बताया कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ना है। 

स्कूल के प्राचार्य उत्तम कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में विद्यालय के शिक्षक सुधांशु चौबे एवं हरेराम ओझा ने घाट निर्माण एवं सजावट का कार्यभार संभाला वहीं रितेश कुमार एवं सुधांशु तिवारी ने संगीत संचालन में अपना योगदान दिया। समन्वयक रघुनाथ पाण्डेय ने अर्ध्य दिलाई जबकि तेज नारायण ओझा ने मंत्रोच्चार का कार्यक्रम संपन्न कराया। वरीय शिक्षिका मौसम कुमारी के नेतृत्व में सभी शिक्षिकाओं ने शिक्षकों के साथ अपना स‌राहनीय योगदान देकर कार्यक्रम को सफल बनाई. इस अवसर पर शिक्षकों और अभिभावकों ने भी बच्चों के उत्साहवर्धन में भाग लिया। 

हॅराइज़न एकेडमी ऑफ एजुकेशन के छात्र-छात्राओं ने हर्षोल्लास के साथ मनाया छठ महापर्व

श्रवण तिवारी बने जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद के सदस्य

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बक्सर :- बक्सर जिले के सामाजिक कार्यों में सक्रिय और जनसमस्याओं को उठाने वाले श्रवण तिवारी को जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद का सदस्य मनोनीत किया गया है। उनके इस चयन से स्थानीय लोगों और समर्थकों में खुशी की लहर है। श्रवण तिवारी लंबे समय से उपभोक्ता अधिकारों और जनहित के मुद्दों को उठाते रहे हैं। उनका मानना है कि उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा और जनजागरूकता समाज के लिए बेहद जरूरी है।


नियुक्ति के बाद उन्होंने कहा, “यह जिम्मेदारी मेरे लिए सम्मान की बात है। मैं पूरी निष्ठा के साथ उपभोक्ताओं की समस्याओं को समाधान तक पहुँचाने का प्रयास करूंगा। जिले में कोई भी उपभोक्ता शोषण का शिकार न हो, यही मेरा लक्ष्य रहेगा।”

स्थानीय लोगों का कहना है कि श्रवण तिवारी का परिषद में शामिल होना बक्सर जिले के लिए सकारात्मक कदम है। उनका अनुभव और सक्रियता जिले के उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान में मददगार साबित होगा।

इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं और संगठनों ने भी श्रवण तिवारी को बधाई दी और उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में उपभोक्ता संरक्षण परिषद और अधिक प्रभावी होगी।

श्रवण तिवारी बने जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद के सदस्य

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