anish संक्रमण काल में शारीरिक और मानसिक स्थिति को मजबूत बनायें गर्भवती महिलायें - . "body"

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 संक्रमण काल में शारीरिक और मानसिक स्थिति को मजबूत बनायें गर्भवती महिलायें


- नियमित रूप से विटामिन, कैल्सियम और आयरन की गोलियों का सेवन करना अनिवार्य

- प्रसव पूर्व जांच में न बरते कोताही, कोविड-19 के सामान्य नियमों का करें पालन

By amit kumar

M v online bihar news/बक्सर, 16 जून | कोरोना संक्रमण काल में तनाव सभी लोगों के लिए नुकसानदायक  है। इससे न केवल लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, बल्कि स्वास्थ में भी गिरावट होती है। ऐसे में गर्भवती को इस दौर में खास ख्याल रखना चाहिए। इस दौरन गर्भवती महिलाओं का शारीरिक रूप के साथ-साथ मानसिक रूप से स्वस्थ रहना भी जरूरी है। जो उनके गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन का भी मानना है कि गर्भवती महिलायें किसी भी प्रकार का मानसिक तनाव न लें। साथ ही, संक्रमण काल में उनको ज्यादा सचेत रहने की आवश्यकता है। हालांकि, संक्रमण के मद्देनजर गर्भवती महिलाओं में भी चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसे में कोविड से डरने की नहीं बल्कि लड़ने की जरूरत है। इसके लिये उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना होगा और घर से बाहर निकलने के दौरान मास्क के साथ-साथ दूसरों से दो गज की शारीरिक दूरी बनाकर रखनी होगी। जिससे वह संक्रमण की संभावना से मुक्त रह सकें।


हर माह की नौवीं  तिथि को होती है गर्भवतियों की जांच :

प्रभारी अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह सीडीओ डॉ. नरेश कुमार ने बताया, जिले में प्रत्येक माह की नौवीं तिथि को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का आयोजन सभी स्वास्थ्य केंद्र पर होता है। जिसमें गर्भवती महिलाओं को हिस्सा लेने के लिये स्थानीय एएनएम व आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा प्रेरित किया जाता है। अभियान के दौरान उनकी जांच कर दवा तथा परामर्श दिया जाता है। साथ ही, कोई दिक्कत है तो अपने क्षेत्र की आशा, एएनएम व रोग विशेषज्ञ से सलाह लेने की राय दी जाती है। उन्होंने कहा कि गर्भवती को घर पर नियमित रूप से अपने हाथों की सफाई करते रहना चाहिए। अपने चिकित्सक से घर पर स्वच्छता के तौर तरीकों के बारे में जानकारी लेकर उनका पालन करना चाहिए। गर्भवती को लंबे समय तक खाली पेट नहीं रहना चाहिए। इससे गर्भस्थ शिशु की गतिविधियों पर असर पड़ता है। 


नियमित तौर से लें आयरन और विटामिन की गोलियां :

परिवार नियोजन के सलाहकार  सह डीसीएम संतोष कुमार राय ने बताया, जिले में सदर अस्पताल समेत सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव पूर्व जांच के साथ ही आयरन व कैल्शियम की गोली के अलावा अन्य जरूरी दवाएं दी जा रही हैं। इनका उपयोग जरूर करें। इससे किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी। गर्भवती को विटामिन सी, , कैल्सियम , बी कांप्लेक्स व आयरन की गोलियां नियमित तौर पर लेते रहना चाहिए। दिन में दो घंटा व रात में सात से आठ घंटे की नींद लें। उन्होंने कहा, इन दिनों बेहद कठिन समय चल रहा है। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग , साफ-सफाई और स्वच्छता ( हाइजीन) का विशेष ध्यान दें। प्रतिदिन दो से तीन बार गरारे करें, गर्म पानी का भाप लें और गुनगुना पानी पीयें , पर्याप्त पोषण और तरल पदार्थों की मात्रा बढ़ाएं। सतर्कता के साथ अस्पताल जाएं और अपने फोन में अरोग्य सेतु डाउनलोड करें।

संक्रमण काल में शारीरिक और मानसिक स्थिति को मजबूत बनायें गर्भवती महिलायें

 संक्रमण काल में शारीरिक और मानसिक स्थिति को मजबूत बनायें गर्भवती महिलायें


- नियमित रूप से विटामिन, कैल्सियम और आयरन की गोलियों का सेवन करना अनिवार्य

- प्रसव पूर्व जांच में न बरते कोताही, कोविड-19 के सामान्य नियमों का करें पालन

By amit kumar

M v online bihar news/बक्सर, 16 जून | कोरोना संक्रमण काल में तनाव सभी लोगों के लिए नुकसानदायक  है। इससे न केवल लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, बल्कि स्वास्थ में भी गिरावट होती है। ऐसे में गर्भवती को इस दौर में खास ख्याल रखना चाहिए। इस दौरन गर्भवती महिलाओं का शारीरिक रूप के साथ-साथ मानसिक रूप से स्वस्थ रहना भी जरूरी है। जो उनके गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन का भी मानना है कि गर्भवती महिलायें किसी भी प्रकार का मानसिक तनाव न लें। साथ ही, संक्रमण काल में उनको ज्यादा सचेत रहने की आवश्यकता है। हालांकि, संक्रमण के मद्देनजर गर्भवती महिलाओं में भी चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसे में कोविड से डरने की नहीं बल्कि लड़ने की जरूरत है। इसके लिये उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना होगा और घर से बाहर निकलने के दौरान मास्क के साथ-साथ दूसरों से दो गज की शारीरिक दूरी बनाकर रखनी होगी। जिससे वह संक्रमण की संभावना से मुक्त रह सकें।


हर माह की नौवीं  तिथि को होती है गर्भवतियों की जांच :

प्रभारी अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह सीडीओ डॉ. नरेश कुमार ने बताया, जिले में प्रत्येक माह की नौवीं तिथि को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का आयोजन सभी स्वास्थ्य केंद्र पर होता है। जिसमें गर्भवती महिलाओं को हिस्सा लेने के लिये स्थानीय एएनएम व आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा प्रेरित किया जाता है। अभियान के दौरान उनकी जांच कर दवा तथा परामर्श दिया जाता है। साथ ही, कोई दिक्कत है तो अपने क्षेत्र की आशा, एएनएम व रोग विशेषज्ञ से सलाह लेने की राय दी जाती है। उन्होंने कहा कि गर्भवती को घर पर नियमित रूप से अपने हाथों की सफाई करते रहना चाहिए। अपने चिकित्सक से घर पर स्वच्छता के तौर तरीकों के बारे में जानकारी लेकर उनका पालन करना चाहिए। गर्भवती को लंबे समय तक खाली पेट नहीं रहना चाहिए। इससे गर्भस्थ शिशु की गतिविधियों पर असर पड़ता है। 


नियमित तौर से लें आयरन और विटामिन की गोलियां :

परिवार नियोजन के सलाहकार  सह डीसीएम संतोष कुमार राय ने बताया, जिले में सदर अस्पताल समेत सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव पूर्व जांच के साथ ही आयरन व कैल्शियम की गोली के अलावा अन्य जरूरी दवाएं दी जा रही हैं। इनका उपयोग जरूर करें। इससे किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी। गर्भवती को विटामिन सी, , कैल्सियम , बी कांप्लेक्स व आयरन की गोलियां नियमित तौर पर लेते रहना चाहिए। दिन में दो घंटा व रात में सात से आठ घंटे की नींद लें। उन्होंने कहा, इन दिनों बेहद कठिन समय चल रहा है। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग , साफ-सफाई और स्वच्छता ( हाइजीन) का विशेष ध्यान दें। प्रतिदिन दो से तीन बार गरारे करें, गर्म पानी का भाप लें और गुनगुना पानी पीयें , पर्याप्त पोषण और तरल पदार्थों की मात्रा बढ़ाएं। सतर्कता के साथ अस्पताल जाएं और अपने फोन में अरोग्य सेतु डाउनलोड करें।