वायरल के लक्षणों की अनदेखी न करें, कोरोना जांच कराएं : सीएस
- बदलते मौसम के कारण मौसमी बीमारी व बुखार समझ कर घरेलू इलाज कराना उचित नहीं
- जिले के सभी प्रखंडों में स्थापित किये गए हैं कोरोना स्क्रीनिंग के लिए जांच केंद्र
By amit kumar
M v online Bihar news/बक्सर, 20 अप्रैल | कोरोना के दूसरे स्ट्रेन के समय में सभी को पहले से ज्यादा सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने भी इस बात की पुष्टि की है कि पिछले बार की तुलना में कोरोना का दूसरा स्ट्रेन काफी नुकसानदायक है। ऐसे में जानकारी के अभाव में कोरोना संक्रमण को मौसमी बीमारी समझना लोगों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने बुखार के लक्षण आने पर कोरोना संक्रमण की जांच कराने की अपील की है। सदर अस्पताल के प्रबंधक दुष्यंत कुमार ने बताया इन दिनों अस्पताल में बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या में बढ़ावा हुआ है। जिसमें मरीजों के बताए अनुसार उनमें कोरोना के लक्षण देखे जा रहे हैं। हालांकि, संक्रमण के बढ़ते हुए आंकड़ों के पीछे लोगों की जागरूकता भी शामिल है। जिससे वह खुद से अपना टेस्ट करा रहे हैं।
हर वायरल बुखार नहीं होता :
सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ के अनुसार हर वायरल के कारक और लक्षण अलग-अलग होते हैं। घर में यदि बड़ों की तबीयत खराब है और फिर बच्चा बीमार हो रहा है तब यह न सोचें की यह वायरल है। जांच जरूर कराएं। लोग अब पहले से ज्यादा जागरूक हो गए है, पहले जब वे चिकित्सक के पास पहुंचते थे और कोरोना टेस्ट कराने के लिए बोला जाता था, तो वे इस बात को स्वीकार ही नहीं करते थे। अब वे खुद से जांच करा रहे हैं। जांच कराना जरूरी है तभी बच्चों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। यदि बच्चे को दो से तीन दिनों तक लगातार बुखार आ रहा है, तो उसका भी कोरोना का टेस्ट कराएं। बच्चों के साथ अभिभावकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
नियमों का सख्ती से करना होगा पालन :
सिविल सर्जन ने कहा इस बार सभी आयुवर्ग के लोगों में संक्रमण के मामले मिल रहे हैं, जो काफी चिंताजनक है। इसलिए आवश्यक है कि इससे पहले कि आप संक्रमित हो जायें जागरूक होकर सभी आयुवर्ग के लोगों को कोविड-19 के नियमों का पालन करते रहना चाहिए। इस संक्रामक वायरस से यदि जीतना है तो आवश्यक है कि यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक न जाने पाये। इसके लिए बहुत जरूरी है कि लोग कोविड- 19 के नियमों का कठोरता से पालन करें। मास्क के उपयोग को अपनी पहली प्राथमिकता में शामिल करें, दो गज की शारीरिक दूरी का संयम के साथ बनाये रखें, हाथों को बार-बार साबुन पानी या अल्कोहलयुक्त सैनिटाइजर से विषाणु मुक्त करते रहें।


