उच्च रक्तचाप का सबसे बड़ा कारण है तनावपूर्ण जीवनशैली
- अमानत ज्योति कार्यक्रम के तहत हाइपरटेंशन की जांच करने के लिए डीएमटी की सदस्यों को किया गया प्रशिक्षित
- अब उच्च रक्तचाप की पहचान कर लोगों को किया जा सकेगा सचेत, समय पर इलाज संभव
- डीएमटी की सदस्यों ने 10 प्रखंडों की एएनएम को दी इसकी जानकारी, आरोग्य दिवस के अवसर पर मिलेगी मदद
By amit kumar
M v online bihar news/बक्सर/05 जनवरी- कोरोनाकाल के दौरान जिले के लोगों में हाइपरटेंशन की शिकायतों में इजाफा हुआ है। इस क्रम में अमानत ज्योति कार्यक्रम के तहत लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ समय पर उसकी पहचान करने के लिए जीएनएम को प्रशिक्षित किया गया। जिसमें डिस्ट्रिक्ट मेंटर्स टीम (डीएमटी) की 22 मेंटर को अलग-अलग परिस्थितियों में बच्चों, महिलाओं, गर्भवती महिलाओं और अन्य लोगों का रक्तचाप जानने के लिए प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण का आयोजन जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल में किया गया। जिसमें केयर इंडिया के अधिकारियों के द्वारा जीएनएम और एएनएम को कई जानकारी दी गई। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण - 5 के अनुसार जिले में 2.0 प्रतिशत पुरुष गंभीर हाइपरटेंशन से ग्रसित हैं तथा 7.4 प्रतिशत पुरुष सामान्य हाइपरटेंशन से पीड़ित हैं। महिलाओं में यह प्रतिशत अधिक है तथा जिले की 2.8 फीसदी महिलाएं गंभीर हाइपरटेंशन से एवं 9.2 प्रतिशत महिलाएं सामान्य हाइपरटेंशन से पीड़ित हैं।
नियमित व्यायाम से हाइपरटेंशन से बचा जा सकता है :
प्रशिक्षण शिविर में सबसे पहले हाइपरटेंशन (उक्त रक्तचाप) के संबंध में जीएनएम को जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि ख़राब जीवनशैली के कारण धीरे-धीरे किशोर एवं युवक भी इस गंभीर समस्या से पीड़ित हो रहे हैं। आहार में फ़ास्टफ़ूड की जगह फलों का सेवन, सुबह जल्दी उठना एवं रात में जल्दी सोना, अवसाद एवं तनाव से बचना एवं नियमित व्यायाम से इस रोग से बचा जा सकता है। अधिकतर हाइपरटेंशन के रोगियों को मालूम भी नहीं रहता कि वह इससे ग्रसित हैं तथा इसके लक्षणों को नजरंदाज करते हैं। इसे अनदेखा करने वाले मरीजों को गंभीर बीमारियों जैसे हृदयघात, मस्तिष्कघात, लकवा, हृदयरोग, किडनी का काम करना बंद हो जाना जैसी स्थिति का सामना करना पड़सकता है।
हाइपरटेंशन के प्रमुख कारण में से एक है तनावग्रस्तजीवनशैली :
प्रशिक्षण में बताया गया तनावग्रस्त जीवनशैली हाइपरटेंशन के प्रमुख कारणों में से एक है। इसके अलावा धूम्रपान, मोटापा, अत्यधिक शराब का सेवन, अच्छी नींद का ना लेना, चिंता, अवसाद, भोजन में नमक का अधिक प्रयोग, गंभीर गुर्दा रोग, परिवार में उच्च रक्तचाप का इतिहास व थाईराइड की समस्या हाइपरटेंशन का कारण हो सकता है। उसके बाद शिविर में शामिल सभी जीएनएम को रक्तचाप मापने के लिए वीडियो के माध्यम से डिजिटल और सामान्य मशीन की जानकारी दी गई। तत्पश्चात सभी के द्वारा मशीनों के संचालन की विधियां देखी गई। इस बीच मेंटर नर्सों के सवालों के उत्तर भी दिए जा रहे थे।
10 प्रखंडों में मंगलवार को डीएमटी के मेंटर्स ने एएनएम को किया प्रशिक्षित :
केयर इंडिया की डीटीओ-ऑन तृष्णा सिंह ने बताया मंगलवार को जिले के 10 प्रखंडों में डीएमटी (डिस्ट्रिक्ट मेंटर्स टीम) के सदस्यों के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। जिसका फायदा आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित होने वाले आरोग्य दिवस के दौरान होगा। प्रशिक्षण के माध्यम से सभी जीएनएम और एएनएम को इतना दक्ष बनाया जा सकेगा कि समय से पूर्व उच्च रक्तचाप और हाइपरटेंशन की पहचान कर लोगों को इसकी जानकारी दे सकेंगी। साथ ही, उन्हें बेहतर इलाज के लिए उचित चिकित्सक से संपर्क करने के लिए प्रेरित कर सकेंगी। इसका एक फायदा यह होगा कि लोगों का समय पर इलाज शुरू हो जाएगा और उसे नियंत्रित किया जा सकेगा।

