23 दिसंबर से जिले में बच्चों को दी जाएगी विटामिन-ए की छमाही गहन खुराक
- जिले के नौ माह से लेकर पांच वर्ष के दो लाख 23 हजार 720 बच्चों को दी जाएगी खुराक
- 16 दिसंबर को प्रखंड स्तर पर आशा व एएनएम का होगा उन्मुखीकरण कार्यक्रम
By amit singh
M v online Bihar news/बक्सर, 14 दिसंबर | जिले में कोरोना काल के दौरान स्थगित हुए विटामिन-ए की छमाही गहन खुराक 23 दिसंबर से शुरू होने वाली है। इसके लिए जिला स्वास्थ्य समिति ने लगभग पूरी तैयारी कर ली है। अभियान के तहत जिले के नौ माह से लेकर पांच वर्ष तक के दो लाख 23 हजार 720 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक दी जानी है। इसके लिए सभी प्रखंडों को लक्ष्य आवंटित कर दिया गया है। सरकार ने बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार लाने एवं उनके रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के लिए यह निर्णय लिया है। वहीं दूसरी ओर, राज्य कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ व जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राज किशोर सिंह को पत्र लिखकर कार्यक्रम के लिए दिशा निर्देश जारी किया है। साथ ही, एक पीपीटी भी भेजी गई है। जिसमें कार्यक्रम हेतु जिला, प्रखंड एवं ग्रामीण स्तर पर विभिन्न प्रकार की गतिविधियों के तिथिवार क्रियान्वयन की जानकारी दी गई है।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित होने वाले आरोग्य दिवस के दौरान भी दी जाएगी खुराक :
जिला प्रतिरिक्षण पदाधिकारी डॉ. राज किशोर सिंह ने बताया विटामिन-ए की छः माही खुराक वितरण कार्यक्रम 23 दिसंबर से 26 दिसंबर तक चलाया जाएगा। वहीं, 25 दिसंबर को क्रिसमस डे का राजकीय अवकाश होने के कारण स्थानीय स्तर पर सुविधानुसार एक दिन अभियान को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। इस संबंध में माइक्रोप्लान तैयार करने एवं सभी प्रखंडों के स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया है। 09 माह से 05 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन ‘ए’ दवा पिलाने के लिए आशा कार्यकर्ता द्वारा प्रथम दिन आंगनबाड़ी केंद्रों पर, दूसरे दिन गृह भ्रमण, तीसरे दिन आंगनबाड़ी केंद्रों पर तथा चौथे दिन गृह भ्रमण करने की कार्ययोजना को बनाएंगी। साथ ही, इस दौरान आरोग्य दिवस सत्रों के लिए आशा व अन्य स्वास्थ्य कर्मी अपना तिथिवार माइक्रोप्लान अभियान के सात दिन पहले अपने संबंधित विभाग व वरीय अधिकारियों को सौंपेगे। कोई भी बच्चा खुराक से वंचित न हो, इसका विशेष ध्यान रखना है।
12 से पांच माह तक के बच्चों को दी जाएगी दो एमएल खुराक :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. सिंह ने बताया कार्यक्रम के तहत नौ से 11 माह तक के बच्चों को एक एमएल व 12 से पांच माह के बच्चों को दो एमएल विटामिन ‘ए’ की खुराक पिलानी है। नियमित टीकाकरण के दौरान विगत चार माह में जिन बच्चों को खसरे के टीके/बूस्टर डोज के साथ विटामिन ‘ए’ की खुराक पिलाई गई है, वैसे बच्चों को अभियान के दौरान विटामिन-ए की खुराक नहीं दी जानी है। उन्होंने बताया कि कोविड संक्रमण को देखते हुये गृह भ्रमण के दौरान आशा या अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता सबसे पहले बच्चें की मां या परिवार के किसी भी सदस्य को एक साफ चम्मच लाने को कहेगी। उसके बाद ही विटामिन ए की खुराक पहले एक व दो एमएल मार्किंग युक्त चम्मच में डालने के बाद उक्त खुराक को हितग्रहियों के चम्मच में डालें तत्पश्चात सम्बंधित परिवार के सदस्य द्वारा चम्मच से ही बच्चे को विटामिन ए की खुराक पिलायी जाएगी।
कंटेनमेंट जोन में नहीं चलाया जाएगा अभियान :
सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ ने बताया कार्यक्रम के पूर्व जिले की सभी आशा व एएनएम को प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिसका आयोजन पीएचसी स्तर पर किया जाएगा। जिसमें बताया जाएगा कि आशा या अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को मास्क व ग्लब्स पहनना अतिआवश्यक है। वहीं, कार्यक्रम के दौरान बच्चे में सर्दी, खांसी, बुखार का लक्षण पाए जाने पर उन्हें स्वस्थ जांच के लिए नजदीकी स्वस्थ्य केंद्र पर भेजना जरूरी है। कोविड-19 कन्टेनमेंट क्षेत्र में इस गतिविधि का आयोजन नहीं करना है। ऐसे क्षेत्रों में परिस्थिति के अनुकूल होने के उपरांत ही विटामिन ‘ए’ अनुपूरण की गतिविधि आयोजित करनी है।

