anish खाद्यान्न योजनाओं में हो रहा बंदरबाट - . "body"

    hedar kana

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 खाद्यान्न योजनाओं में हो रहा बंदरबाट 


by satendra kumar

m v online bihar news/ ।डुमरांव /प्रखंड में खाद्यान्न योजनाओं में खुब मानमानी की जा रही है ।योजनाओं के लभाथियों को हर माह में जन वितरण प्रणाली के दुकानदार नाहक दौड़ते रहते है और फिर अंत  में उन्हे यह कहकर लौटा दिया जाता है कि फिलहाल उन्हे खाद्यान्न का आवटंन  नहीं हुआ है,अधिकारी सूत्रों का कहना है कि दुकानदार नियमित रूप से खाद्यान्न का उठाव करते है लेकिन लाभार्थियों के बीच खाद्यान्न वितरित करने के बजाय खाद्यान्न को चोर बजार में खपा देते है इससे समबन्धित अधिकारियों की मिलीभगत   होती है ।ऐसी दशा में लाभार्थी मजबूरी में खुलें बाजार से ज्यादा  कीमत अदा कर खाद्यान्न खरीदते है । लाभार्थीयो का कहना है कि अगर इस मामले में कायदे से जांच हो तो न केवल दुकानदारों की कारस्तानीयां सामने आयेगी,बल्कि इनमें संलिप्त  अधिकारीयो के चेहरे भी उजागर हो जायेंगे। वही  पंचायत प्रतिनिधियो का आरोप है कि उनके लाख प्रयास के बावजूद भी दुकानदार अपने रवैया में बदलाव नहीं ला रहे है इस पर नियंत्रण पाने में आपूर्ति विभाग सहित अनुमंडलीय प्रशासन पुरी तरह विफल साबित हो रहा है ।

खाद्यान्न योजनाओं में हो रहा बंदरबाट

 खाद्यान्न योजनाओं में हो रहा बंदरबाट 


by satendra kumar

m v online bihar news/ ।डुमरांव /प्रखंड में खाद्यान्न योजनाओं में खुब मानमानी की जा रही है ।योजनाओं के लभाथियों को हर माह में जन वितरण प्रणाली के दुकानदार नाहक दौड़ते रहते है और फिर अंत  में उन्हे यह कहकर लौटा दिया जाता है कि फिलहाल उन्हे खाद्यान्न का आवटंन  नहीं हुआ है,अधिकारी सूत्रों का कहना है कि दुकानदार नियमित रूप से खाद्यान्न का उठाव करते है लेकिन लाभार्थियों के बीच खाद्यान्न वितरित करने के बजाय खाद्यान्न को चोर बजार में खपा देते है इससे समबन्धित अधिकारियों की मिलीभगत   होती है ।ऐसी दशा में लाभार्थी मजबूरी में खुलें बाजार से ज्यादा  कीमत अदा कर खाद्यान्न खरीदते है । लाभार्थीयो का कहना है कि अगर इस मामले में कायदे से जांच हो तो न केवल दुकानदारों की कारस्तानीयां सामने आयेगी,बल्कि इनमें संलिप्त  अधिकारीयो के चेहरे भी उजागर हो जायेंगे। वही  पंचायत प्रतिनिधियो का आरोप है कि उनके लाख प्रयास के बावजूद भी दुकानदार अपने रवैया में बदलाव नहीं ला रहे है इस पर नियंत्रण पाने में आपूर्ति विभाग सहित अनुमंडलीय प्रशासन पुरी तरह विफल साबित हो रहा है ।