anish सर्दी में शिशुओं व बच्चों को संक्रमित बीमारियों का अधिक खतरा - . "body"

    hedar kana

      MVONLINEBIHARNEWS के GOOGLE पेज पर आप सभी का स्वागत है. विज्ञापन या खबर देने के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क करे 7050488221 आप हमें YOUTUBE और FACEBOOK पर भी देख सकते हैं।

     



 सर्दी में शिशुओं व बच्चों को संक्रमित बीमारियों का अधिक खतरा

- सर्दी एवं संक्रमण से बचाव है जरुरी, निमोनिया से बचाव में पीसीवी टीका कारगर

- निमोनिया बच्चों में मृत्यु का प्रमुख कारण, साफ सफाई पर ध्यान देने की ज्यादा जरुरत

by amit singh

m v online bihar news/बक्सर, 02 नवंबर : सर्दी के मौसम में शिशुओं व बच्चों को संक्रमित बीमारियों का अधिक खतरा होता है। इसलिए इस मौसम में बच्चों को संक्रमित बीमारियों से बचाव पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार बच्चों में होने वाली मौतों में निमोनिया एक प्रमुख कारण है। वहीं, इन दिनों कोरोना का संक्रमण भी बच्चों के लिए घातक साबित हो सकता है। सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ ने बताया निमोनिया एक संक्रामक रोग है जो एक या दोनों फेफड़ों के वायु के थैलों को द्रव या मवाद से भरकर उसमें सूजन पैदा करता है। इससे बलगम वाली खांसी, बुखार, ठंड लगना और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। निमोनिया साधारण से जानलेवा भी हो सकता है। सर्दी के मौसम में शिशुओं को निमोनिया का खतरा अधिक होता है। इसलिए इस मौसम में शिशुओं को ठंड से बचाना चाहिए। इससे बचाव के लिए पीसीवी का टीका बच्चे को जरुर लगवाना चाहिए। 

पीसीवी वैक्सीन बच्चों को निमोनिया से बचाने में सहायक :

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राजकिशोर सिंह ने बताया पीसीवी वैक्सीन बच्चों को निमोनिया से बचाने में सहायक होता है। इसे सरकार द्वारा नियमित टीकाकरण में शामिल किया गया है। इसे तीन खुराकों में दिया जाता है तथा यह बच्चों को निमोनिया से बचाने में अहम भूमिका अदा करता है। चिकित्सक 2 साल से कम आयु के बच्चों और 2 से 5 साल के बच्चों को अलग अलग निमोनिया के टीकों की सलाह देते हैं। 


निमोनिया के लक्षण : 

- बलगम वाली खांसी, कंपकपी वाला बुखार

- सांस लेने में तकलीफ या तेजी से सांस चलना 

- सीने में दर्द या बेचैनी, भूख कम लगना

- खांसी में खून आना

निमोनिया के साथ कोरोना से बचना जरूरी : 

सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ ने बताया कि कोरोना काल में बच्चों को ठंड के साथ-साथ कोरोना संक्रमण से भी बचाना होगा। इसके लिए अभिभावकों को शिशुओं व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। अभिभावक बच्चों व उनके कपड़ों को साफ रखने की कोशिश करें। ताकि, संक्रमण का खतरा न उत्पन्न हो। इसके अलावा सर्दियों के दिनों में छह माह से अधिक उम्र के बच्चों को हल्का गर्म पानी पीने को दें। बच्चों के व्यवहार में नियमित हाथ धोने की आदत डाले। बिना मास्क के घर से बाहर न निकले और बाहर से आने वालों से नियमित (दो मीटर) दूरी बनाकर रखें।


सर्दी में शिशुओं व बच्चों को संक्रमित बीमारियों का अधिक खतरा

 सर्दी में शिशुओं व बच्चों को संक्रमित बीमारियों का अधिक खतरा

- सर्दी एवं संक्रमण से बचाव है जरुरी, निमोनिया से बचाव में पीसीवी टीका कारगर

- निमोनिया बच्चों में मृत्यु का प्रमुख कारण, साफ सफाई पर ध्यान देने की ज्यादा जरुरत

by amit singh

m v online bihar news/बक्सर, 02 नवंबर : सर्दी के मौसम में शिशुओं व बच्चों को संक्रमित बीमारियों का अधिक खतरा होता है। इसलिए इस मौसम में बच्चों को संक्रमित बीमारियों से बचाव पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार बच्चों में होने वाली मौतों में निमोनिया एक प्रमुख कारण है। वहीं, इन दिनों कोरोना का संक्रमण भी बच्चों के लिए घातक साबित हो सकता है। सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ ने बताया निमोनिया एक संक्रामक रोग है जो एक या दोनों फेफड़ों के वायु के थैलों को द्रव या मवाद से भरकर उसमें सूजन पैदा करता है। इससे बलगम वाली खांसी, बुखार, ठंड लगना और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। निमोनिया साधारण से जानलेवा भी हो सकता है। सर्दी के मौसम में शिशुओं को निमोनिया का खतरा अधिक होता है। इसलिए इस मौसम में शिशुओं को ठंड से बचाना चाहिए। इससे बचाव के लिए पीसीवी का टीका बच्चे को जरुर लगवाना चाहिए। 

पीसीवी वैक्सीन बच्चों को निमोनिया से बचाने में सहायक :

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राजकिशोर सिंह ने बताया पीसीवी वैक्सीन बच्चों को निमोनिया से बचाने में सहायक होता है। इसे सरकार द्वारा नियमित टीकाकरण में शामिल किया गया है। इसे तीन खुराकों में दिया जाता है तथा यह बच्चों को निमोनिया से बचाने में अहम भूमिका अदा करता है। चिकित्सक 2 साल से कम आयु के बच्चों और 2 से 5 साल के बच्चों को अलग अलग निमोनिया के टीकों की सलाह देते हैं। 


निमोनिया के लक्षण : 

- बलगम वाली खांसी, कंपकपी वाला बुखार

- सांस लेने में तकलीफ या तेजी से सांस चलना 

- सीने में दर्द या बेचैनी, भूख कम लगना

- खांसी में खून आना

निमोनिया के साथ कोरोना से बचना जरूरी : 

सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ ने बताया कि कोरोना काल में बच्चों को ठंड के साथ-साथ कोरोना संक्रमण से भी बचाना होगा। इसके लिए अभिभावकों को शिशुओं व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। अभिभावक बच्चों व उनके कपड़ों को साफ रखने की कोशिश करें। ताकि, संक्रमण का खतरा न उत्पन्न हो। इसके अलावा सर्दियों के दिनों में छह माह से अधिक उम्र के बच्चों को हल्का गर्म पानी पीने को दें। बच्चों के व्यवहार में नियमित हाथ धोने की आदत डाले। बिना मास्क के घर से बाहर न निकले और बाहर से आने वालों से नियमित (दो मीटर) दूरी बनाकर रखें।