फसल की कटाई के दौरान किसानों व मजदूरों को मास्क व शारीरिक दूरी का पालन करना जरूरी
- स्वास्थ्य विभाग व कृषि विभाग ने किसानों को कोविड के नियमों का पालन करने के लिए किया जागरूक
- कटनी के दौरान औजारों व मशीनों को सैनिटाइज करने की दी नसीहत
- खाना खाने के पूर्व व काम खत्म करने के बाद हाथों को अच्छे से धोने को व्यवहार में करना होगा शामिल
by amit kumar
m v online bihar newd/बक्सर, 02 नवंबर: धान का कटोरा कहे जाने वाले बक्सर जिले में लहलहाती धान के पक चुके फसलों को अब कटनी का इंतजार है। ऐसे में किसान अपनी सुविधा अनुसार फसलों की कटाई शुरू करने की तैयारी में हैं। जिले के कुछ इलाकों में फसलों की कटनी शुरू भी हो चुकी है। लेकिन, कोरोना काल में किसानों को संक्रमण के खतरे को देखते हुए कटनी का काम करना होगा जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग व कृषि विभाग किसानों को कटनी को लेकर जागरूक करने में लगा हुआ है। इसके लिए कृषि विभाग ने जिले के सभी किसान सलाहकार अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों को जागरूक करने का ज़िम्मा दिया है। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग ने किसानों को संक्रमण के खतरे से बचाव के लिए उपाए बताएं है, जिसके माध्यम से किसान व कृषि मजदूर संक्रमण से बच सकते हैं।
बाहर से आने वाले हार्वेस्टर चालक व मजदूरों से संक्रमण का खतरा :
राजपुर प्रखण्ड स्थित धनसोई के किसान गोपाल कृष्ण सिन्हा व रमेश कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन्स की पूरी जानकारी है। लेकिन, कटनी के दौरान खेतों में काम करने के लिए मजदूरों को एक-दूसरे की मदद करनी होती है। यदि मास्क का प्रयोग किया भी जाए, तो शारीरिक दूरी का पालन कराना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। ऐसे में कभी कभार नियमों का उल्लंघन भी होता है। दूसरी ओर, धान के फसल की कटनी में हार्वेस्टर की भी मदद ली जाती है जिसके लिए दूसरे राज्यों से आए हुए चालक व मजदूर आते हैं और संक्रमण का खतरा बना रहता है। हालांकि, पिछले सीजन में गेहूं की कटनी के दौरान विभाग के द्वारा जारी निर्देशों व नियमों का पालन करते हुए कृषि कार्यों को पूरा किया गया था। उसी प्रकार इस बार भी नियमों का पालन किया जाएगा।
किसानों को नियमों का पालन करना जरूरी :
सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ ने बताया किसान गोपाल कृष्ण सिन्हा व रमेश कुमार सिंह समेत जिले के सभी किसानों के लिए कोविड-19 के लिए बनाए गए नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। विभागीय दिशा-निर्देशों के मुताबिक फसल कटाई यथा संभव मशीन चलित उपकरणों से करें। हाथ से चलने वाले उपकरण काम में लेने पर उपकरणों को दिन में कम से कम तीन बार साबुन के पानी से कीटाणु रहित करें। किसान फसल कटाई में सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) की सख्ती से पालन करें। साथ ही खेत में फसल काटने एवं खाना खाते समय एक व्यक्ति से दूसरे के बीच कम से कम दो मीटर की दूरी रखें। खाने के बर्तन अलग-अलग रखें तथा प्रयोग के बाद साबुन के पानी से अच्छी तरह साफ करें।काम में लिए जाने वाले उपकरण अलग रखें :
जिला कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. राम केवल ने बताया कटनी के दौरान नियमों का पालन करना जरूरी है। इस दौरान सभी व्यक्ति अपनी अलग-अलग पानी की बोतल रखें और मुंह पर मास्क का प्रयोग करें। खेत में पर्याप्त मात्रा में पानी एवं साबुन की व्यवस्था रखें। फसल कटाई के दौरान एक व्यक्ति की ओर से काम में लिए जाने वाले उपकरणों को दूसरा व्यक्ति कतई काम में नहीं लें। कटाई करने वाले सभी व्यक्ति अपने-अपने उपकरण ही काम में लें। साथ ही, कटाई के दौरान बीच-बीच में अपने हाथों को साबुन के पानी से अच्छी तरह साफ करते रहें। उन्होंने बताया कि फसल कटाई कार्य अवधि में पहले दिन पहने कपड़े दूसरे दिन काम में न लें। काम में लिए कपड़ों को अच्छी तरह धोकर धूप में सुखाने के पश्चात ही पुनः काम में लें।


