प्राकृतिक खेती की तकनीक सीखेंगी 8 कृषि सखियां, गांवों में किसानों को करेंगी प्रशिक्षित
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MV BIHAR NEWS
बक्सर। रासायनिक खेती पर निर्भरता कम करने और किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र, बक्सर में पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना के मार्गदर्शन में प्राकृतिक खेती पर राष्ट्रीय मिशन के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के चार प्रखंडों की आठ कृषि सखियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में ब्रह्मपुर, नावानगर, डुमरांव और राजपुर प्रखंड की कृषि सखियों को प्राकृतिक खेती की विधियों, इसके लाभों तथा जैविक कृषि इनपुट तैयार करने की तकनीक सिखाई जा रही है। प्रशिक्षण के बाद कृषि सखियां किसानों के बीच इन तकनीकों का प्रचार-प्रसार कर उन्हें प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करेंगी।
इससे मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने में मदद मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. पीके द्विवेदी, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, विशेषज्ञों तथा कृषि सखियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर डॉ. देवकरन ने प्राकृतिक खेती से जुड़ी योजनाओं में कृषि सखियों की भूमिका और उनकी जिम्मेदारियों की जानकारी दी। उन्होंने घनजीवामृत एवं बीजामृत बनाने की विधि और खेती में उनके उपयोग के बारे में विस्तार से बताया। डॉ. पीके द्विवेदी ने प्राकृतिक खेती की आवश्यकता, इसकी अवधारणा और वर्तमान चुनौतियों पर प्रकाश डाला। वहीं, मुख्य प्रशिक्षक हरि गोविन्द ने प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों एवं प्रमुख घटकों की जानकारी दी। प्रखंड कृषि पदाधिकारी राजन शुक्ला ने जिले में चल रही प्राकृतिक खेती और क्लस्टर प्रदर्शनों से जुड़े अनुभव साझा किए।।प्रशिक्षण में नेहा कुमारी, माया कुमारी, रिंकु कुमारी, किरण देवी, अनीसा कुमारी, कंचन कुमारी, पूनम देवी और कंचन देवी भाग ले रही हैं।

