anish गंगौली-बलिया मुख्य मार्ग पर बढ़ा खतरा, नाम का लगा बेरिकेडिंग जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे राहगीर - . "body"

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गंगौली-बलिया मुख्य मार्ग पर बढ़ा खतरा, नाम का लगा बेरिकेडिंग जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे राहगीर

BY ADMIN

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बक्सर / गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण दियारा इलाके में हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं। पानी बढ़ने से गंगौली से बलिया जाने वाला मुख्य मार्ग भी प्रभावित होने लगा है। सड़क के आसपास पानी फैलने के कारण राहगीरों के सामने आवागमन का खतरा बढ़ गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्ग पर केवल नाम मात्र की बेरिकेडिंग की गई है, जबकि कई संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में दिन-रात इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ रही है।


सबसे बड़ी चिंता यह है कि प्रभावित मार्ग पर जिला प्रशासन के किसी पदाधिकारी की तैनाती नजर नहीं आ रही है। पानी का स्तर बढ़ने के साथ सड़क की स्थिति और भी खतरनाक होती जा रही है। यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था नहीं बढ़ाई गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। जबकी गंगा के पानी मे नहाने के लिए कम उम्र के बच्चे पहुच रहे है।

ग्रामीणों और राहगीरों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित स्थानों पर मजबूत बेरिकेडिंग के साथ पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए और जिम्मेदार पदाधिकारियों की तैनाती की जाए, ताकि लोगों की जान को खतरे में डालकर यात्रा करने की मजबूरी खत्म हो सके।

अब सवाल यह है कि प्रशासन कब जागेगा और गंगौली-बलिया मुख्य मार्ग से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे?

गंगौली-बलिया मुख्य मार्ग पर बढ़ा खतरा, नाम का लगा बेरिकेडिंग जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे राहगीर

गंगौली-बलिया मुख्य मार्ग पर बढ़ा खतरा, नाम का लगा बेरिकेडिंग जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे राहगीर

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बक्सर / गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण दियारा इलाके में हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं। पानी बढ़ने से गंगौली से बलिया जाने वाला मुख्य मार्ग भी प्रभावित होने लगा है। सड़क के आसपास पानी फैलने के कारण राहगीरों के सामने आवागमन का खतरा बढ़ गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्ग पर केवल नाम मात्र की बेरिकेडिंग की गई है, जबकि कई संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में दिन-रात इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ रही है।


सबसे बड़ी चिंता यह है कि प्रभावित मार्ग पर जिला प्रशासन के किसी पदाधिकारी की तैनाती नजर नहीं आ रही है। पानी का स्तर बढ़ने के साथ सड़क की स्थिति और भी खतरनाक होती जा रही है। यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था नहीं बढ़ाई गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। जबकी गंगा के पानी मे नहाने के लिए कम उम्र के बच्चे पहुच रहे है।

ग्रामीणों और राहगीरों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित स्थानों पर मजबूत बेरिकेडिंग के साथ पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए और जिम्मेदार पदाधिकारियों की तैनाती की जाए, ताकि लोगों की जान को खतरे में डालकर यात्रा करने की मजबूरी खत्म हो सके।

अब सवाल यह है कि प्रशासन कब जागेगा और गंगौली-बलिया मुख्य मार्ग से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे?