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चेत्र नवमी के दिन मिट्टी से बने कलश खरिदने के लिए बजारो में उमड़ी भीड़

By admin

M v online bihar news/buxar/नव दिनों के चलने वाले चेत्र नवमी के अंतिम दिन बाजारों में मिट्टी से बने कलश, दिया, एवं अन्य बर्तनों तथा गमछी और चुनरी के लिए जिले के अलग-अलग बाजारों में भीड़ देखने को मिली। जहां बाजार में फल, फूल, पूजन सामग्री की दुकानों पर भक्तों का भीड़ देखने को मिला। कहा जाता है यह की इस नवमी में मां भगवती की पूजा रात्रि में की जाती है। इस नवमी में आम के पत्ते तथा मिट्टी से बने कलश का बड़ा ही महत्व होता है। जबकि रात्रि में पूजन होने के बाद अगली सुबह राम नाम के जयकारों के साथ शोभायात्रा निकाली जाती है, जिसमें भगवान राम के जयकारों के साथ ध्वज लेकरके लोग जुलूस निकालते हैं। हालांकि पुलिस के द्वारा इस शोभा यात्रा पर नजर रहती है। ताकि कोई दंगा प्रसाद या बड़ी घटना ना कर सके।


वही मिट्टी का बर्तन बनाने वाले कारीगर ब्रह्मेश्वर कुमार प्रजापति, राजू कुमार प्रजापति ने बताया कि इस बार लोगों के घर पूजन अर्चन काफी संख्या में हो रहा है जिसके कारण हम लोगों के द्वारा बनाए गए मिट्टी के कलश का बिक्री जोर शोर पर हो रहा है। अगली बार कोरोना की वजह से हमारे धंधे पर भी असर पड़ा था। बताते चलें कि इस रामनवमी में मां शीतला की पूजा चुनरी चढ़ाकर के रात्रि में की जाती है।



चेत्र नवमी के दिन मिट्टी से बने कलश खरिदने के लिए बजारो में उमड़ी भीड़

चेत्र नवमी के दिन मिट्टी से बने कलश खरिदने के लिए बजारो में उमड़ी भीड़

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M v online bihar news/buxar/नव दिनों के चलने वाले चेत्र नवमी के अंतिम दिन बाजारों में मिट्टी से बने कलश, दिया, एवं अन्य बर्तनों तथा गमछी और चुनरी के लिए जिले के अलग-अलग बाजारों में भीड़ देखने को मिली। जहां बाजार में फल, फूल, पूजन सामग्री की दुकानों पर भक्तों का भीड़ देखने को मिला। कहा जाता है यह की इस नवमी में मां भगवती की पूजा रात्रि में की जाती है। इस नवमी में आम के पत्ते तथा मिट्टी से बने कलश का बड़ा ही महत्व होता है। जबकि रात्रि में पूजन होने के बाद अगली सुबह राम नाम के जयकारों के साथ शोभायात्रा निकाली जाती है, जिसमें भगवान राम के जयकारों के साथ ध्वज लेकरके लोग जुलूस निकालते हैं। हालांकि पुलिस के द्वारा इस शोभा यात्रा पर नजर रहती है। ताकि कोई दंगा प्रसाद या बड़ी घटना ना कर सके।


वही मिट्टी का बर्तन बनाने वाले कारीगर ब्रह्मेश्वर कुमार प्रजापति, राजू कुमार प्रजापति ने बताया कि इस बार लोगों के घर पूजन अर्चन काफी संख्या में हो रहा है जिसके कारण हम लोगों के द्वारा बनाए गए मिट्टी के कलश का बिक्री जोर शोर पर हो रहा है। अगली बार कोरोना की वजह से हमारे धंधे पर भी असर पड़ा था। बताते चलें कि इस रामनवमी में मां शीतला की पूजा चुनरी चढ़ाकर के रात्रि में की जाती है।