anish कोवैक्सीन और कोविशील्ड दोनों कोरोना संक्रमण के खिलाफ है असरदार : डीआईओ - . "body"

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 कोवैक्सीन और कोविशील्ड दोनों कोरोना संक्रमण के खिलाफ है असरदार : डीआईओ



- जिले को उपलब्ध कराई गई दोनों वैक्सीन, इच्छानुसार कोई भी वैक्सीन ले सकते हैं लाभुक

- लोगों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि दोनों डोज एक हीं टीके की लें

- कोविशील्ड की दूसरी डोज 12 सप्ताह बाद और को-वैक्सीन की दूसरी डोज 4 सप्ताह बाद लेना अनिवार्य

By amit kumar

M v online bihar news/बक्सर, 24 जून | जिले के लोगों के लिये अच्छी खबर है। राज्य सरकार और स्वास्थ्य समिति के द्वारा जिले में लोगों की सुविधा के लिये कोविशील्ड और कोवैक्सीन दोनों टीका उपलब्ध करा दिया गया है। लेकिन, दोनों वैक्सीन के कारण लोगों में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। अब लोग यह नहीं तय नहीं कर पा रहे हैं कि वह कोवैक्सीन का टीका लें या फिर कोविशील्ड का। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राज किशोर सिंह ने बताया, दोनों ही वैक्सीन स्वदेशी है। जिन्हें टीका के संपूर्ण मानकों और परिक्षणों के बाद लोगों को दिया जा रहा है। जिसका कोई भी दुष्प्रभाव नहीं है। कोवैक्सीन पारंपरिक तरीके से बनी है। यानी, इसमें डेड वायरस को शरीर के अंदर डाला जाता है, जिससे शरीर वायरस को पहचानने और उसके खिलाफ एंटीबॉडी बनाता है। वहीं, कोविशील्ड एडिनोवायरस पर आधारित वैक्सीन है । लेकिन, दोनों का काम एक ही है, दोनों ही वैक्सीन शरीर में एंटी बॉडिज बनाने में सक्षम हैं । साथ ही, लाभार्थियों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि जिस वैक्सीन की  वह पहली  डोज लेंगे, दूसरी  डोज भी उसी वैक्सीन की  लें।


वैक्सीन की दोनों डोज लेना जरूरी :

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राज किशोर सिंह ने बताया, कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध करायी गयी वैक्सीन के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। लोगों द्वारा टीकाकरण के लिए अपना ऑनलाइन पंजीकरण करवाते हुए नजदीकी टीकाकरण स्थल पर टीका लगवाया जा रहा है। लोगों को यह समझना होगा कि कोविड-19 वैक्सीन की दो डोज लिया जाना जरूरी है। उन्होंने बताया राष्ट्रीय वैक्सीन एक्सपर्ट टीम द्वारा निर्धारित समय सीमा तय किया गया है। एक्सपर्ट टीम द्वारा वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर वैक्सीन कोविशील्ड की दूसरी  डोज के  समय अंतराल में बदलाव किया गया है। अब लोगों को कोविशील्ड की दूसरी डोज 12 से 16 सप्ताह के बीच लगायी जा रही। कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए लगाये  जा रहे  दूसरे टीके कोवैक्सीन की दूसरी डोज पूर्व की तरह 4 सप्ताह के अंतराल पर ली जा सकती है।

चौगाईं प्रखंड के सभी लोगों को अब दिया जाएगा कोवैक्सीन का टीका :

यूएनडीपी के वीसीसीएम मनीष कुमार सिन्हो ने बताया, जिले के सभी चयनित स्थानों में टीकाकरण का काम चल रहा है। जिले में उपलब्ध वैक्सीन की मात्रा को देखते हुये सत्रों का संचालन किया जा रहा है। फिलहाल जिला मुख्यालय में तीन सत्रों का संचालन किया जा रहा है। सदर अस्पताल, रेडक्रॉस भवन और नगर भवन में टीकाकरण का काम चल रहा है। वहीं, डुमरांव प्रखंड के स्थानीय पीएचसी और नगर भवन में टीका दिया जा रहा है। उन्होंने बताया, जिलाधिकारी अमन समीर के निर्देश के बाद चौगाईं प्रखंड में विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। यहां पर टीके की  पहली  डोज लेने वालों को कोवैक्सीन  की पहली डोज दी जा रही है। हालांकि, पूर्व में कोविशील्ड की पहली  डोज ले चुके लाभार्थी चौगाईं पीएचसी में जाकर संबंधित वैक्सीन की दूसरी डोज ले सकते हैं।

कोवैक्सीन और कोविशील्ड दोनों कोरोना संक्रमण के खिलाफ है असरदार : डीआईओ

 कोवैक्सीन और कोविशील्ड दोनों कोरोना संक्रमण के खिलाफ है असरदार : डीआईओ



- जिले को उपलब्ध कराई गई दोनों वैक्सीन, इच्छानुसार कोई भी वैक्सीन ले सकते हैं लाभुक

- लोगों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि दोनों डोज एक हीं टीके की लें

- कोविशील्ड की दूसरी डोज 12 सप्ताह बाद और को-वैक्सीन की दूसरी डोज 4 सप्ताह बाद लेना अनिवार्य

By amit kumar

M v online bihar news/बक्सर, 24 जून | जिले के लोगों के लिये अच्छी खबर है। राज्य सरकार और स्वास्थ्य समिति के द्वारा जिले में लोगों की सुविधा के लिये कोविशील्ड और कोवैक्सीन दोनों टीका उपलब्ध करा दिया गया है। लेकिन, दोनों वैक्सीन के कारण लोगों में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। अब लोग यह नहीं तय नहीं कर पा रहे हैं कि वह कोवैक्सीन का टीका लें या फिर कोविशील्ड का। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राज किशोर सिंह ने बताया, दोनों ही वैक्सीन स्वदेशी है। जिन्हें टीका के संपूर्ण मानकों और परिक्षणों के बाद लोगों को दिया जा रहा है। जिसका कोई भी दुष्प्रभाव नहीं है। कोवैक्सीन पारंपरिक तरीके से बनी है। यानी, इसमें डेड वायरस को शरीर के अंदर डाला जाता है, जिससे शरीर वायरस को पहचानने और उसके खिलाफ एंटीबॉडी बनाता है। वहीं, कोविशील्ड एडिनोवायरस पर आधारित वैक्सीन है । लेकिन, दोनों का काम एक ही है, दोनों ही वैक्सीन शरीर में एंटी बॉडिज बनाने में सक्षम हैं । साथ ही, लाभार्थियों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि जिस वैक्सीन की  वह पहली  डोज लेंगे, दूसरी  डोज भी उसी वैक्सीन की  लें।


वैक्सीन की दोनों डोज लेना जरूरी :

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राज किशोर सिंह ने बताया, कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध करायी गयी वैक्सीन के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। लोगों द्वारा टीकाकरण के लिए अपना ऑनलाइन पंजीकरण करवाते हुए नजदीकी टीकाकरण स्थल पर टीका लगवाया जा रहा है। लोगों को यह समझना होगा कि कोविड-19 वैक्सीन की दो डोज लिया जाना जरूरी है। उन्होंने बताया राष्ट्रीय वैक्सीन एक्सपर्ट टीम द्वारा निर्धारित समय सीमा तय किया गया है। एक्सपर्ट टीम द्वारा वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर वैक्सीन कोविशील्ड की दूसरी  डोज के  समय अंतराल में बदलाव किया गया है। अब लोगों को कोविशील्ड की दूसरी डोज 12 से 16 सप्ताह के बीच लगायी जा रही। कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए लगाये  जा रहे  दूसरे टीके कोवैक्सीन की दूसरी डोज पूर्व की तरह 4 सप्ताह के अंतराल पर ली जा सकती है।

चौगाईं प्रखंड के सभी लोगों को अब दिया जाएगा कोवैक्सीन का टीका :

यूएनडीपी के वीसीसीएम मनीष कुमार सिन्हो ने बताया, जिले के सभी चयनित स्थानों में टीकाकरण का काम चल रहा है। जिले में उपलब्ध वैक्सीन की मात्रा को देखते हुये सत्रों का संचालन किया जा रहा है। फिलहाल जिला मुख्यालय में तीन सत्रों का संचालन किया जा रहा है। सदर अस्पताल, रेडक्रॉस भवन और नगर भवन में टीकाकरण का काम चल रहा है। वहीं, डुमरांव प्रखंड के स्थानीय पीएचसी और नगर भवन में टीका दिया जा रहा है। उन्होंने बताया, जिलाधिकारी अमन समीर के निर्देश के बाद चौगाईं प्रखंड में विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। यहां पर टीके की  पहली  डोज लेने वालों को कोवैक्सीन  की पहली डोज दी जा रही है। हालांकि, पूर्व में कोविशील्ड की पहली  डोज ले चुके लाभार्थी चौगाईं पीएचसी में जाकर संबंधित वैक्सीन की दूसरी डोज ले सकते हैं।