anish बक्सर जिले से टीबी उन्मूलन के लिए हर माह आयोजित होंगे अलग-अलग कार्यक्रम - . "body"

    hedar kana

      MVONLINEBIHARNEWS के GOOGLE पेज पर आप सभी का स्वागत है. विज्ञापन या खबर देने के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क करे 7050488221 आप हमें YOUTUBE और FACEBOOK पर भी देख सकते हैं।

     

 बक्सर जिले से टीबी उन्मूलन के लिए हर माह आयोजित होंगे अलग-अलग कार्यक्रम


- जून माह में टीबी उन्मूलन  के लिए महिलाओं पर अधारित विशेष अभियान के अंतर्गत आयोजित होंगे कार्यक्रम

- अभियान के माध्यम से वार्ड व पंचायत स्तर पर टीबी व उसके इलाज के संबंध में दी जायेगी जानकारी

Amit Kumar

M v online bihar news/बक्सर, 10 जून | जिले को टीबी से मुक्त करने के लिए सरकार व स्वास्थ्य समिति ने 2025 तक का समय निर्धारित किया है। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से जिले में राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) का संचालन भी किया जा रहा है। बक्सर जिले से टीबी के संपूर्ण उन्मूलन  के लिए जिलास्तर से लेकर प्रखंडों तक जागरूकता अभियान चलाये जा रहे हैं। लेकिन, अब सरकार ने इस अभियान को और भी व्यापक करने का निर्णय लिया है। जिसके माध्यम से वार्ड व पंचायत स्तर पर लोगों को टीबी व उसके इलाज के संबंध में जानकारी दी जा सकेगी। साथ ही, संक्रमण काल में टीबी उन्मूलन   कार्यक्रम की गति धीमी न हो इसके लिए भी सरकार की ओर से दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। जिससे जिला यक्ष्मा विभाग के कर्मचारी व ऑपरेटर्स कोविड-19 के साथ-साथ टीबी से लड़ने में लोगों की मदद कर सकेंगे।

गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष जांच शिविर का होगा आयोजन :

जिला यक्ष्मा पदाधिकारी  सह प्रभारी अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नरेश कुमार ने बताया, सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन्स के तहत जिलास्तर से लेकर सभी फैसिलिटी स्तर पर जून माह में ‘टीबी और महिलाएं’ थीम पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिसके तहत जिले के सभी फैसिलिटी स्तर पर विशेष जांच शिविर का आयोजन कर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं में टीबी की विशेष जांच की जाएगी। साथ ही, जिले के सभी आंगनबाड़ी सेंटर में चिकित्सकों के द्वारा कम्युनिटी मेंबर को टीबी लक्षणों की पहचान, ट्रीटमेंट सपोर्ट केयर, पोषण, सेवाएं, संक्रमण नियंत्रण, ट्रीटमेंट एडहेन्स और कॉलिएशन के प्रति उन्मुखीकरण किया जाएगा। वहीं, कार्यक्रम के दौरान टीबी से ठीक हो चुके लोग अपने अनुभवों से अन्य लोगों को अवगत कराएंगे।

एआरएसएच कार्यक्रम के तहत किशोरियों की होगी जांच :

डॉ. नरेश कुमार ने बताया इस महीने जिलेभर में रिप्रोडक्टिव एंड सेक्सुअल हेल्थ (एआरएसएच) कार्यक्रम के तहत किशोरियों में टीबी की बीमारी की जांच के लिए स्पेशल स्क्रीनिंग कैम्प का आयोजन किया जाएगा। साथ ही, इन स्थानों पर ऑडियो और वीडियो संदेशों के अलावा आईईसी मैटेरियल के प्रदर्शन के फ्लायर्स भी वितरित किये जायेंगे। उन्होंने बताया, कोरोनाकाल में टीबी उन्मूलन  अभियान की गति थोड़ी  धीमी हो गई थी। लेकिन, अब इसकी गति बढ़ाई जायेगी। इसके लिए कोविउ-19 का कार्य करते हुये  राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के कर्मी टीबी नोटिफिकेशन, ट्रीटमेंट सक्सेस रेट, टीबी रोगियों की एचआईवी टेस्ट, निक्षय पोषण योजना का भुगतान, टीबी रोगियों के यूडीएसटी, प्राइवेट चिकित्सक निक्षय पोर्टल पर लोड करना व ट्रीटमेंट सपोर्टर्स को समय पर भुगतान का कार्य करेंगे। जिससे टीबी के मरीजों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए जिलास्तर पर भी दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं।

बक्सर जिले से टीबी उन्मूलन के लिए हर माह आयोजित होंगे अलग-अलग कार्यक्रम

 बक्सर जिले से टीबी उन्मूलन के लिए हर माह आयोजित होंगे अलग-अलग कार्यक्रम


- जून माह में टीबी उन्मूलन  के लिए महिलाओं पर अधारित विशेष अभियान के अंतर्गत आयोजित होंगे कार्यक्रम

- अभियान के माध्यम से वार्ड व पंचायत स्तर पर टीबी व उसके इलाज के संबंध में दी जायेगी जानकारी

Amit Kumar

M v online bihar news/बक्सर, 10 जून | जिले को टीबी से मुक्त करने के लिए सरकार व स्वास्थ्य समिति ने 2025 तक का समय निर्धारित किया है। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से जिले में राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) का संचालन भी किया जा रहा है। बक्सर जिले से टीबी के संपूर्ण उन्मूलन  के लिए जिलास्तर से लेकर प्रखंडों तक जागरूकता अभियान चलाये जा रहे हैं। लेकिन, अब सरकार ने इस अभियान को और भी व्यापक करने का निर्णय लिया है। जिसके माध्यम से वार्ड व पंचायत स्तर पर लोगों को टीबी व उसके इलाज के संबंध में जानकारी दी जा सकेगी। साथ ही, संक्रमण काल में टीबी उन्मूलन   कार्यक्रम की गति धीमी न हो इसके लिए भी सरकार की ओर से दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। जिससे जिला यक्ष्मा विभाग के कर्मचारी व ऑपरेटर्स कोविड-19 के साथ-साथ टीबी से लड़ने में लोगों की मदद कर सकेंगे।

गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष जांच शिविर का होगा आयोजन :

जिला यक्ष्मा पदाधिकारी  सह प्रभारी अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नरेश कुमार ने बताया, सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन्स के तहत जिलास्तर से लेकर सभी फैसिलिटी स्तर पर जून माह में ‘टीबी और महिलाएं’ थीम पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिसके तहत जिले के सभी फैसिलिटी स्तर पर विशेष जांच शिविर का आयोजन कर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं में टीबी की विशेष जांच की जाएगी। साथ ही, जिले के सभी आंगनबाड़ी सेंटर में चिकित्सकों के द्वारा कम्युनिटी मेंबर को टीबी लक्षणों की पहचान, ट्रीटमेंट सपोर्ट केयर, पोषण, सेवाएं, संक्रमण नियंत्रण, ट्रीटमेंट एडहेन्स और कॉलिएशन के प्रति उन्मुखीकरण किया जाएगा। वहीं, कार्यक्रम के दौरान टीबी से ठीक हो चुके लोग अपने अनुभवों से अन्य लोगों को अवगत कराएंगे।

एआरएसएच कार्यक्रम के तहत किशोरियों की होगी जांच :

डॉ. नरेश कुमार ने बताया इस महीने जिलेभर में रिप्रोडक्टिव एंड सेक्सुअल हेल्थ (एआरएसएच) कार्यक्रम के तहत किशोरियों में टीबी की बीमारी की जांच के लिए स्पेशल स्क्रीनिंग कैम्प का आयोजन किया जाएगा। साथ ही, इन स्थानों पर ऑडियो और वीडियो संदेशों के अलावा आईईसी मैटेरियल के प्रदर्शन के फ्लायर्स भी वितरित किये जायेंगे। उन्होंने बताया, कोरोनाकाल में टीबी उन्मूलन  अभियान की गति थोड़ी  धीमी हो गई थी। लेकिन, अब इसकी गति बढ़ाई जायेगी। इसके लिए कोविउ-19 का कार्य करते हुये  राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के कर्मी टीबी नोटिफिकेशन, ट्रीटमेंट सक्सेस रेट, टीबी रोगियों की एचआईवी टेस्ट, निक्षय पोषण योजना का भुगतान, टीबी रोगियों के यूडीएसटी, प्राइवेट चिकित्सक निक्षय पोर्टल पर लोड करना व ट्रीटमेंट सपोर्टर्स को समय पर भुगतान का कार्य करेंगे। जिससे टीबी के मरीजों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए जिलास्तर पर भी दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं।