anish नहीं रहे महावीर पूजा समिति के अध्यक्ष परशुराम पाठक नौजवान युवाओं के थे प्रेरणा स्रोत - . "body"

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नहीं रहे महावीर पूजा समिति के अध्यक्ष परशुराम पाठक नौजवान युवाओं के थे प्रेरणा स्रोत


By admin

M v online bihar news/बक्सर/ जिले की सिमर प्रखंड अंतर्गत पड़ने वाले नियाज़ीपुर गांव के महावीर पूजा समिति के अध्यक्ष परशुराम पाठक अब इस दुनिया में नहीं रहे। बताया जा रहा है कि वह तकरीबन 10 दिनों से बनारस की किसी निजी अस्पताल में भर्ती थे,जहां उनका इलाज चल रहा था । वह स्वस्थ भी हो चुके थे लेकिन कल बीती रात अचानक उनकी तबीयत पूरी तरह से खराब हो गई जिसके कारण उनकी मौत हो गई। हालांकि उनके पार्थिव शरीर को सिमरी प्रखंड के नियाज़ीपुर गांव में लाया गया। 


जिसके बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यह बहुत नेक दिल इंसान थे और नौजवान युवाओं के लिए प्रेरणादायक भी थे,और यह जानवरों और पक्षियों से काफी प्रेम किया करते थे। वही इसके बारे में जानकारी देते हुए सोनू पाठक ने बताया कि तबीयत तकरीबन 10 दिनों से खराब थी । लेकिन इनके बेहतर इलाज के लिए बनारस के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था । कहां जाए  तो यह स्वस्थ भी हो चुके थे। लेकिन नियति को कौन टाल सकता। जो लिखा था वही हुआ और वह हम सभी को छोड़कर चले गए। वहीं  उनकी मौत के बाद महावीर पूजा समिति के सदस्यों में भी दुख का माहौल कायम हो गया है।


नहीं रहे महावीर पूजा समिति के अध्यक्ष परशुराम पाठक नौजवान युवाओं के थे प्रेरणा स्रोत

नहीं रहे महावीर पूजा समिति के अध्यक्ष परशुराम पाठक नौजवान युवाओं के थे प्रेरणा स्रोत


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M v online bihar news/बक्सर/ जिले की सिमर प्रखंड अंतर्गत पड़ने वाले नियाज़ीपुर गांव के महावीर पूजा समिति के अध्यक्ष परशुराम पाठक अब इस दुनिया में नहीं रहे। बताया जा रहा है कि वह तकरीबन 10 दिनों से बनारस की किसी निजी अस्पताल में भर्ती थे,जहां उनका इलाज चल रहा था । वह स्वस्थ भी हो चुके थे लेकिन कल बीती रात अचानक उनकी तबीयत पूरी तरह से खराब हो गई जिसके कारण उनकी मौत हो गई। हालांकि उनके पार्थिव शरीर को सिमरी प्रखंड के नियाज़ीपुर गांव में लाया गया। 


जिसके बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यह बहुत नेक दिल इंसान थे और नौजवान युवाओं के लिए प्रेरणादायक भी थे,और यह जानवरों और पक्षियों से काफी प्रेम किया करते थे। वही इसके बारे में जानकारी देते हुए सोनू पाठक ने बताया कि तबीयत तकरीबन 10 दिनों से खराब थी । लेकिन इनके बेहतर इलाज के लिए बनारस के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था । कहां जाए  तो यह स्वस्थ भी हो चुके थे। लेकिन नियति को कौन टाल सकता। जो लिखा था वही हुआ और वह हम सभी को छोड़कर चले गए। वहीं  उनकी मौत के बाद महावीर पूजा समिति के सदस्यों में भी दुख का माहौल कायम हो गया है।