anish निर्धारित अवधि में कोरोना के टीके का दूसरा डोज लेना बेहद जरूरी - . "body"

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 निर्धारित अवधि में कोरोना के टीके का दूसरा डोज लेना बेहद जरूरी



- एंटी बॉडीज बनने में समय लगने के कारण टीकाकरण के बाद भी नियमों का करना होगा पालन

- जिले में बढ़ते संक्रमण के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से की अपील

By amit kumar

M v online bihar news/बक्सर,/जिले में संक्रमण का प्रसार कम होने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को भी जिले में 173 नए संक्रमित लोगों की पुष्टि हुई है। जिसके बाद मरीजों की संख्या 1433 हो चुकी है। संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन व स्वास्थ्य समिति दोनों सख्ते में है। वायरस के प्रसार को कम करने के लिए सभी जुगत लगाए जा रहे हैं। ताकि, जिले के लोगों को सुरक्षित रखा जा सके। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग ने 45 वर्ष व उससे अधिक उम्र के लोगों से टीका लेने की अपील की है। खासकर उन लोगों से जिन्होंने टीके का पहला डोज ले लिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने भी माना है कि जबतक कोरोना वायरस टीका का दूसरी डोज नहीं ले लेते, तबतक शरीर कोरोना के खिलाफ प्रतिरक्षित नहीं हो सकता। लेकिन, टीका लेने के बाद भी निर्धारित अवधि तक लोगों को कोविड-19 के सामान्य नियमों का पालन करना होगा। जिससे शरीर में एंटी बॉडीज का निर्माण पूरी तरह से हो सके।

टीके का दूसरा डोज होता है बूस्टर डोज :

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी (डीआईओ) डॉ. राज किशोर सिंह ने बताया दूसरे डोज का टीका बूस्टर डोज होता है तथा कोरोना को हराने के लिए इसे लेना अनिवार्य है। उन्होंने बताया पूर्व में वैक्सीन की दूसरी डोज का टीका लेने का समय पहली डोज के 28 दिन बाद था। अब इसे बढ़ाकर छह सप्ताह से 56 दिन तक कर दिया गया है। जिसके कारण लोग असमंजस में पड़ गए हैं। लेकिन, उन्हें समझना होगा की दूसरी डोज का टीका समय पर लेने पर ही पूरी तरह असरकारी होगा। समय पर दूसरी डोज नहीं लेने से टीकाकरण कोई लाभ नहीं मिल पाएगा।

दोनों डोज लेने के बाद संक्रमण का कम होगा प्रभाव : 

यूएनडीपी के वीसीसीएम मनीष कुमार सिन्हा ने बताया सरकार अस्पताल के कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों ने टीके का दोनों डोज ले लिया है। उसके बावजूद भी उनमें संक्रमण की पुष्टि हुई। लेकिन, सबसे जरूरी बात यह है कि जिन लोगों ने टीके का दोनों डोज ले लिया है, वह संक्रमण से जल्द स्वस्थ हो रहे हैं। उनमें संक्रमण के एक या दो ही लक्षण देखने को मिल रहे हैं। जो एक अच्छा संकेत है। इसलिए लोगों को संक्रमण से बचने के लिए टीके  का  दूसरा डोज लेना अनिवार्य है।

इन मानकों का करें पालन : 

- विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।

- मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।

- साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।

- अनावश्यक यात्रा से दूर रहें और यात्रा के दौरान सैनिटाइजर का उपयोग करें।

- लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।

- बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।

निर्धारित अवधि में कोरोना के टीके का दूसरा डोज लेना बेहद जरूरी

 निर्धारित अवधि में कोरोना के टीके का दूसरा डोज लेना बेहद जरूरी



- एंटी बॉडीज बनने में समय लगने के कारण टीकाकरण के बाद भी नियमों का करना होगा पालन

- जिले में बढ़ते संक्रमण के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से की अपील

By amit kumar

M v online bihar news/बक्सर,/जिले में संक्रमण का प्रसार कम होने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को भी जिले में 173 नए संक्रमित लोगों की पुष्टि हुई है। जिसके बाद मरीजों की संख्या 1433 हो चुकी है। संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन व स्वास्थ्य समिति दोनों सख्ते में है। वायरस के प्रसार को कम करने के लिए सभी जुगत लगाए जा रहे हैं। ताकि, जिले के लोगों को सुरक्षित रखा जा सके। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग ने 45 वर्ष व उससे अधिक उम्र के लोगों से टीका लेने की अपील की है। खासकर उन लोगों से जिन्होंने टीके का पहला डोज ले लिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने भी माना है कि जबतक कोरोना वायरस टीका का दूसरी डोज नहीं ले लेते, तबतक शरीर कोरोना के खिलाफ प्रतिरक्षित नहीं हो सकता। लेकिन, टीका लेने के बाद भी निर्धारित अवधि तक लोगों को कोविड-19 के सामान्य नियमों का पालन करना होगा। जिससे शरीर में एंटी बॉडीज का निर्माण पूरी तरह से हो सके।

टीके का दूसरा डोज होता है बूस्टर डोज :

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी (डीआईओ) डॉ. राज किशोर सिंह ने बताया दूसरे डोज का टीका बूस्टर डोज होता है तथा कोरोना को हराने के लिए इसे लेना अनिवार्य है। उन्होंने बताया पूर्व में वैक्सीन की दूसरी डोज का टीका लेने का समय पहली डोज के 28 दिन बाद था। अब इसे बढ़ाकर छह सप्ताह से 56 दिन तक कर दिया गया है। जिसके कारण लोग असमंजस में पड़ गए हैं। लेकिन, उन्हें समझना होगा की दूसरी डोज का टीका समय पर लेने पर ही पूरी तरह असरकारी होगा। समय पर दूसरी डोज नहीं लेने से टीकाकरण कोई लाभ नहीं मिल पाएगा।

दोनों डोज लेने के बाद संक्रमण का कम होगा प्रभाव : 

यूएनडीपी के वीसीसीएम मनीष कुमार सिन्हा ने बताया सरकार अस्पताल के कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों ने टीके का दोनों डोज ले लिया है। उसके बावजूद भी उनमें संक्रमण की पुष्टि हुई। लेकिन, सबसे जरूरी बात यह है कि जिन लोगों ने टीके का दोनों डोज ले लिया है, वह संक्रमण से जल्द स्वस्थ हो रहे हैं। उनमें संक्रमण के एक या दो ही लक्षण देखने को मिल रहे हैं। जो एक अच्छा संकेत है। इसलिए लोगों को संक्रमण से बचने के लिए टीके  का  दूसरा डोज लेना अनिवार्य है।

इन मानकों का करें पालन : 

- विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।

- मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।

- साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।

- अनावश्यक यात्रा से दूर रहें और यात्रा के दौरान सैनिटाइजर का उपयोग करें।

- लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।

- बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।