anish इस कोरोना काल में शरिर में कम हो रहे ऑक्सीजन लेवल को कैसे बढ़ाएं - . "body"

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इस कोरोना काल में शरिर में कम हो रहे ऑक्सीजन लेवल को कैसे बढ़ाएं


होम आइसोलेट मरीजों को शरीर में ऑक्सीजन लेवल पर रखना होगा विशेष ध्यान

- बंद कमरों में रहने से संक्रमित मरीजों को करना होगा परहेज, कमरे को रखे हवादार

- प्रोन पॉजिशिनिंग का इस्तेमाल कर दूर कर सकते हैं सांस की परेशानी

बक्सर, 23 अप्रैल | जिले में बढ़ते संक्रमण के मामलों को देखकर जिला प्रशासन व स्वस्थ्य विभाग दोनों चिंतित हैं। एक ओर जहां कोविड केयर वार्ड में भर्ती मरीजों की नियमित जांच की जा रही है, वहीं होम आइसोलेट में रह रहे मरीजों का फॉलोअप भी तेज कर दिया गया है। बीते दिनों ज्यादातर मरीजों को सांस से सम्बंधित परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिसको लेकर सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ ने होम आइसोलेट मरीजों को शरीर मे ऑक्सीजन के स्तर को बनाये रखने के लिए सलाह दी है। सिविल सर्जन ने कहा कोविड संक्रमण फेफड़ों व श्वसन प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला रोग है। इसलिए शरीर को अधिक से अधिक ऑक्सीजन की जरूरत होती है। कोविड 19 संक्रमण के कारण शरीर में हुए ऑक्सीजन की कमी के गंभीर परिणाम नजर होते हैं। संक्रमित रोगी व उनकी देखभाल करने वालों को इस बात पर भी ध्यान रखना होगा कि मरीज किस प्रकार अपने शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ा सकता है।


पेट के बल सोने की दी जाती है सलाह :

सिविल सर्जन ने बताया होम आइसोलेशन या स्वास्थ्य केंद्रों में भरती मरीजों को ऑक्सीजन लेवल  बढ़ाने के लिए उन्हें बेड या जमीन पर पेट के बल सोने के लिए कहा जाता है। इसे प्रोन पॉजिशिनिंग कहा जाता है। इसमें मरीजों को पेट के बल लेटाया जाता है, जिससे उनके ऑक्सीजन लेवल में तेजी से सुधार आता है। इस पॉजिशन में मरीज का पेट बिस्तर पर और पीठ ऊपर रहना चाहिए। ऐसे सोने से फेफड़े अधिक तेजी से काम करते हैं। अधिक से अधिक समय तक इस पॉजिशन में लेटे रहें। उन्होंने बताया शरीर में ऑक्सीजन की कमी नहीं हो, इसके लिए शारीरिक रूप से एक्टिव होना बेहद जरूरी है। इसलिए शारीरिक श्रम के साथ पौष्टिक खानपान जरूरी है। भोजन में प्रचूर मात्रा में आयरन युक्त आहार ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने में मददगार है।

कमरे में अधिक लोग न हो एकत्र, मास्क का करें प्रयोग :

सिविल सर्जन डॉ. नाथ ने कहा उपचाराधीन मरीज के घर में लोग किसी भी कमरे में एक जगह ज्यादा लेाग एकत्र होने से बचें। अगर एकत्र भी हो रहे हों तो यह कोशिश करें कि वह कमरा हवादार हो। वहां हवा के आने और जाने की व्यवस्था हो। जहां तक संभव हो एक जगह ज्यादा व्यक्ति  जमा न हों। इससे संक्रमण की संभावना कम होती है। ऐसा न हो कि केवल एक आदमी किसी बंद जगह  पर वहां मौजूद सभी व्यक्ति को संक्रमित कर दे। एसी का प्रयोग न ही करें तो बेहतर है। इसके अलावा भीड़ -भाड़ वाले कमरे या स्थान पर मास्क का प्रयोग करें। मास्क को हमेशा सही स्थान पर रखें। ठुड्डी या नाक के नीचे रखा मास्क आपको संक्रमित कर सकता है।

इस कोरोना काल में शरिर में कम हो रहे ऑक्सीजन लेवल को कैसे बढ़ाएं

इस कोरोना काल में शरिर में कम हो रहे ऑक्सीजन लेवल को कैसे बढ़ाएं


होम आइसोलेट मरीजों को शरीर में ऑक्सीजन लेवल पर रखना होगा विशेष ध्यान

- बंद कमरों में रहने से संक्रमित मरीजों को करना होगा परहेज, कमरे को रखे हवादार

- प्रोन पॉजिशिनिंग का इस्तेमाल कर दूर कर सकते हैं सांस की परेशानी

बक्सर, 23 अप्रैल | जिले में बढ़ते संक्रमण के मामलों को देखकर जिला प्रशासन व स्वस्थ्य विभाग दोनों चिंतित हैं। एक ओर जहां कोविड केयर वार्ड में भर्ती मरीजों की नियमित जांच की जा रही है, वहीं होम आइसोलेट में रह रहे मरीजों का फॉलोअप भी तेज कर दिया गया है। बीते दिनों ज्यादातर मरीजों को सांस से सम्बंधित परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिसको लेकर सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ ने होम आइसोलेट मरीजों को शरीर मे ऑक्सीजन के स्तर को बनाये रखने के लिए सलाह दी है। सिविल सर्जन ने कहा कोविड संक्रमण फेफड़ों व श्वसन प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला रोग है। इसलिए शरीर को अधिक से अधिक ऑक्सीजन की जरूरत होती है। कोविड 19 संक्रमण के कारण शरीर में हुए ऑक्सीजन की कमी के गंभीर परिणाम नजर होते हैं। संक्रमित रोगी व उनकी देखभाल करने वालों को इस बात पर भी ध्यान रखना होगा कि मरीज किस प्रकार अपने शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ा सकता है।


पेट के बल सोने की दी जाती है सलाह :

सिविल सर्जन ने बताया होम आइसोलेशन या स्वास्थ्य केंद्रों में भरती मरीजों को ऑक्सीजन लेवल  बढ़ाने के लिए उन्हें बेड या जमीन पर पेट के बल सोने के लिए कहा जाता है। इसे प्रोन पॉजिशिनिंग कहा जाता है। इसमें मरीजों को पेट के बल लेटाया जाता है, जिससे उनके ऑक्सीजन लेवल में तेजी से सुधार आता है। इस पॉजिशन में मरीज का पेट बिस्तर पर और पीठ ऊपर रहना चाहिए। ऐसे सोने से फेफड़े अधिक तेजी से काम करते हैं। अधिक से अधिक समय तक इस पॉजिशन में लेटे रहें। उन्होंने बताया शरीर में ऑक्सीजन की कमी नहीं हो, इसके लिए शारीरिक रूप से एक्टिव होना बेहद जरूरी है। इसलिए शारीरिक श्रम के साथ पौष्टिक खानपान जरूरी है। भोजन में प्रचूर मात्रा में आयरन युक्त आहार ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने में मददगार है।

कमरे में अधिक लोग न हो एकत्र, मास्क का करें प्रयोग :

सिविल सर्जन डॉ. नाथ ने कहा उपचाराधीन मरीज के घर में लोग किसी भी कमरे में एक जगह ज्यादा लेाग एकत्र होने से बचें। अगर एकत्र भी हो रहे हों तो यह कोशिश करें कि वह कमरा हवादार हो। वहां हवा के आने और जाने की व्यवस्था हो। जहां तक संभव हो एक जगह ज्यादा व्यक्ति  जमा न हों। इससे संक्रमण की संभावना कम होती है। ऐसा न हो कि केवल एक आदमी किसी बंद जगह  पर वहां मौजूद सभी व्यक्ति को संक्रमित कर दे। एसी का प्रयोग न ही करें तो बेहतर है। इसके अलावा भीड़ -भाड़ वाले कमरे या स्थान पर मास्क का प्रयोग करें। मास्क को हमेशा सही स्थान पर रखें। ठुड्डी या नाक के नीचे रखा मास्क आपको संक्रमित कर सकता है।