anish इन्क्रीमेंटल लर्निंग एप्रोच के अंतर्गत दो दिवसीय प्रशिक्षण का हुआ आयोजन - . "body"

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इन्क्रीमेंटल लर्निंग एप्रोच के अंतर्गत दो दिवसीय प्रशिक्षण का हुआ आयोजन




स्टेट रिसोर्स ग्रूप के सदस्यों को किया गया प्रशिक्षित

मोडयूल 19, 20 एवं 21 पर दिया गया प्रशिक्षण 

एनीमिया, प्रसव पूर्व तैयारी, नवजात की देखभाल एवं परिवार नियोजन पर हुई चर्चा   

By amit kumar

M v online Bihar news/पटना/ 3 मार्च: एनीमिया, प्रसव पूर्व तैयारी, नवजात की देखभाल एवं परिवार नियोजन की महत्ता को उजागर करते हुए तथा इसकी जानकारी को समुदाय तक पहुंचाने के लिए आज बुधवार को समेकित बाल विकास विभाग 667 पटना स्थित निजी होटल में स्टेट रिसोर्स ग्रूप के सदस्यों का इन्क्रीमेंटल लर्निंग एप्रोच पर प्रशिक्षण दिया गया. दो दिवसीय कार्यशाला में राज्य के सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.

प्रसव पूर्व तैयारी एवं नवजात की देखभाल से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी संभव:

सहायक निदेशक, समेकित बाल विकास विभाग श्वेता सहाय ने बताया प्रसव पूर्व तैयारी एवं संस्थागत प्रसव का चयन मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में सहायक है. संस्थागत प्रसव के दौरान किसी भी जटिलता के प्रबंधन की समुचित व्यवस्था रहती है और माता एवं नवजात का पूरा ध्यान रखा जाता है. जन्म के शुरूआती एक घंटे के अन्दर स्तनपान, सभी जरुरी टीकों का लगना संस्थागत प्रसव में सुनिश्चित किया जाता है. अस्पताल से छुट्टी देते समय माता और उसके परिवारजनों को परिवार नियोजन की महत्ता एवं उसके साधनों से अवगत कराया जाता है जिससे वे इसे अपनाकर स्वस्थ रह सकें.


एनीमिया की रोकथाम से पोषण होगा सुनिश्चित:

विश्व बैंक के परामर्शकर्ता डॉ मन्त्रेश्वर झा ने बताया प्रशिक्षण के माध्यम से स्टेट रिसोर्स ग्रूप के सदस्यों को शिशु एवं किशोरियों में एनीमिया प्रबंधन, प्रसव पूर्व तैयारी, नवजात की देखभाल एवं परिवार नियोजन के महत्वों के बारे में मोडयूल 19, 20 एवं 21 द्वारा प्रशिक्षित किया गया. नवजात, शिशु एवं किशोर/किशोरियों में एनीमिया पोषित समाज की राह में अवरोधक का काम करता है. प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों एवं किशोर समूह में पोषण के सन्देश को समुदाय तक पहुंचाने में मदद मिलेगी. कुपोषण के चक्र को तोड़ने के लिए समुदाय को जागृत होने की जरुरत है ताकि पोषण के महत्त्व को समझ कर अपने व्यवहार में शामिल किया जा सके.


प्रखंड रिसोर्स ग्रूप के सदस्य करेंगे आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित:

समेकित बाल विकास विभाग के पोषण विशेषज्ञ डॉ. मनोज ने बताया प्रशिक्षण के उपरांत स्टेट रिसोर्स ग्रूप के सदस्य अपने जिलों में डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स ग्रूप के सदस्यों को प्रशिक्षित करेंगे और फिर डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स ग्रूप के सदस्य प्रखंड रिसोर्स ग्रूप के सदस्यों को प्रशिक्षित करेंगे. लाभाथियों के माध्यम से पोषण, परिवार नियोजन, प्रसव पूर्व तैयारी एवं परिवार नियोजन समुदाय तक पहुंचाने में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की अहम् भूमिका है और प्रखंड रिसोर्स ग्रूप के सदस्य उन्हें इन तमाम विषयों पर प्रशिक्षण देंगे. 

दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों के अलावा केयर इंडिया के प्रतिनिधि भी शामिल थे. प्रशिक्षण केयर इंडिया के राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों द्वारा दिया गया. केयर इंडिया के अलावा समेकित बाल विकास विभाग के कुमारी चंदा,बलिंदर सिंह, पिरामल फाउंडेशन, यूनिसेफ तथा अन्य सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे.

इन्क्रीमेंटल लर्निंग एप्रोच के अंतर्गत दो दिवसीय प्रशिक्षण का हुआ आयोजन

इन्क्रीमेंटल लर्निंग एप्रोच के अंतर्गत दो दिवसीय प्रशिक्षण का हुआ आयोजन




स्टेट रिसोर्स ग्रूप के सदस्यों को किया गया प्रशिक्षित

मोडयूल 19, 20 एवं 21 पर दिया गया प्रशिक्षण 

एनीमिया, प्रसव पूर्व तैयारी, नवजात की देखभाल एवं परिवार नियोजन पर हुई चर्चा   

By amit kumar

M v online Bihar news/पटना/ 3 मार्च: एनीमिया, प्रसव पूर्व तैयारी, नवजात की देखभाल एवं परिवार नियोजन की महत्ता को उजागर करते हुए तथा इसकी जानकारी को समुदाय तक पहुंचाने के लिए आज बुधवार को समेकित बाल विकास विभाग 667 पटना स्थित निजी होटल में स्टेट रिसोर्स ग्रूप के सदस्यों का इन्क्रीमेंटल लर्निंग एप्रोच पर प्रशिक्षण दिया गया. दो दिवसीय कार्यशाला में राज्य के सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.

प्रसव पूर्व तैयारी एवं नवजात की देखभाल से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी संभव:

सहायक निदेशक, समेकित बाल विकास विभाग श्वेता सहाय ने बताया प्रसव पूर्व तैयारी एवं संस्थागत प्रसव का चयन मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में सहायक है. संस्थागत प्रसव के दौरान किसी भी जटिलता के प्रबंधन की समुचित व्यवस्था रहती है और माता एवं नवजात का पूरा ध्यान रखा जाता है. जन्म के शुरूआती एक घंटे के अन्दर स्तनपान, सभी जरुरी टीकों का लगना संस्थागत प्रसव में सुनिश्चित किया जाता है. अस्पताल से छुट्टी देते समय माता और उसके परिवारजनों को परिवार नियोजन की महत्ता एवं उसके साधनों से अवगत कराया जाता है जिससे वे इसे अपनाकर स्वस्थ रह सकें.


एनीमिया की रोकथाम से पोषण होगा सुनिश्चित:

विश्व बैंक के परामर्शकर्ता डॉ मन्त्रेश्वर झा ने बताया प्रशिक्षण के माध्यम से स्टेट रिसोर्स ग्रूप के सदस्यों को शिशु एवं किशोरियों में एनीमिया प्रबंधन, प्रसव पूर्व तैयारी, नवजात की देखभाल एवं परिवार नियोजन के महत्वों के बारे में मोडयूल 19, 20 एवं 21 द्वारा प्रशिक्षित किया गया. नवजात, शिशु एवं किशोर/किशोरियों में एनीमिया पोषित समाज की राह में अवरोधक का काम करता है. प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों एवं किशोर समूह में पोषण के सन्देश को समुदाय तक पहुंचाने में मदद मिलेगी. कुपोषण के चक्र को तोड़ने के लिए समुदाय को जागृत होने की जरुरत है ताकि पोषण के महत्त्व को समझ कर अपने व्यवहार में शामिल किया जा सके.


प्रखंड रिसोर्स ग्रूप के सदस्य करेंगे आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित:

समेकित बाल विकास विभाग के पोषण विशेषज्ञ डॉ. मनोज ने बताया प्रशिक्षण के उपरांत स्टेट रिसोर्स ग्रूप के सदस्य अपने जिलों में डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स ग्रूप के सदस्यों को प्रशिक्षित करेंगे और फिर डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स ग्रूप के सदस्य प्रखंड रिसोर्स ग्रूप के सदस्यों को प्रशिक्षित करेंगे. लाभाथियों के माध्यम से पोषण, परिवार नियोजन, प्रसव पूर्व तैयारी एवं परिवार नियोजन समुदाय तक पहुंचाने में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की अहम् भूमिका है और प्रखंड रिसोर्स ग्रूप के सदस्य उन्हें इन तमाम विषयों पर प्रशिक्षण देंगे. 

दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों के अलावा केयर इंडिया के प्रतिनिधि भी शामिल थे. प्रशिक्षण केयर इंडिया के राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों द्वारा दिया गया. केयर इंडिया के अलावा समेकित बाल विकास विभाग के कुमारी चंदा,बलिंदर सिंह, पिरामल फाउंडेशन, यूनिसेफ तथा अन्य सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे.