ज़िलें में ट्रूनेट मशीन से होगी टीबी की जांच
• कार्यपालक निदेशक में पत्र जारी करते हुए सर्जन को दिया निर्देश
• राज्य यक्ष्मा भंडार, पटना से की जाएगी उपकरणों की आपूर्ति
• बक्सर सहित 28 जिलों में ट्रूनेट मशीन से होगी टीबी की जांच
By amit kumar
M v online Bihar news/बक्सर / 16 मार्च- अब जिले के सदर अस्पताल एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एमडीआर टीबी के मरीज की जांच ट्रूनेट मशीन से की जाएगी इसके लिए राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने पत्र जारी करते हुए सिविल सर्जन को निर्देश दिया है। जारी पत्र में बताया गया है कि टीबी जांच में आ रही दिक्कतों के आलोक में यह निर्णय लिया गया है. भारत में 2025 तक उन्मूलन का लक्ष्य रखा है जिसमें यह मशीन काफी सहायक सिद्ध हो सकती है.
राज्य। यक्ष्मा भंडार, पटना से की जाएगी उपकरणों की आपूर्ति:
जारी पत्र में बताया गया है कि अपर उपाधीक्षक सह सहायक अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी से समन्वय स्थापित कर राज्य यक्ष्मा भंडार, पटना से उपकरणों की प्राप्ति की जाए. पत्र में बताया गया है कि उपकरणों की उपलब्धता जिले में सुनिश्चित कर जिले में तत्काल प्रभाव से टीबी की जांच शुरू की जाए.
बक्सर सहित 28 जिलों में ट्रूनेट मशीन से होगी टीबी की जांच:
जारी पत्र में बताया गया है कि राज्य के 28 जिलों में ट्रूनेट मशीन से टीबी की जांच की जांच की जाएगी. इसमें बक्सर सहित अररिया, औरंगाबाद, भागलपुर, कैमूर, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, गया, जमुई, जहानाबाद, नालंदा , कटिहार, किशनगंज, मधेपुरा, मुंगेर, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, पटना , नवादा, पुर्णिया , रोहतास, सहरसा, सारण, सीतामढ़ी, सिवान, सुपौल, वैशाली एवं पश्चिमी चंपारण जिले शामिल हैं.
24 मार्च को मनाया जाएगा विश्व यक्ष्मा दिवस :
प्रतिवर्ष 24 मार्च को विश्व यक्ष्मा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस बार सहयोगी संस्था केयर इंडिया के द्वारा सभी प्रखंड मुख्यालयों में विश्व यक्ष्मा दिवस मनाने में सहयोग किया जाएगा। इसके तहत टीबी पेशेंट सपोर्ट ग्रुप मीटिंग के माध्यम से जनप्रतिनिधि, धार्मिक संस्थाओं के प्रमुखों, टीबी चैंपियन, ट्रीटमेंट सपोर्टर, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के बीच राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं, निक्षय पोषण योजना आदि विषय पर व्यापक जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम के लिए केयर इंडिया के जिला प्रतिनिधि के द्वारा रोस्टर भी तैयार किया जाएगा।
हर व्यक्ति की नि:शुल्क जांच व इलाज:
जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ नरेश कुमार ने बताया जिले के सभी प्रखंडों में प्राथमिक या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी के मरीजों के इलाज की नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध है। जहां पर वह अपना इलाज करा सकते हैं । इसके साथ उनको नि:शुल्क दवा भी दी जाती है। जो नजदीक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है। इससे टीबी के मरीजों को काफी सहूलियत होती है। टीबी मुक्त बनाने का संकल्प है और इसीलिए टीबी रोग की रोकथाम के विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। टीबी रोगी सघन खोज अभियान में टीबी के लक्षण मिलने पर उसके बलगम की जांच की जाती है। साथ ही टीबी रोग पर नियंत्रण करने के लिए लोगों को सावधानियां बताते हुए जागरूक करने का प्रयास भी किया गया है।

