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 बक्सर के तीन पीएचसी पर जल्द शुरू होगी ई-संजीवनी ओपीडी


- बक्सर, चौसा व डुमरांव प्रखंड स्थित सरकारी अस्पताल में मॉक ड्रिल (ड्राई रन) हुआ सम्पन्न

- ग्रामीण इलाकों के मरीज अब ऑनलाइन ले सकेंगे चिकित्सकों से परामर्श

By admin

M v online bihar news/बक्सर, 29 जनवरी | कोविड-19 के संक्रमण काल में चिकित्सीय सेवा को बेहतर व सुलभ बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने कवायद तेज कर दी है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग घर बैठे ही बेहतर व विशेषज्ञ चिकित्सकों से इलाज करा सकेंगे। इसके लिए ई-टेलीमेडिसिन सेवा ई-संजीवनी शुरू की जा रही है | इस क्रम में जिला स्वास्थ्य समिति ने तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का चयन किया है। जिसमें बक्सर, चौसा और डुमरांव पीएचसी शामिल हैं। इस सम्बंध में डीपीएम संतोष कुमार ने बताया मरीजों को चिकित्सीय सुविधा देने के किए स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में ई-टेलीमेडिसिन सेवा ई-संजीवनी एक ऐसी सुविधा है, जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके सुदूर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा सकती है। इसके तहत चिकित्सकीय शिक्षा, प्रशिक्षण और इसका प्रबंधन तक शामिल हैं। इसमें इलेक्ट्रॉनिक तरीके से मरीज चिकित्सकीय जानकारी भेज सकते हैं और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की मदद से रियल टाइम परिस्थितियों में सहायता प्राप्त कर सकते हैं।


ड्राई रन का हुआ सफल संचालन :

सदर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुधीर कुमार ने बताया ई-टेलीमेडिसिन के माध्यम से सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अब बेहतर व विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके लिए सरकार द्वारा जिले के स्वास्थ संस्थानों में हब एंड स्कोप प्रणाली से टेलीमेडिसिन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन के सफल क्रियान्वयन को लेकर जिला  में गुरुवार को ड्राई रन का आयोजन किया गया। यह एक ऐसी सुविधा है, जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके सुदूर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा सकती है। कोरोना जैसी महामारी में लोगों के लिए सच में यह हब संजीवनी का काम करेगी।

मरीजों को मिल सकेगा निःशुल्क परामर्श :

एमओआईसी डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि इस सुविधा के जरिये सामान्य बीमारियों जैसे सर्दी, बुखार, खांसी, सिर दर्द, पेट दर्द, त्वचा संबंधी बीमारी, संक्रामक रोग, शुगर, ब्लड प्रेशर, कैंसर आदि के उपचार के लिए टेलीमेडिसिन के जरिये चिकित्सक व विशेषज्ञ से निःशुल्क परामर्श लिया जा सकता है। उन्होंने उन्होने बताया कि यदि मरीज के पास एंड्राइड एण्ड्रोइड-स्मार्ट फोन है तो वह ‘ई-संजीवनी ओपीडी एप’ को इंस्टाल करके या फिर ‘ई-संजीवनी डॉट इन’ पोर्टल पर जाकर सुविधा प्राप्त कर सकता है। उन्होंने बताया कि इस प्रणाली पर संबंधित एएनएम एवं चिकित्सा पदाधिकारियों का प्रशिक्षण डेमो एप पर कराया गया है। 

ई संजीवनी हब एंड स्पोक प्रणाली से काम करेगी :

सदर प्रखंड के स्वास्थ्य उत्प्रेरक प्रिंस कुमार सिंह ने बताया ई संजीवनी टेलीमेडिसिन का क्रियान्वयन हब एवं स्पोक प्रणाली के रूप में होगा। इसमें मरीज पहले एएनएम के पास कॉल करेंगे। फिर एएनएम मरीज की सभी जानकारी लेकर उसे डॉक्टर के पास फारर्वड करेंगी। जिसमें समयानुसार विशेषज्ञ चिकित्सक टेलीमेडिसिन के माध्यम से मरीजों को सलाह देने के लिए उपलब्ध होंगे।

बक्सर के तीन पीएचसी पर जल्द शुरू होगी ई-संजीवनी ओपीडी

 बक्सर के तीन पीएचसी पर जल्द शुरू होगी ई-संजीवनी ओपीडी


- बक्सर, चौसा व डुमरांव प्रखंड स्थित सरकारी अस्पताल में मॉक ड्रिल (ड्राई रन) हुआ सम्पन्न

- ग्रामीण इलाकों के मरीज अब ऑनलाइन ले सकेंगे चिकित्सकों से परामर्श

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M v online bihar news/बक्सर, 29 जनवरी | कोविड-19 के संक्रमण काल में चिकित्सीय सेवा को बेहतर व सुलभ बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने कवायद तेज कर दी है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग घर बैठे ही बेहतर व विशेषज्ञ चिकित्सकों से इलाज करा सकेंगे। इसके लिए ई-टेलीमेडिसिन सेवा ई-संजीवनी शुरू की जा रही है | इस क्रम में जिला स्वास्थ्य समिति ने तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का चयन किया है। जिसमें बक्सर, चौसा और डुमरांव पीएचसी शामिल हैं। इस सम्बंध में डीपीएम संतोष कुमार ने बताया मरीजों को चिकित्सीय सुविधा देने के किए स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में ई-टेलीमेडिसिन सेवा ई-संजीवनी एक ऐसी सुविधा है, जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके सुदूर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा सकती है। इसके तहत चिकित्सकीय शिक्षा, प्रशिक्षण और इसका प्रबंधन तक शामिल हैं। इसमें इलेक्ट्रॉनिक तरीके से मरीज चिकित्सकीय जानकारी भेज सकते हैं और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की मदद से रियल टाइम परिस्थितियों में सहायता प्राप्त कर सकते हैं।


ड्राई रन का हुआ सफल संचालन :

सदर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुधीर कुमार ने बताया ई-टेलीमेडिसिन के माध्यम से सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अब बेहतर व विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके लिए सरकार द्वारा जिले के स्वास्थ संस्थानों में हब एंड स्कोप प्रणाली से टेलीमेडिसिन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन के सफल क्रियान्वयन को लेकर जिला  में गुरुवार को ड्राई रन का आयोजन किया गया। यह एक ऐसी सुविधा है, जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके सुदूर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा सकती है। कोरोना जैसी महामारी में लोगों के लिए सच में यह हब संजीवनी का काम करेगी।

मरीजों को मिल सकेगा निःशुल्क परामर्श :

एमओआईसी डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि इस सुविधा के जरिये सामान्य बीमारियों जैसे सर्दी, बुखार, खांसी, सिर दर्द, पेट दर्द, त्वचा संबंधी बीमारी, संक्रामक रोग, शुगर, ब्लड प्रेशर, कैंसर आदि के उपचार के लिए टेलीमेडिसिन के जरिये चिकित्सक व विशेषज्ञ से निःशुल्क परामर्श लिया जा सकता है। उन्होंने उन्होने बताया कि यदि मरीज के पास एंड्राइड एण्ड्रोइड-स्मार्ट फोन है तो वह ‘ई-संजीवनी ओपीडी एप’ को इंस्टाल करके या फिर ‘ई-संजीवनी डॉट इन’ पोर्टल पर जाकर सुविधा प्राप्त कर सकता है। उन्होंने बताया कि इस प्रणाली पर संबंधित एएनएम एवं चिकित्सा पदाधिकारियों का प्रशिक्षण डेमो एप पर कराया गया है। 

ई संजीवनी हब एंड स्पोक प्रणाली से काम करेगी :

सदर प्रखंड के स्वास्थ्य उत्प्रेरक प्रिंस कुमार सिंह ने बताया ई संजीवनी टेलीमेडिसिन का क्रियान्वयन हब एवं स्पोक प्रणाली के रूप में होगा। इसमें मरीज पहले एएनएम के पास कॉल करेंगे। फिर एएनएम मरीज की सभी जानकारी लेकर उसे डॉक्टर के पास फारर्वड करेंगी। जिसमें समयानुसार विशेषज्ञ चिकित्सक टेलीमेडिसिन के माध्यम से मरीजों को सलाह देने के लिए उपलब्ध होंगे।