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संत जॉन सेकंडरी स्कूल कोविड-19 टीकाकरण पर आयोजित प्रतियोगिता में हुए शामिल 

सीफ़ार के सहयोग से क्विज व भाषण प्रतियोगिता का
 हुआ आयोजन

•बच्चों की सकारात्मक सोच से दिखा जागरूकता का असर 

•समुदाय को कोरोना पर जागरूक करने का बच्चों ने लिया संकल्प


By admin

M v online bihar news/बक्सर/ 28 जनवरी | कोरोना संक्रमण काल में युवाओं व बच्चों की जागरूकता सामुदायिक जागरूकता की सूत्रधार बन सकती है। इसी उद्देश्य के साथ सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफ़ार) संस्था ने गुरुवार को डुमरांव के श्री काली नगर स्थित संत जॉन सेकंडरी स्कूल परिसर में स्कूली बच्चों के बीच क्विज व भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस दौरान युवाओं में कोविड-19 को लेकर जानकारी देखने लायक थी। 



कोविड-19 टीकाकरण पर केन्द्रित क्विज, भाषण एवं लेखन प्रतियोगिता में बच्चों की भागीदारी एवं उनकी जागरूकता आने वाले समय में सामुदायिक आंदोलन में तब्दील होने का संकेत था। प्रतियोगिता में पहले स्थान पर राजनदंनी सिंह, दूसरे स्थान पर मानवी सिंह व तीसरे स्थान पर भास्कर सिंह रहे। सभी विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मौके पर प्राचार्य आशीष देवनाथ, राकेश पांडेय, अरुण श्रीवास्तव, सोमनाथ तिवारी, अनीश अख्तर खान, अनु कुमार तिवारी, नागेंद्र नाथ ओझा, राधा रामन मिश्रा, संजू सिंह, निवेदिता दुबे मौजूद रहे ।  


युवाओं की सक्रियता बड़े बदलाव की सूत्रधार : 

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च के डिवीजनल कोऑर्डिनेटर प्रोग्राम नवनीत सिन्हा ने कहा युवाओं की सक्रियता एवं सहभागिता हमेशा ही बड़े बदलाव का सूत्रधार बनती है। उन्होंने प्रतियोगिता में युवाओं की कोरोना पर जागरूकता की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस छोटे से जगह पर भी युवाओं के बीच कोरोना को बहुत जानकारी है। उन्होंने कहा कि युवाओं की यह जागरूकता उन तक सीमित न होकर परिवार, समुदाय एवं जिले तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 टीकाकरण होने से पूर्व जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है, जो युवाओं के माध्यम से समुदाय तक पहुंच सकती है।


शिक्षा का उपयोग लोगों को जागरूक करना भी है :

संत जॉन सेकंडरी स्कूल के निदेशक डॉ. रमेश सिंह ने कोरोना जैसे संवेदनशील मुद्दे पर युवाओं की भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में कोरोना को हराने का सबसे शक्तिशाली हथियार जागरूकता ही है। इस जागरूकता को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए युवाओं की शिक्षा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि अपने समाज को कोरोना से बचाने में उनकी भूमिका अन्य लोगों से अधिक मायने रखती है। देश के भविष्य का निर्धारण हमेशा युवाओं के हाथ में होता है। महामारी के कारण देश कई तरह की समस्याओं से संघर्ष भी कर रहा है। लेकिन कोरोना के खिलाफ़ चलायी जा रही मुहिम के नेतृत्व की बाग डोर यदि बच्चों व युवा अपने हाथों में लेते हैं तो आने वाले समय में कोरोना को पूर्णता मात देने में सफलता मिलेगी


कोविड-19 टीके की हो रही तैयारी:  

डॉ. भास्कर मिश्रा ने बताया कि कोरोना-19 वैक्सीन को लेकर राज्य सरकार व प्रशासन के द्वारा जिले से प्रखंड स्तर पर तैयारियां हो रही हैं है। आगामी दिनों में चरणवार सबको टीका दिया जाएगा। लेकिन अभी भी कोरोना का संक्रमण खत्म नहीं हुआ है। इसलिए लोगों गो को मास्क, शारीरिक दूरी एवं हाथों की सफाई पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने प्रतियोगिता में युवाओं के शामिल होने पर उनको धन्यवाद ज्ञापित किया।


कोविड-19 का टीका लेना सबके लिए जरूरी : 

प्राचार्य आशीष देवनाथ ने कहा कि कोविड-19 का टीका लगवाना सबके लिए जरूरी है। हालांकि, सरकार व प्रशासन के द्वारा यह सलाह दी गई है कि किसी व्यक्ति को बीमारी से सुरक्षा पाने के लिए वैक्सीन जरूर लगवानी ना चाहिए। इसके साथ ही वैक्सीन लगवाने से कोरोना वायरस के संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सकता है। सभी व्यक्ति के लिए यह जरूरी है कि वह अपने परिवार के सदस्यों को बचाने के लिए कोरोना वायरस का टीका लगवाएं वाए। ताकि, समाज को कोरोना वायरस और उसके संक्रमण से मुक्त किया जा सके।


युवाओं की सक्रियता बड़े बदलाव की सूत्रधार : 

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च के डिवीजनल कोऑर्डिनेटर प्रोग्राम नवनीत सिन्हा ने कहा युवाओं की सक्रियता एवं सहभागिता हमेशा ही बड़े बदलाव की  सूत्रधार बनती है। उन्होंने प्रतियोगिता में युवाओं की कोरोना पर जागरूकता की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस छोटे से जगह पर भी युवाओं के बीच कोरोना को लेकर बहुत जानकारी है। उन्होंने कहा कि युवाओं की यह जागरूकता उन तक सीमित न होकर परिवार, समुदाय एवं जिले तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 टीकाकरण होने से पूर्व जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है, जो युवाओं के माध्यम से समुदाय तक पहुंच सकती है।

संत जॉन सेकंडरी स्कूल कोविड-19 टीकाकरण पर आयोजित प्रतियोगिता में हुए शामिल

संत जॉन सेकंडरी स्कूल कोविड-19 टीकाकरण पर आयोजित प्रतियोगिता में हुए शामिल 

सीफ़ार के सहयोग से क्विज व भाषण प्रतियोगिता का
 हुआ आयोजन

•बच्चों की सकारात्मक सोच से दिखा जागरूकता का असर 

•समुदाय को कोरोना पर जागरूक करने का बच्चों ने लिया संकल्प


By admin

M v online bihar news/बक्सर/ 28 जनवरी | कोरोना संक्रमण काल में युवाओं व बच्चों की जागरूकता सामुदायिक जागरूकता की सूत्रधार बन सकती है। इसी उद्देश्य के साथ सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफ़ार) संस्था ने गुरुवार को डुमरांव के श्री काली नगर स्थित संत जॉन सेकंडरी स्कूल परिसर में स्कूली बच्चों के बीच क्विज व भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस दौरान युवाओं में कोविड-19 को लेकर जानकारी देखने लायक थी। 



कोविड-19 टीकाकरण पर केन्द्रित क्विज, भाषण एवं लेखन प्रतियोगिता में बच्चों की भागीदारी एवं उनकी जागरूकता आने वाले समय में सामुदायिक आंदोलन में तब्दील होने का संकेत था। प्रतियोगिता में पहले स्थान पर राजनदंनी सिंह, दूसरे स्थान पर मानवी सिंह व तीसरे स्थान पर भास्कर सिंह रहे। सभी विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मौके पर प्राचार्य आशीष देवनाथ, राकेश पांडेय, अरुण श्रीवास्तव, सोमनाथ तिवारी, अनीश अख्तर खान, अनु कुमार तिवारी, नागेंद्र नाथ ओझा, राधा रामन मिश्रा, संजू सिंह, निवेदिता दुबे मौजूद रहे ।  


युवाओं की सक्रियता बड़े बदलाव की सूत्रधार : 

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च के डिवीजनल कोऑर्डिनेटर प्रोग्राम नवनीत सिन्हा ने कहा युवाओं की सक्रियता एवं सहभागिता हमेशा ही बड़े बदलाव का सूत्रधार बनती है। उन्होंने प्रतियोगिता में युवाओं की कोरोना पर जागरूकता की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस छोटे से जगह पर भी युवाओं के बीच कोरोना को बहुत जानकारी है। उन्होंने कहा कि युवाओं की यह जागरूकता उन तक सीमित न होकर परिवार, समुदाय एवं जिले तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 टीकाकरण होने से पूर्व जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है, जो युवाओं के माध्यम से समुदाय तक पहुंच सकती है।


शिक्षा का उपयोग लोगों को जागरूक करना भी है :

संत जॉन सेकंडरी स्कूल के निदेशक डॉ. रमेश सिंह ने कोरोना जैसे संवेदनशील मुद्दे पर युवाओं की भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में कोरोना को हराने का सबसे शक्तिशाली हथियार जागरूकता ही है। इस जागरूकता को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए युवाओं की शिक्षा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि अपने समाज को कोरोना से बचाने में उनकी भूमिका अन्य लोगों से अधिक मायने रखती है। देश के भविष्य का निर्धारण हमेशा युवाओं के हाथ में होता है। महामारी के कारण देश कई तरह की समस्याओं से संघर्ष भी कर रहा है। लेकिन कोरोना के खिलाफ़ चलायी जा रही मुहिम के नेतृत्व की बाग डोर यदि बच्चों व युवा अपने हाथों में लेते हैं तो आने वाले समय में कोरोना को पूर्णता मात देने में सफलता मिलेगी


कोविड-19 टीके की हो रही तैयारी:  

डॉ. भास्कर मिश्रा ने बताया कि कोरोना-19 वैक्सीन को लेकर राज्य सरकार व प्रशासन के द्वारा जिले से प्रखंड स्तर पर तैयारियां हो रही हैं है। आगामी दिनों में चरणवार सबको टीका दिया जाएगा। लेकिन अभी भी कोरोना का संक्रमण खत्म नहीं हुआ है। इसलिए लोगों गो को मास्क, शारीरिक दूरी एवं हाथों की सफाई पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने प्रतियोगिता में युवाओं के शामिल होने पर उनको धन्यवाद ज्ञापित किया।


कोविड-19 का टीका लेना सबके लिए जरूरी : 

प्राचार्य आशीष देवनाथ ने कहा कि कोविड-19 का टीका लगवाना सबके लिए जरूरी है। हालांकि, सरकार व प्रशासन के द्वारा यह सलाह दी गई है कि किसी व्यक्ति को बीमारी से सुरक्षा पाने के लिए वैक्सीन जरूर लगवानी ना चाहिए। इसके साथ ही वैक्सीन लगवाने से कोरोना वायरस के संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सकता है। सभी व्यक्ति के लिए यह जरूरी है कि वह अपने परिवार के सदस्यों को बचाने के लिए कोरोना वायरस का टीका लगवाएं वाए। ताकि, समाज को कोरोना वायरस और उसके संक्रमण से मुक्त किया जा सके।


युवाओं की सक्रियता बड़े बदलाव की सूत्रधार : 

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च के डिवीजनल कोऑर्डिनेटर प्रोग्राम नवनीत सिन्हा ने कहा युवाओं की सक्रियता एवं सहभागिता हमेशा ही बड़े बदलाव की  सूत्रधार बनती है। उन्होंने प्रतियोगिता में युवाओं की कोरोना पर जागरूकता की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस छोटे से जगह पर भी युवाओं के बीच कोरोना को लेकर बहुत जानकारी है। उन्होंने कहा कि युवाओं की यह जागरूकता उन तक सीमित न होकर परिवार, समुदाय एवं जिले तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 टीकाकरण होने से पूर्व जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है, जो युवाओं के माध्यम से समुदाय तक पहुंच सकती है।