परिवार नियोजन मेला का हुआ आयोजन, विभिन्न साधनों के प्रति लोगों को किया गया जागरूक
- तीन माह तक विभिन्न गतिविधियों का होगा आयोजन
- परिवार नियोजन के स्थाई व अस्थाई साधनों की जानकारी देने के लिए लगाए गए थे स्टॉल
- पुरुष व महिलाओं के बीच वितरित किये गए परिवार नियोजन के साधन
by amit kumar
M v online bihar news/बक्सर, 30 जनवरी | मिशन परिवार विकास अभियान पखवाड़ा के अंतर्गत सदर प्रखंड परिसर में शनिवार को परिवार नियोजन मेला का आयोजन किया गया। मेले में पुरुष और महिला दोनों की सहभागिता रही। मेला में लोगों को परामर्श के साथ निःशुल्क गर्भनिरोधक साधनों को उपलब्ध कराया गया । मेले में परिवर नियोजन के स्थाई एवं अस्थाई दोनों विकल्प मौजूद थे। लोग इन साधनों के बारे में और उनकी विधि, इस्तेमाल तथा प्रयोग की जानकारी ले रहे थे। मेले में लगे सभी स्टाल में प्रशिक्षित नर्स लोगों का मागदर्शन कर रही थी। सभी स्टाल पर परिवार नियोजन के विभिन्न प्रकार के साधनों का प्रदर्शन भी किया गया। मेले का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ और डीपीएम संतोष कुमार ने किया। सीएस डॉ. जितेंद्र नाथ ने कहा मिशन परिवार विकास अभियान के तहत 14 से 20 जनवरी तक जिले में दंपति संपर्क सप्ताह मनाया गया। इस दौरान आशा कार्यकर्त्ता ने घर-घर जाकर योग्य दंपतियों से भेंट कर उन्हें परिवार नियोजन के साधनों के विषय में जानकारी दी । वहीं, 21 से 31 जनवरी तक परिवार नियोजन सेवा सप्ताह का आयोजन किया गया है। ताकि, परिवार नियोजन के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। मौके पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुधीर कुमार, एफपीसीसी केयर अमलेश कुमार, बीसीएम प्रिंस कुमार सिंह व यूनिसेफ के बीएमसी आलोक कुमार मौजूद रहे।
शादी के 2 साल के बाद पहले बच्चे के लिए किया गया जागरूक :
डीपीएम संतोष कुमार ने बताया जिले में लोगों को जागरूक करने के लिए ई-रिक्शा कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। जिले के सभी प्रखंडों में ई-रिक्शा के माध्यम से माइकिंग की शुरुआत की गयी है। इस क्रम में प्रत्येक माह दस दिनों तक ई-रिक्शा के माध्यम से परिवार नियोजन पर जागरूकता अभियान चलाया जायेगा। उन्होंने बताया कि दंपति संपर्क पखवाड़े के दौरान आमजन में जागरूकता लाने के लिए सही उम्र में शादी, शादी के बाद कम से कम 2 साल के बाद पहला बच्चा, दो बच्चों में कम से कम 3 साल का अंतराल एवं प्रसव के बाद या गर्भपात के बाद परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधनों पर जोर दिया गया। वहीं, परिवार नियोजन सेवा सप्ताह के दौरान प्रथम रेफरल इकाइयों में नसबंदी शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
अधिक से अधिक लोगों को जागरूक ता करने का है उद्देश्य :
सदर पीएचसी के एमओआईसी डॉ. सुधीर कुमार ने बताया इस अभियान को संचालित करने का उद्देश्य परिवार नियोजन सेवा का विभिन्न संचार माध्यम से समुदाय स्तर तक पहुंच को बेहतर बनाना है। ताकि नवदंपति या एक संतान वाले दंपत्ति जोड़े के बीच गर्भधारण में अंतराल एवं स्वस्थ जीवन को अपनाने के संबंध में जागरूकता पैदा किया जा सके। साथ ही, संस्थागत प्रसव व सुरक्षित गर्भपात को ध्यान में रखते हुए प्रसव के बाद महिला नसबंदी एवं कॉपर-टी संस्थापन पर अभियान के दौरान विशेष बल दिया जाएगा। इसके लिए प्रसव कक्ष में परिवार कल्याण परामर्शी, एएनएम, स्टाफ नर्स के माध्यम से प्रसव एवं गर्भपात के लिए आए हुए इच्छुक महिलाओं को उत्प्रेरित करते हुए सुविधा प्रदान करायी जाएगी।



