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 हम दो हमारे दो का सपना होगा साकार


- छह दिसंबर को पुरुष नसबंदी पखवारा का हुआ समापन, लोगों को किया गया जागरूक


By amit singh

M v online bihar news/बक्सर, 6 दिसंबर | परिवार कल्याण कार्यक्रम को गति देने के लिए जिले भर में पुरूष नसबंदी पखवाड़ा का आयोजन किया गया है। जिसका समापन रविवार को हुआ। इस दौरान कोई भी व्यक्ति संबंधित पीएचसी में जाकर नसबंदी करा कर लाभान्वित किया गया। वहीं, इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ जितेन्द्र नाथ ने हम दो हमारे दो का नारा बुलंद किया। उन्होंने बताया कि 


 नियोजन के लिए सरकार की ओर से कई स्कीम चलाए जा रहे हैं। नसबंदी एवं बंध्याकरण इसमें से एक है। नसबंदी के प्रति पुरुषों को प्रेरित करने के लिए विभाग द्वारा विगत 23 नवंबर से पुरुष नसबंदी पखवाड़ा का आयोजन किया गया था। जो 6 दिसंबर तक चला। इस दौरान कई महिला पुरूष संबंधित पीएचसी में जाकर नसबंदी करा कर लाभान्वित हो हुए। नसबंदी को लेकर कई तरह की मिथ्या सामाज के अंदर फैली है। इसको लेकर जागरूकता फैलाई जा रही है। पुरुष नसबंदी गर्भ रोकने का स्थाई तरीका है। परिवार नियोजन कार्यक्रम को लेकर पुरुषों को भी आगे आना चाहिए। ये आसान विधि है। 


जागरूकता के लिए आयोजित हुए कार्यक्रम :

नसबंदी के लिए जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए गए। जिसमें स्वास्थ्य कर्मियों सहित आम लोगों को बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मोबिलाइजेशन फेज के दौरान अधिक से अधिक प्रचार प्रसार किया गया, जिसमें व्यक्तिगत चर्चा और पुरुष नसबंदी के फायदे हितग्राहियों को बताए गए। पुरुष नसबंदी से संबंधित मिथकों को दूर करने के लिए परामर्श भी प्रदान किया गया। इन अभियानों से समाज में वृहद पैमाने पर लोगों को जागरूक करने में मदद मिली है।


कोविड-19 प्रोटोकॉल का रखा गया ध्यान :

पखवारे के अंतर्गत समस्त गतिविधियां कोविड-19 संबंधित समस्त सावधानियां एवं सलाह को सुनिश्चित करते हुए मनाई गयी। इस दौरान मुख्यत: शारीरिक दूरी, मास्क पहनने, संक्रमण की रोकथाम का पूर्णत: पालन सुनिश्चित किया गया। शारीरिक दूरी एवं कोविड-19 के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए पखवारा का आयोजन हुआ। 


छोटा परिवार-सुखी परिवार का सपना साकार करें : 

सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ ने बताया कि पुरुष नसबंदी एक मामूली प्रक्रिया है। यह महिला नसबंदी की अपेक्षा अधिक सुरक्षित और सरल है। इसके लिए न्यूनतम संसाधन, बुनियादी ढांचा व न्यूनतम देखभाल की आवश्यकता है। इसको लेकर समाज में कई प्रकार का भ्रम फैला हुआ है। इस भ्रम को तोड़ना होगा। छोटा परिवार-सुखी परिवार की अवधारणा को साकार करने के लिए पुरुषों को आगे बढ़कर जिम्मेदारी उठाने की जरूरत है।


इन बातों का ध्यान रख कोविड-19 से बचा जा सकता है

सार्वजानिक स्थानों पर लोगों से दूरी बनाएं

– कम से कम दो मास्क रखें। घर में बनाए गए मास्क को समय समय पर धुलते रहें

– अपनी आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें 

– हाथों को नियमित रूप से साबुन एवं पानी से अच्छी तरफ साफ करें 

– आल्कोहल आधारित हैण्ड सैनिटाइजर

का इस्तेमाल करें 

– तंबाकू, खैनी आदि का प्रयोग नहीं करें, ना ही सार्वजानिक स्थानों पर थूकें

हम दो हमारे दो का सपना होगा साकार

 हम दो हमारे दो का सपना होगा साकार


- छह दिसंबर को पुरुष नसबंदी पखवारा का हुआ समापन, लोगों को किया गया जागरूक


By amit singh

M v online bihar news/बक्सर, 6 दिसंबर | परिवार कल्याण कार्यक्रम को गति देने के लिए जिले भर में पुरूष नसबंदी पखवाड़ा का आयोजन किया गया है। जिसका समापन रविवार को हुआ। इस दौरान कोई भी व्यक्ति संबंधित पीएचसी में जाकर नसबंदी करा कर लाभान्वित किया गया। वहीं, इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ जितेन्द्र नाथ ने हम दो हमारे दो का नारा बुलंद किया। उन्होंने बताया कि 


 नियोजन के लिए सरकार की ओर से कई स्कीम चलाए जा रहे हैं। नसबंदी एवं बंध्याकरण इसमें से एक है। नसबंदी के प्रति पुरुषों को प्रेरित करने के लिए विभाग द्वारा विगत 23 नवंबर से पुरुष नसबंदी पखवाड़ा का आयोजन किया गया था। जो 6 दिसंबर तक चला। इस दौरान कई महिला पुरूष संबंधित पीएचसी में जाकर नसबंदी करा कर लाभान्वित हो हुए। नसबंदी को लेकर कई तरह की मिथ्या सामाज के अंदर फैली है। इसको लेकर जागरूकता फैलाई जा रही है। पुरुष नसबंदी गर्भ रोकने का स्थाई तरीका है। परिवार नियोजन कार्यक्रम को लेकर पुरुषों को भी आगे आना चाहिए। ये आसान विधि है। 


जागरूकता के लिए आयोजित हुए कार्यक्रम :

नसबंदी के लिए जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए गए। जिसमें स्वास्थ्य कर्मियों सहित आम लोगों को बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मोबिलाइजेशन फेज के दौरान अधिक से अधिक प्रचार प्रसार किया गया, जिसमें व्यक्तिगत चर्चा और पुरुष नसबंदी के फायदे हितग्राहियों को बताए गए। पुरुष नसबंदी से संबंधित मिथकों को दूर करने के लिए परामर्श भी प्रदान किया गया। इन अभियानों से समाज में वृहद पैमाने पर लोगों को जागरूक करने में मदद मिली है।


कोविड-19 प्रोटोकॉल का रखा गया ध्यान :

पखवारे के अंतर्गत समस्त गतिविधियां कोविड-19 संबंधित समस्त सावधानियां एवं सलाह को सुनिश्चित करते हुए मनाई गयी। इस दौरान मुख्यत: शारीरिक दूरी, मास्क पहनने, संक्रमण की रोकथाम का पूर्णत: पालन सुनिश्चित किया गया। शारीरिक दूरी एवं कोविड-19 के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए पखवारा का आयोजन हुआ। 


छोटा परिवार-सुखी परिवार का सपना साकार करें : 

सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ ने बताया कि पुरुष नसबंदी एक मामूली प्रक्रिया है। यह महिला नसबंदी की अपेक्षा अधिक सुरक्षित और सरल है। इसके लिए न्यूनतम संसाधन, बुनियादी ढांचा व न्यूनतम देखभाल की आवश्यकता है। इसको लेकर समाज में कई प्रकार का भ्रम फैला हुआ है। इस भ्रम को तोड़ना होगा। छोटा परिवार-सुखी परिवार की अवधारणा को साकार करने के लिए पुरुषों को आगे बढ़कर जिम्मेदारी उठाने की जरूरत है।


इन बातों का ध्यान रख कोविड-19 से बचा जा सकता है

सार्वजानिक स्थानों पर लोगों से दूरी बनाएं

– कम से कम दो मास्क रखें। घर में बनाए गए मास्क को समय समय पर धुलते रहें

– अपनी आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें 

– हाथों को नियमित रूप से साबुन एवं पानी से अच्छी तरफ साफ करें 

– आल्कोहल आधारित हैण्ड सैनिटाइजर

का इस्तेमाल करें 

– तंबाकू, खैनी आदि का प्रयोग नहीं करें, ना ही सार्वजानिक स्थानों पर थूकें