कोरोना काल में अपने कार्यों व दायित्वों को तटस्थ्तता के साथ वीणा ने किया पूरा
- पूरे लॉक डाउन के दौरान लोगों को मास्क और शारीरिक दूरी को लेकर जागरूक करती रहीं जीविका मित्र
- कोविड-19 के संक्रमण प्रसार के बाद दीदी की रसोई के संचालन में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
by amit singh
M v online bihar news/बक्सर, 31 दिसंबर- विकट परिस्थितियों और संकट की घड़ी में अपने दायित्व की पूर्ति करने और दूसरों की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने वाला ही असल जिंदगी में हीरो होता है। कोरोना काल में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य समिति व पुलिस विभाग के अलावा कई सरकारी व गैर सरकारी संस्थान के लोग जरूरतमंदों और गरीबों की मदद में लगे रहे। लेकिन, इन्हीं फ्रंट लाइन वर्कर्स की मदद से आज लोगों में जागरुकता संभव हो सकी है। इन्हीं फ्रंट लाइन वर्कर में से एक हैं सदर प्रखंड स्थित पांडेय पट्टी की जीविका समूह की वीणा देवीजिन्होंने न केवल लोगों को कोविड-19 को लेकर जागरूक किया, बल्कि सरकारी गाइडलाइन्स के प्रति लोगों को सजग और सतर्क भी किया। इसके बदौलत आज इलाके में उनकी एक अलग पहचान बन गई है।
कोरोनाकाल में उन्होंने 450 से अधिक परिवारों को किया जागरूक :
जीविका की सामुदायिक समन्वयक प्रियंका गुप्ता ने बताया जिले में 24 मार्च से लॉक डाउन घोषित हो चुका था। जिसके बाद वीणा देवी अपने इलाके के लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक करने में जुट गई। उन्होंने घर-घर जाकर लोगों को सोशल डिस्टेंस का पाठ पढ़ाया। इस कार्य में जीविका ने उनकी भरपूर सहायता की। जीविका द्वारा प्रदत लीफलेट के माध्यम से लोगों को जागरूक करने की ज़िम्मेदारी जीविका मित्रों को दी गई है। लीफलेट में प्रदर्शित तस्वीरों और कोरोनावायरस से बचने के उपायों को पढ़कर और समझाकर ग्रामीणों को जागरूक किया। पूरे कोरोनाकाल में उन्होंने 450 से अधिक परिवारों को जागरूक किया हैं। वीणा लोगों को विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी कार्य करने के लिए जागरूक कर लेती हैं।
संकट के दौर में दीदी की रसोई के संचालन में वीणा की रही महत्वपूर्ण भूमिका :
सदर प्रखंड की परियोजना प्रबंधक प्रियंका सिंह ने बताया वीणा बतौर जीविका मित्र सागर स्वयं सहायता समूह से जुड़कर 11 समूह के कार्यों का निर्वहन करती हैं। जिले में जब दीदी की रसोई खोलने का प्रस्ताव आया, तब वीणा ने बड़ी भूमिका निभाई। शुद्ध एवं पौष्टिक खाना बनाने में निपुण जीविका दीदियों को दीदी की रसोई से जुड़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। लॉक डाउन में भी दीदी की रसोई के माध्यम से जरूरतमंदों व असहायों तक उनकी मदद से खाना पहुंचाया गया। अस्पताल के मरीजों के साथ-साथ क्वारेंटाइन सेंटर पर रखे गए 85 से 90 लोगों को प्रतिदिन नाश्ता-खाना उपलब्ध कराया गया। दीदी की रसोई की शुरुआत और यहां तक लाने में वीणा का बड़ा योगदान है।सभी इनके द्वारा किये गए कार्यों की तारीफ़ कर रहे हैं।
ज़िम्मेदारी के निर्वहन में पति की भूमिका अहम :
वीणा बताती हैं वह लगातार कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव हेतु लोगों को जागरूक करने में सक्रिय हैं। जीविका दीदियों द्वारा निर्मित सस्ते मास्क को वीणा ज़रूरतमंदों तक भी पहुंचा रही हैं। बाहर से आये लोगों की भी कोरोना वायरस से बचाव के लिए काऊंसिलिंग भी किया। वहीं, मोबाइल के माध्यम से ग्रामीणों को कोरोना वायरस से बचाव के उपाय बताती रही। साथ ही, लोगों के संशयों और सवालों का समाधान करती रही। बच्चों की परवरिश और पति के दिनचर्या के साथ देने के साथ ही ग्रामीणों की सेवा इनका संकल्प है। आज भी वह लोगों को मास्क के इस्तेमाल और शारीरिक दूरी के पालन को लेकर जागरूक करने में लगी हुई हैं।


