anish दिवाली के दिन सजे दिखे बजार,खरीदारों की लगी भीड़,कब बन रहा सौभाग्य योग - . "body"

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दिवाली के दिन सजे दिखे बजार,खरीदारों की लगी भीड़,कब बन रहा सौभाग्य योग 

 by admin

m v online bihar news/बक्सर/जिले के विभिन्न जगहों पर दीपावली महापर्व को लेकर के लोगों में काफी उत्साह देखने को मिली तो वही, दीपावली से 1 दिन पूर्व धनतेरस के दिन बाजारों में खरीदारों की काफी भीड़ लगी हुई थी! जबकि सोने-चांदी से लेकर बर्तन की दुकान पर काफी संख्या में भीड़ लगी हुई थी ! देखा जाए तो इस बार लोगो ने चाइनीज समानो का पूरी तरह से बिरोध कर भारतीय समानो का उपयोग किया! तो वही, बजार में मिट्टी के बने दिये की दुकान पर काफी भीड़ देखने को मिली !

कब करे लक्ष्मी गणेश की पूजा 

पंडित बटुक नाथ दूबे का कहना है कि इस योग में लक्ष्मी पूजन से सब प्रकार से अनुकूलता प्राप्त होती है,और किसी प्रकार की बाधा नहीं आती है। हालांकि, प्रदोष काल में महालक्ष्मी की आराधना सर्व सिद्धि दायक होती है। हृषिकेश पंचांग अनुसार स्थिर लग्न में वृष लग्न शाम 5:33 से 7.29 बजे तक मिल रहा है जो पूजन के लिए सर्वोत्तम काल है। उन्होंने बताया कि वैसे मां लक्ष्मी की आराधना किसी भी समय किसी भी लग्न में की जा सकती है।                                                                             

कोरोना संक्रमण से दुकान दारो पर पड़ा असर 

कोरोना संक्रमण से व्यवसाय पर पड़ी काली छाया दीपोत्सव त्योहार से हटती नजर आ रही है। एक तरफ जहां बीते गुरुवार को धनतेरस पर मंडी के कारोबारियों के यहां अगाध धन की वर्षा हुई। वहीं, शुक्रवार को भी इसकी हर्षोल्लास में मंदी की धुंध बाजार से छटते प्रतीत करा रहा था। सबसे अधिक भीड़ लक्ष्मी गणेश की मूर्तियां, पटाखे, मोमबत्ती, सजावट के सामान, घरौंदे,की दुकान पर सामानों की खरीदारी को लेकर भीड़ बनी हुई थी। 

पटाखों की दुकान पर लगी युवाओ की भीड़ 

देखा जाए तो एक तरफ युवाओं की भीड़ पटाखों की दुकानों पर जमी हुई थी। वहीं, पुरुष व महिलाएं दीपावली पूजन संबंधित सामग्रियों की खरीदारी में दिलचस्पी लेते देखे गए। इस दौरान पटाखों कि खरीदारी कर रहे युवाओ  ने बताया कि पिछले साल की तुलना में पटाखों के भाव इस साल बढ़े हुए हैं। जबकी मुर्गा छाप पटाखे तो देखने के लिए भी नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि दुकानदारों द्वारा मोलभाव भी किया जा रहा है।

रंग बिरंगो में सजे दिखे लक्ष्मी गणेश की मूर्तिया 

मिट्टी के बने लक्ष्मी गणेश की मूर्तियों बाजारों में भर गई है। देवी देवताओं के चाइना मेड मूर्तियां बाजार में नहीं दिख रही है। जिन दुकानदारों के पास पुरानी मूर्तियां बची हुई है, वही बाजार में दिखाई पड़ रही है। चंदन कुमार ने बताया की इस बार लोग चाइनीज समानो को छोड़ भारीय समान खरीदने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है ! धनतेरस के दिन मिट्टी के बने दिया ,ढकन,कुलिया चुकिया, खिलौने आदि कुम्हारों द्वारा बनाया गया है और बाजार में उसकी बिक्री भी खूब जोरो पर हुई। बरमेश्वर कुम्हार ( गिलगिल ) ने बताया कि इस बार हाथ की बनी मूर्तियां और दिए की बिक्री होने की उम्मीद है। काफी परिश्रम करके इन्हें बनाया गया है और लागत खर्च भी बढ़ गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग दीपावली की पूजा करने के लिए मिट्टी के दिए और तिल के तेल की खरीदारी करते देखे गए। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बर्तनों की दुकान भी यहां के विभिन्न बाजारों में सजी हुई है। बर्तन दुकानदार जुगनू कुमार ने बताया की पहले की अपेक्षा इस बार कम भीड़ दिखी। छोटे बर्तन या पूजा पाठ के समान ही खरीदे गए। इसी तरह मिठाई और फूल माला के दुकान भी सजे हुए हैं और अपने हिसाब से लोग उस की खरीदारी भी कर रहे हैं। बहुत से दुकानदारों द्वारा धनतेरस के अवसर पर ही गणेश लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा अर्चना की गई।






दिवाली के दिन सजे दिखे बजार,खरीदारों की लगी भीड़,कब बन रहा सौभाग्य योग

दिवाली के दिन सजे दिखे बजार,खरीदारों की लगी भीड़,कब बन रहा सौभाग्य योग 

 by admin

m v online bihar news/बक्सर/जिले के विभिन्न जगहों पर दीपावली महापर्व को लेकर के लोगों में काफी उत्साह देखने को मिली तो वही, दीपावली से 1 दिन पूर्व धनतेरस के दिन बाजारों में खरीदारों की काफी भीड़ लगी हुई थी! जबकि सोने-चांदी से लेकर बर्तन की दुकान पर काफी संख्या में भीड़ लगी हुई थी ! देखा जाए तो इस बार लोगो ने चाइनीज समानो का पूरी तरह से बिरोध कर भारतीय समानो का उपयोग किया! तो वही, बजार में मिट्टी के बने दिये की दुकान पर काफी भीड़ देखने को मिली !

कब करे लक्ष्मी गणेश की पूजा 

पंडित बटुक नाथ दूबे का कहना है कि इस योग में लक्ष्मी पूजन से सब प्रकार से अनुकूलता प्राप्त होती है,और किसी प्रकार की बाधा नहीं आती है। हालांकि, प्रदोष काल में महालक्ष्मी की आराधना सर्व सिद्धि दायक होती है। हृषिकेश पंचांग अनुसार स्थिर लग्न में वृष लग्न शाम 5:33 से 7.29 बजे तक मिल रहा है जो पूजन के लिए सर्वोत्तम काल है। उन्होंने बताया कि वैसे मां लक्ष्मी की आराधना किसी भी समय किसी भी लग्न में की जा सकती है।                                                                             

कोरोना संक्रमण से दुकान दारो पर पड़ा असर 

कोरोना संक्रमण से व्यवसाय पर पड़ी काली छाया दीपोत्सव त्योहार से हटती नजर आ रही है। एक तरफ जहां बीते गुरुवार को धनतेरस पर मंडी के कारोबारियों के यहां अगाध धन की वर्षा हुई। वहीं, शुक्रवार को भी इसकी हर्षोल्लास में मंदी की धुंध बाजार से छटते प्रतीत करा रहा था। सबसे अधिक भीड़ लक्ष्मी गणेश की मूर्तियां, पटाखे, मोमबत्ती, सजावट के सामान, घरौंदे,की दुकान पर सामानों की खरीदारी को लेकर भीड़ बनी हुई थी। 

पटाखों की दुकान पर लगी युवाओ की भीड़ 

देखा जाए तो एक तरफ युवाओं की भीड़ पटाखों की दुकानों पर जमी हुई थी। वहीं, पुरुष व महिलाएं दीपावली पूजन संबंधित सामग्रियों की खरीदारी में दिलचस्पी लेते देखे गए। इस दौरान पटाखों कि खरीदारी कर रहे युवाओ  ने बताया कि पिछले साल की तुलना में पटाखों के भाव इस साल बढ़े हुए हैं। जबकी मुर्गा छाप पटाखे तो देखने के लिए भी नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि दुकानदारों द्वारा मोलभाव भी किया जा रहा है।

रंग बिरंगो में सजे दिखे लक्ष्मी गणेश की मूर्तिया 

मिट्टी के बने लक्ष्मी गणेश की मूर्तियों बाजारों में भर गई है। देवी देवताओं के चाइना मेड मूर्तियां बाजार में नहीं दिख रही है। जिन दुकानदारों के पास पुरानी मूर्तियां बची हुई है, वही बाजार में दिखाई पड़ रही है। चंदन कुमार ने बताया की इस बार लोग चाइनीज समानो को छोड़ भारीय समान खरीदने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है ! धनतेरस के दिन मिट्टी के बने दिया ,ढकन,कुलिया चुकिया, खिलौने आदि कुम्हारों द्वारा बनाया गया है और बाजार में उसकी बिक्री भी खूब जोरो पर हुई। बरमेश्वर कुम्हार ( गिलगिल ) ने बताया कि इस बार हाथ की बनी मूर्तियां और दिए की बिक्री होने की उम्मीद है। काफी परिश्रम करके इन्हें बनाया गया है और लागत खर्च भी बढ़ गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग दीपावली की पूजा करने के लिए मिट्टी के दिए और तिल के तेल की खरीदारी करते देखे गए। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बर्तनों की दुकान भी यहां के विभिन्न बाजारों में सजी हुई है। बर्तन दुकानदार जुगनू कुमार ने बताया की पहले की अपेक्षा इस बार कम भीड़ दिखी। छोटे बर्तन या पूजा पाठ के समान ही खरीदे गए। इसी तरह मिठाई और फूल माला के दुकान भी सजे हुए हैं और अपने हिसाब से लोग उस की खरीदारी भी कर रहे हैं। बहुत से दुकानदारों द्वारा धनतेरस के अवसर पर ही गणेश लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा अर्चना की गई।