anish फिलहाल मास्क को ही वैक्सीन समझें : सिविल सर्जन - . "body"

    hedar kana

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 फिलहाल मास्क को ही वैक्सीन समझें : सिविल सर्जन 

सही आकार और उपयोग का सही तरीका बनेगा आपका सुरक्षा कवच 

लोगों को भी मास्क उपयोग के लिए करें प्रेरित 

By amit singh

M v online bihar news/बक्सर / कोरोना वायरस से बचाव के लिए जब तक कोई टीका या दवा नहीं है,  तब तक मास्क का प्रयोग ही संक्रमण से सबसे प्रभावी सुरक्षा है। इसलिए हमारी सुरक्षा के लिए प्रशासन ने भी बाहर निकलने पर मास्क का उपयोग अनिवार्य कर दिया है। 

मास्क का प्रयोग आवश्यक  : 

सिविल सर्जन डॉ जितेन्द्र नाथ ने बताया कोरोना से बचने के लिए अभी मास्क को ही वैक्सीन समझें। यदि शर्म और संकोच से मास्क नहीं पहनते हैं तो याद रखें यह संकोच आपके जिंदगी से बड़ा नहीं है। कोरोना वायरस हवा से फैल कर किसी को भी संक्रमित कर सकता है। हम जब बाहर भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर होते हैं तो ये पता लग पाना मुश्किल होता है कि किस संक्रमित व्यक्ति द्वारा हम भी संक्रमित हो जाएंगे। इसलिए बाहर निकलना जरूरी है तो मास्क पहनना और सैनिटाइज़र साथ रखना कभी ना भूलें। समुदाय द्वारा अनिवार्य रूप से मास्क के उपयोग करने के लिए सरकार ने इसे ना पहनने पर दंडनीय अपराध और उस पर जुर्माना भी लागू किया है। किन्तु यदि जागरूक हो और अपनी ज़िम्मेदारी समझकर हम स्वयं मास्क का उपयोग करें तो यह आपके स्वयं और परिवार के लिए सबसे बड़ी सुरक्षा होगी। 

सही मास्क का करें चुनाव, यह आभूषण नहीं आपका सुरक्षाकवच है:

मास्क के उपयोग की अनिवार्यता को देखते हुये विभाग ने इसके सही आकार और गुणवत्ता को लेकर दिशानिर्देश भी जारी किए हैं। इसके अनुसार एन- 95 मॉस्क, थ्री प्लाई मास्क, तीन परत वाले सर्जिकल मास्क या जीविका समूहों के द्वारा तैयार किया गया मास्क, संक्रमण से बचाने के लिए सबसे सुरक्षित है। इसकी अनुपलवध्ता पर घरों में खुद से तैयार किए साफ सूती कपड़े के डबल लेयर मास्क भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इन्हे धोकर दोबारा प्रयोग में भी लाया जा सकता है।

मास्क प्रयोग में सावधानियाँ :

प्रयोग से पहले अच्छी तरह देखें की मास्क गंदा नहीं हो।

भीड़-भाड़ में मास्क उतारना या बदलना नुकसानदायक। 

मास्क पहनने और उतारने के उपरांत हाथों की सफाई आवश्यक।

साफ सूखे संक्रमणमुक्त स्थान पर मास्क को स्टोर करें और जरूरत अनुसार साफ हाथों से निकाल कर इस्तेमाल करें।        

मास्क को उसके स्ट्रैप से पकड़कर ही उतारना और पहनना चाहिए। 

मास्क नाक  और मुंह पर ज्यादा कसा हुआ नहीं हो अन्यथा सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।

  दूसरे के द्वारा इस्तेमाल किए गए ,गीले,गंदे या फटे मास्क का  इस्तेमाल न करें ,इससे संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है।

अंडाकार मास्क नाक और मुंह को अच्छी तरह ढंकने के लिए सही होती है इसलिए ऐसे ही मास्क का चुनाव करें।  

मास्क के इस्तेमाल के लिए दूसरों को भी करें प्रेरित : 

मास्क का इस्तेमाल ना सिर्फ स्वयं करें बल्कि समुदाय को भी उपयोग के लिए प्रोत्साहित करें। घर के वुजुर्गों, बच्चों, पास-पड़ोस में और रिश्तेदारों को इसके उपयोग के लिए कहें। उन्हें बताएं इससे ना सिर्फ उनकी बल्कि उनके परिवार की सुरक्षा भी होगी। उनके साथ सरकार के दिशा निर्देश की चर्चा करें। वर्तमान समय को देखते हुये इससे बड़ी देश और समाज की सेवा भी कोई नहीं होगी।

फिलहाल मास्क को ही वैक्सीन समझें : सिविल सर्जन

 फिलहाल मास्क को ही वैक्सीन समझें : सिविल सर्जन 

सही आकार और उपयोग का सही तरीका बनेगा आपका सुरक्षा कवच 

लोगों को भी मास्क उपयोग के लिए करें प्रेरित 

By amit singh

M v online bihar news/बक्सर / कोरोना वायरस से बचाव के लिए जब तक कोई टीका या दवा नहीं है,  तब तक मास्क का प्रयोग ही संक्रमण से सबसे प्रभावी सुरक्षा है। इसलिए हमारी सुरक्षा के लिए प्रशासन ने भी बाहर निकलने पर मास्क का उपयोग अनिवार्य कर दिया है। 

मास्क का प्रयोग आवश्यक  : 

सिविल सर्जन डॉ जितेन्द्र नाथ ने बताया कोरोना से बचने के लिए अभी मास्क को ही वैक्सीन समझें। यदि शर्म और संकोच से मास्क नहीं पहनते हैं तो याद रखें यह संकोच आपके जिंदगी से बड़ा नहीं है। कोरोना वायरस हवा से फैल कर किसी को भी संक्रमित कर सकता है। हम जब बाहर भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर होते हैं तो ये पता लग पाना मुश्किल होता है कि किस संक्रमित व्यक्ति द्वारा हम भी संक्रमित हो जाएंगे। इसलिए बाहर निकलना जरूरी है तो मास्क पहनना और सैनिटाइज़र साथ रखना कभी ना भूलें। समुदाय द्वारा अनिवार्य रूप से मास्क के उपयोग करने के लिए सरकार ने इसे ना पहनने पर दंडनीय अपराध और उस पर जुर्माना भी लागू किया है। किन्तु यदि जागरूक हो और अपनी ज़िम्मेदारी समझकर हम स्वयं मास्क का उपयोग करें तो यह आपके स्वयं और परिवार के लिए सबसे बड़ी सुरक्षा होगी। 

सही मास्क का करें चुनाव, यह आभूषण नहीं आपका सुरक्षाकवच है:

मास्क के उपयोग की अनिवार्यता को देखते हुये विभाग ने इसके सही आकार और गुणवत्ता को लेकर दिशानिर्देश भी जारी किए हैं। इसके अनुसार एन- 95 मॉस्क, थ्री प्लाई मास्क, तीन परत वाले सर्जिकल मास्क या जीविका समूहों के द्वारा तैयार किया गया मास्क, संक्रमण से बचाने के लिए सबसे सुरक्षित है। इसकी अनुपलवध्ता पर घरों में खुद से तैयार किए साफ सूती कपड़े के डबल लेयर मास्क भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इन्हे धोकर दोबारा प्रयोग में भी लाया जा सकता है।

मास्क प्रयोग में सावधानियाँ :

प्रयोग से पहले अच्छी तरह देखें की मास्क गंदा नहीं हो।

भीड़-भाड़ में मास्क उतारना या बदलना नुकसानदायक। 

मास्क पहनने और उतारने के उपरांत हाथों की सफाई आवश्यक।

साफ सूखे संक्रमणमुक्त स्थान पर मास्क को स्टोर करें और जरूरत अनुसार साफ हाथों से निकाल कर इस्तेमाल करें।        

मास्क को उसके स्ट्रैप से पकड़कर ही उतारना और पहनना चाहिए। 

मास्क नाक  और मुंह पर ज्यादा कसा हुआ नहीं हो अन्यथा सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।

  दूसरे के द्वारा इस्तेमाल किए गए ,गीले,गंदे या फटे मास्क का  इस्तेमाल न करें ,इससे संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है।

अंडाकार मास्क नाक और मुंह को अच्छी तरह ढंकने के लिए सही होती है इसलिए ऐसे ही मास्क का चुनाव करें।  

मास्क के इस्तेमाल के लिए दूसरों को भी करें प्रेरित : 

मास्क का इस्तेमाल ना सिर्फ स्वयं करें बल्कि समुदाय को भी उपयोग के लिए प्रोत्साहित करें। घर के वुजुर्गों, बच्चों, पास-पड़ोस में और रिश्तेदारों को इसके उपयोग के लिए कहें। उन्हें बताएं इससे ना सिर्फ उनकी बल्कि उनके परिवार की सुरक्षा भी होगी। उनके साथ सरकार के दिशा निर्देश की चर्चा करें। वर्तमान समय को देखते हुये इससे बड़ी देश और समाज की सेवा भी कोई नहीं होगी।