29 नवंबर से दूसरे चरण के तहत बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक, विभाग ने पूरी की तैयारी
- जिले के 2.80 लाख बच्चों को फिर से पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक, 757 टीम की निरागनी करेंगे 227 सुपरवाइजर
- पांच दिवसीय अभियान के दौरान सख्ती से कोविड-19 के नियमों का कराया जाएगा पालन
By amit singh
M v online bihar news/बक्सर/जिले को पोलियो मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष निर्णय लिया है। इस क्रम में बीते 11 अक्टूबर को पांच दिवसीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत की गई थी। लेकिन, पर्व त्यौहारों व कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए 29 नवंबर को दूसरे चरण के तहत पोलियो अभियान चलाने का निर्णय लिया है जिसकी तैयारी में स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम लगी हुई है। इसके तहत घर-घर जाकर बच्चों को पल्स पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। इस संबंध में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राज किशोर सिंह ने बताया जिले में पांच दिवसीय पल्स पोलियो अभियान के तहत इस पखवाड़े में 2 लाख 80 हजार बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। जिसके सफल आयोजन की पूरी ज़िम्मेदारी फ्रंट लाइन वर्कर्स को दी गई है। जिनमें आशा कार्यकर्ताओं तथा आंगनबाड़ी सेविका व सहायिकाएं शामिल हैं। अभियान की सफलता के लिए सभी विभागीय अधिकारियों व कर्मियों को पूर्व में सूचित कर दिया गया है। ताकि, एक भी बच्चा पोलियो की खुराक लेने से न छूटे।
एक वर्ष में तीन बार चलाया जाता है अभियान :
डॉ. सिंह ने बताया जिन बच्चों ने 11 अक्टूबर को शुरू हुए अभियान में पोलियो की खुराक ले ली थी, उन्हें भी इसकी खुराक पिलानी है। ताकि, पोलियो खुराक का चक्र पूरा किया जा सके। उन्होंने बताया कि जिले में एक वित्तीय वर्ष में तीन बार पोलियो की खुराक बच्चों को पिलाई जाती है। जिसमें एक बार राष्ट्रीय स्तर पर एक साथ अभियान चलता है। वहीं, राज्यसतर पर वर्ष में दो बार अभियान चलाए जाते हैं। लेकिन, कोरोना काल की वजह से इस बार राज्यस्तर पर चलने वाले अभियान स्थगित कर दिया गया था। जिसके लिए यह अभियान चलाया जाएगा।
227 सुपरवाइजर करेंगे 757 टीम की निगरानी :
डॉ. सिंह ने बताया कि एक लक्षित बच्चे को 28 दिनों के अंतराल पर पोलियो की दोबारा खुराक पिलाई जा सकती है। इसलिए अभिभावक बिना डरे बच्चों पोलियो की खुराक पिलाएं। ताकि, उनका बच्चा पोलियो से लड़ने में सक्षम हो सके। उन्होंने बताया कि 2.80 लाख बच्चों के लक्ष्य की पूर्ति के लिए जिले में 757 टीम का गठन किया गया है। जिनकी निगरानी में 227 सुपरवाईजर लगाए जा रहे हैं।
कोविड-19 प्रोटोकॉल का सख्ती से किया जाएगा पालन :
सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ ने बताया बच्चों को दवाई पिलाने के दौरान कोविड-19 मानक गाइडलाइन का ख्याल रखा जाएगा। बचाव से संबंधित उपायों का पालन करते हुए कर्मी दवा पिलाऐंगे और खुद के साथ-साथ दूसरों का भी कोविड-19 से सुरक्षा का ख्याल रखेंगे। इसको लेकर विभागीय पदाधिकारियों द्वारा सभी कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, अभियान में लगे सभी अधिकारियों व कर्मियों को मास्क व ग्लब्स लगाने का सख्त निर्देश दिया गया है।

