कानून को हाथ में ले झोलाछाप डॉक्टर चला रहे है, क्लीनिक लेकिन अधिकारी का नहीं है इसपर ध्यान !
जिला अधिकारी ने लिया संज्ञान झोलाछाप डॉक्टर सावधान
सिविल सर्जन को टीम का गठन कर कार्यवाही करने का फरमान
by admin
m v online bihar news/बक्सर/ जिले के कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के अंतर्गत में धड़ल्ले से चल रहे झोलाछाप एवं हड्डी के डॉक्टरों की क्लिनिक के लिए बुरी खबर है, इन पर प्रशासन की नजरें टेढ़ी हो गई है शुक्रवार को प्रखंडों में झोलाछाप डॉक्टरों का कारोबारी शीर्षक से प्रकाशित खबर पर जिला अधिकारी ने संज्ञान लिया है उन्होंने सिविल सर्जन को टीम का गठन कर ऐसे अवधि क्लीनिकों पर कार्यवाही करने का फरमान सुनाया है जिला अधिकारी ने कहा कि ऐसे कारोबार पर नकेल कसी जाएगी इसके लिए सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया है!
झोला छाप डाक्टरों की कहानी
बता दें कि ऐसा ही मामला कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र की है, जहा झोलाछाप चिकित्सकों का कारोबारी खूब फल फूल रहा है वही इनके पास अस्पताल चलने के लिए कोई सरकारी अनुमति नहीं है,और न डिग्री न ज्ञान किसी चिकित्सक के पास दो चार माह ग्रह लेने के बाद लोग खुद का क्लीनिक खोल ले रहे हैं,हैरत की बात यह कि बिना डिग्री धारी ये कथित चिकित्सक इलाज करने के साथ साथ हड्डियों का भी इलाज कर रहे हैं एवं ऑपरेशन तक करने से गुरेज नहीं करते हैं नतीजा यह होता है कि वे किसी की थी जान ले लेते हैं पिछले छह माह के दौरान जिले में ऐसी कई घटनाएं हुई जिसमें कहीं जच्चा बच्चा दोनों की मौत हो गई तो कहीं जन्म से पहले ही नवजात ने दम तोड़ दिया तो कहीं हड्डियों के इलाज करने के बाद ऑपरेशन कर देते हैं इसी तरह वे दिनों पूर्व सिमरी में एक झोलाछाप चिकित्सक पर पूर्व मंत्री के भतीजे की मौत का आरोप लगा बताया जाता है कि घरवाले वहां इलाज करने के लिए उसको लेकर गए और उन्होंने ऐसा इंजेक्शन बच्चे को दिया की उसके कुछ ही देर के बाद उसकी मौत हो गई जिसके बाद वहां मरीज के परिजनों द्वारा हंगामा भी किया गया !
किया है प्रशासन की राय
प्रशासन ने व्यापक पैमाने पर कार्यवाही का बनाया मन झोलाछाप चिकित्सकों पर अब व्यापक पैमाने पर कार्यवाही के लिए प्रशासन ने मान लिया है, जिला अधिकारी ने बताया कि पिछले दिनों शहर के एक नर्सिंग होम को सील कर इसकी शुरुआत कर दी गई हैं उन्होंने बताया कि इसमें और तेजी लाने और ऐसे क्लिनिको पर लगाम लगाने के लिए सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया है,लोगों का भी यही कहना है कि इन पर व्यापक पैमाने पर कार्यवाही की जरूरत है! तभी इस अवैध कारोबार पर रोक लगाया जा सकती है !
क्या कहते हैं अधिकारी
टीम का गठन कर अवध क्लिनिको पर कार्यवाही के लिए सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया है जिला मुख्यालय में एक नर्सिंग होम को सील कर इसकी शुरुआत भी हो चुकी हैं सीएस को इसमें और तेजी लाने के लिए निर्देश किया जा रहा है, ताकी ऐसे लोगो पर नकेल कसा जा सके !


