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 पल्स पोलियो के दौरान कोरोना संक्रमण को बेअसर करने की तैयारी भी मुकम्मल: जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी


by admin

m v online bihar news/बक्सर,/10 अक्तूबर : यह कोई आम रविवार नहीं है बल्कि आपके चुन्नु-मुन्नू-रानी-पिंकी के लिए पोलियो की खुराक के रूप में सेहत का उपहार लेकर आया है। पोलियो एक गंभीर बीमारी है जिससे ग्रसित होने पर शिशु उम्र भर के लिए लाचार हो जाता है। सेंटर फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की रिपोर्ट के अनुसार इस रोग के जीवाणु गंदगी में पनपते है और हाथ के जरिये पेट में पहुंचते है। शिशुओं  में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने और जमीन से उठा कर खाने की आदत से उनमें पोलियो संक्रमण की ज्यादा संभावना रहती है। अतः यह हम सब नैतिक जिम्मेदारी है कि अपने और समुदाय के 5 वर्ष से कम आयु के नौनिहालों को पोलियो की दवा जरूर पिलाएं तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाये अभियान को सार्थक कर पोलियो का जड़ से खत्म करें। 

हर बच्चा पिये दवा इसलिए टीम है पूरी तरह तैयार :

प्रभारी जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. शालीग्राम पांडेय ने बताया 11 अक्तूबर से 5 दिनों तक चलने वाले अगले चक्र में भी जिले के सभी 286552 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाना सबसे पहला लक्ष्य है। इसलिए जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा कुल 618 दो सदस्यीय दल का गठन किया गया है। प्रत्येक दल में एक आशा और एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं, जो घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलएंगी। दवा पिलाने के बाद बच्चों के और उनके माता -पिता का नाम, गृह संख्या आदि फार्म में भर कर अपने केंद्र में जमा करवाएंगी। उन्होंने बताया इन दलों के पर्यवेक्षण के लिए 227  सुपरवाइजर भी नियुक्त किए गये हैं। सभी सदस्यों को कोरोना संक्रमण के मद्देनजर मास्क, सैनिटाइजर आदि उपलव्ध करा दिये गये हैं। 


दो चरणों में चलेगा पोलियो चक्र ताकि कोई बच्चा नहीं छुट जाय :

जिले के हर बच्चे को पोलियो की दवा मिले, इसलिए यह अभियान 11 से 15 अक्टूबर व 29 नवंबर से तीन दिसंबर तक दो चक्रों में चलाया जाएगा। अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए इसमें नियुक्त सभी टीकाकर्मियों एवं पर्यवेक्षकों को सख्त निर्देश दिये गयें हैं। जिससे यदि पहले चक्र में किसी कारणवश पोलियो की खुराक लेने से बच्चा छुट जाए, तो उनको ढूंढ कर दूसरे चक्र में दवा दी जा सके। ऐसे बच्चे जो त्यौहार में बाहर से आने या छुट्टियों में बाहर घूमने जाने वाले परिवार से हैं उनको ध्यान में रखते हुये जिले के मुख्य ट्रांजिट स्थलों जैसे  रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं चौक चौराहों पर से गुजरने वाले बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा तथा उनकी भी रिपोर्ट देनी होगी। उन्हे बताया गया है कि वह तत्परता से पहले चक्र में ही शत प्रतिशत खुराक पिलाने के लक्ष्य को पूरा करें।


संक्रमण से बचने की भी की गयी विशेष तैयारी :

डॉ. पांडेय ने बताया पल्स पोलियो के दौरान कोरोना संक्रमण को बेअसर करने की तैयारी भी मुकम्मल की गयी है।  कोरोना संक्रमण को देखते हुये पोलियो चक्र में नियुक्त सभी सदस्यों को कोविड सुरक्षा मानकों का ध्यान रखने के निर्देश दिये गये हैं तथा पीपीई किट, सैनिटाइजर और मास्क उपलब्ध कराये गये हैं। सभी वैक्सीन बॉक्स वाहकों को यह सख्त निर्देश दिये गये है कि पोलियो अभियान के दौरान उपयोग होने वाले सभी कोल्ड बॉक्स और आइस पैक की अच्छी तरह साफ-सफाई सुनिश्चित करें, क्षेत्र में निकलने से पहले मास्क जरूर पहनें, हाथों को जीवाणुमुक्त रखे और शारीरिक दूरी का पालन करें।




पल्स पोलियो के दौरान कोरोना संक्रमण को बेअसर करने की तैयारी भी मुकम्मल: जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी

 पल्स पोलियो के दौरान कोरोना संक्रमण को बेअसर करने की तैयारी भी मुकम्मल: जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी


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m v online bihar news/बक्सर,/10 अक्तूबर : यह कोई आम रविवार नहीं है बल्कि आपके चुन्नु-मुन्नू-रानी-पिंकी के लिए पोलियो की खुराक के रूप में सेहत का उपहार लेकर आया है। पोलियो एक गंभीर बीमारी है जिससे ग्रसित होने पर शिशु उम्र भर के लिए लाचार हो जाता है। सेंटर फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की रिपोर्ट के अनुसार इस रोग के जीवाणु गंदगी में पनपते है और हाथ के जरिये पेट में पहुंचते है। शिशुओं  में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने और जमीन से उठा कर खाने की आदत से उनमें पोलियो संक्रमण की ज्यादा संभावना रहती है। अतः यह हम सब नैतिक जिम्मेदारी है कि अपने और समुदाय के 5 वर्ष से कम आयु के नौनिहालों को पोलियो की दवा जरूर पिलाएं तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाये अभियान को सार्थक कर पोलियो का जड़ से खत्म करें। 

हर बच्चा पिये दवा इसलिए टीम है पूरी तरह तैयार :

प्रभारी जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. शालीग्राम पांडेय ने बताया 11 अक्तूबर से 5 दिनों तक चलने वाले अगले चक्र में भी जिले के सभी 286552 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाना सबसे पहला लक्ष्य है। इसलिए जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा कुल 618 दो सदस्यीय दल का गठन किया गया है। प्रत्येक दल में एक आशा और एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं, जो घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलएंगी। दवा पिलाने के बाद बच्चों के और उनके माता -पिता का नाम, गृह संख्या आदि फार्म में भर कर अपने केंद्र में जमा करवाएंगी। उन्होंने बताया इन दलों के पर्यवेक्षण के लिए 227  सुपरवाइजर भी नियुक्त किए गये हैं। सभी सदस्यों को कोरोना संक्रमण के मद्देनजर मास्क, सैनिटाइजर आदि उपलव्ध करा दिये गये हैं। 


दो चरणों में चलेगा पोलियो चक्र ताकि कोई बच्चा नहीं छुट जाय :

जिले के हर बच्चे को पोलियो की दवा मिले, इसलिए यह अभियान 11 से 15 अक्टूबर व 29 नवंबर से तीन दिसंबर तक दो चक्रों में चलाया जाएगा। अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए इसमें नियुक्त सभी टीकाकर्मियों एवं पर्यवेक्षकों को सख्त निर्देश दिये गयें हैं। जिससे यदि पहले चक्र में किसी कारणवश पोलियो की खुराक लेने से बच्चा छुट जाए, तो उनको ढूंढ कर दूसरे चक्र में दवा दी जा सके। ऐसे बच्चे जो त्यौहार में बाहर से आने या छुट्टियों में बाहर घूमने जाने वाले परिवार से हैं उनको ध्यान में रखते हुये जिले के मुख्य ट्रांजिट स्थलों जैसे  रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं चौक चौराहों पर से गुजरने वाले बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा तथा उनकी भी रिपोर्ट देनी होगी। उन्हे बताया गया है कि वह तत्परता से पहले चक्र में ही शत प्रतिशत खुराक पिलाने के लक्ष्य को पूरा करें।


संक्रमण से बचने की भी की गयी विशेष तैयारी :

डॉ. पांडेय ने बताया पल्स पोलियो के दौरान कोरोना संक्रमण को बेअसर करने की तैयारी भी मुकम्मल की गयी है।  कोरोना संक्रमण को देखते हुये पोलियो चक्र में नियुक्त सभी सदस्यों को कोविड सुरक्षा मानकों का ध्यान रखने के निर्देश दिये गये हैं तथा पीपीई किट, सैनिटाइजर और मास्क उपलब्ध कराये गये हैं। सभी वैक्सीन बॉक्स वाहकों को यह सख्त निर्देश दिये गये है कि पोलियो अभियान के दौरान उपयोग होने वाले सभी कोल्ड बॉक्स और आइस पैक की अच्छी तरह साफ-सफाई सुनिश्चित करें, क्षेत्र में निकलने से पहले मास्क जरूर पहनें, हाथों को जीवाणुमुक्त रखे और शारीरिक दूरी का पालन करें।