जिले में प्रथम आने वाले अस्पताल को दो लाख रुपये की मिलेगी पुरस्कार राशि
BY ADMIN
M V ONLINE BIHAR NEWS/बक्सर, 09 अक्टूबर : जिले की सरकारी अस्पतालों की तस्वीर जल्द ही बदलेगी। इसके लिए जिले में स्वास्थ्य विभाग ने कायाकल्प योजना के तहत सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का मूल्यांकन शुरू कर दिया है। इसके लिए अस्पातल प्रबंधन व प्रभारियों से आंतरिक मूल्यांकन की मांग की जाती है। जिसके बाद सभी का भौतिक सत्यापन कर उनके अंकों का मूल्यांकन किया जाता है। विभाग ने मूल्यांकन के लिए आठ बिंदुओं का निर्धारण किया है। जिसमें अस्पताल सही मानकों पर कार्य कर रहा है या नहीं। इसके साथ सैनिटेशन, हाइजीन, वेस्ट मैनेजमेंट, सपोर्ट सर्विस, इंफेक्शन कंट्रोल, हाइजीन प्रमोशन, बांउड्रीवाल पर जांच की जानी है। इन्हीं मापदंडों के आधार पर अस्पताल को अंक दिए जाएंगे।
अस्पतालों के आंतरिक मूल्यांकन का किया जाएगा भौतिक सत्यापन :
जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) संतोष कुमार ने बताया योजना के तहत सबसे पहले जिले के सभी सरकारी अस्पताल प्रबंधन अपना आंतरिक मूल्यांकन करेंगे। उसके आधार पर जिलास्तरीय टीम जांच करेगी। भौतिक सत्यापन के दौरान यदि अस्पताल का आंतरिक मूल्यांकन बेहतर पाया जाता है, तो उनकी ग्रेडिंग अच्छी की जाएगी। इसके अलावा यदि उनके आंतरिक मूल्यांकन व वास्तविक स्थिति में कमी पाई जाएगी, तब उनकी ग्रेडिंग कम की जाएगी। जिलास्तरीय टीम के सत्यापन के बाद प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (बेड/बिना बेड) को दो लाख रुपये तथा 70 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य संस्थान को सांत्वना पुरस्कार के तहत 50 हजार रुपये की राशि दी जाएगी।
जिलास्तरीय ग्रेडिंग के बाद राज्य मुख्यालय को सौंपी जाएगी रिपोर्ट :
मूल्यांकन में लगी डिस्ट्रिक्ट कंसलटेंट क्वालिटी एस्योरेंस (डीसीक्यूए) रुचि कुमारी ने बताया जिला स्तरीय ग्रेडिंग के बाद सभी अस्पतालों की ग्रेडिंग रिपोर्ट राज्य कमिटी को सौंपी जाएगी। जहां से पांच सदस्यीय टीम आकर शिर्ष तीन अस्पतालों का निरीक्ष्रण करेगी। यदि, उनकी जांच में सबकुछ ठीक पाया गया, तो चयनित अस्पताल का राज्यस्तरीय रैंकिंग के लिए ग्रेडिंग की जाएगी। विभाग ने योजना के तहत राज्य में प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले अस्पताल को 50 लाख रुपये, द्वितीय को 25 लाख रुपये व तृतीय को 15 लाख रुपये निर्धारित किया है।
अस्पतालों में कोविड-19 के स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल का पालन करने का दिया गया निर्देश :
डीपीएम ने बताया पुरस्कार की राशि का 80 प्रतिशत अस्पातल के आधारभूत संरचना को बेहतर बनाने में खर्च किया जाना है। इसके अलावा 20 प्रतिशत राशि अस्पताल के कर्मियों के बीच विभाजित की जाती है। फिलहाल सभी अस्पताल प्रबंधन को सभी वार्डों में स्टाफ को मरीजों से अच्छा व्यवहार बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। मरीजों से मिलने का समय भी निर्धारित किया जा रहा है। साथ ही कोरोना संक्रमण काल में सभी पीएचसी, एपीएचसी व हेल्थ व वेलनेस सेंटर्स में कोविड-19 के स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल का पालन करने व कराने का निर्देश दिया गया है। मरीजों के बैठने व जांच के दौरान शारीरिक दूरी का पालन कराया जा रहा है। साथ ही, लोगों को मास्क के प्रयोग पर भी बल दिया जा रहा है। ताकि, उन्हें संक्रमण के खतरे से बचाया जा सके।

