मास्क 2 साल से ज्यादा उम्र के बच्चे के लिए है सुरक्षित

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m v online bihar news/बक्सर/02 अक्टूबर : सरकार और पूरा स्वास्थ्य महकमा भले ही कोरोना को मात देने के लिए अथक प्रयास कर रहा है किन्तु यदि उसमें लोगों की साझेदारी और जागरूकता शामिल नहीं होगी, तो इस महामारी से जीतना हमारे लिए आसान नहीं होगा। लॉकडाउन खत्म हो चुका है और लोग घर से बाहर निकल रहे हैं बच्चों के स्कूल खुल चुके हैं। ऐसे में संक्रमण से बचने के लिए बिना मास्क पहने बाहर निकलना नुकसानदायक हो सकता है। मास्क के उपयोग से संबन्धित सरकार ने गाइडलाइन जारी किया है। जिसके अनुसार सही तरीके से और उचित आकार के मास्क को इस्तेमाल कर तथा निर्धारिक शारीरिक दूरी का अनुपालन कर संक्रमित होने से बचा जा सकता है।
मास्क लेते समय गुणवत्ता पर दें विशेष ध्यान :
गाइडलाइंस के अनुसार एन- 95 मॉस्क, थ्री प्लाई मास्क या जीविका समूहों के द्वारा तैयार किया गया अंडाकार मास्क संक्रमण से बचाने के लिए सबसे सुरक्षित है। इसकी अनुपलवध्ता पर घरों में खुद से तैयार किए साफ सूती कपड़े के ट्रिपल लेयर मास्क भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है। जिसे धोकर दोबारा प्रयोग में भी लाया जा सकता है।
गंदे मास्क के इस्तेमाल से संक्रमित होने की संभावना :
गाइडलाइन के अनुसार मास्क, नाक और मुंह पर ज्यादा कसा हुआ नहीं होना चाहिए अन्यथा सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। किसी दूसरे के द्वारा इस्तेमाल किए गए, गीले या गंदे मास्क के इस्तेमाल से संक्रमित होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए साफ और धूप में अच्छी तरह सूखे हुये मास्क का प्रयोग हितकर है। मास्क को लगाने के बाद उसे ठीक से सेट करें, ताकि खुलने या ढीले होने की संभावना ना रहे। मास्क से मुंह और नाक दोनों ढंके होने चाहिए और लगाने के बाद उन्हें बार बार नहीं छूना चाहिए। अन्यथा हाथों से संक्रमण मास्क पर भी जा सकता है। घर से बाहर मास्क लगाए हुये सब काम करें और बात करने के लिए भी नहीं उतारें।
2 साल से ज्यादा उम्र के बच्चे के लिए करें मास्क का उपयोग :
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक 2 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए मास्क का उपयोग नहीं करें। इससे बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है और वे घुटन का शिकार हो सकते हैं। हालांकि बड़ों की तरह बच्चों को भी कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा है, लेकिन बेहतर हैं कि नवजात व छोटे बच्चों को घर पर ही रखा जाये। अगर बच्चा 2 वर्ष के आयु से अधिक है और उसे बाहर ले जाना है तो उन्हें मास्क पहनाया जा सकता है। किन्तु मास्क पहनने के बाद इस बात का विशेष ध्यान रखें की बच्चे को किसी भी तरह की परेशानी ना हो या वह बैचनी महसूस नहीं कर रहा हो।
सैनिटाइजर और शारीरिक दूरी भी है जरूरी :
कोरोना वायरस को दूर करने के लिए हाथों की सफाई से बेहतर कोई विकल्प नहीं है क्योंकि शरीर के बाकी अंग की अपेक्षा हाथों के खुले रहने से सबसे ज्यादा जीवाणु वहीं पर रहने की संभावना ज्यादा होती है। इसके लिए साबुन और पानी या सेनिटाइजर से बार बार हाथों को जीवाणु मुक्त करना चाहिए। सेंटर फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार कम से कम 60% अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल सबसे सुरक्षित है। किन्तु सैनिटाइजर को बच्चों के पहुंच से दूर रखें।
