anish गर्भवती महिलाएं खान-पान का रखें ख्याल, अच्छी सेहत से रहेंगी खुशहाल - . "body"

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 गर्भवती महिलाएं खान-पान का रखें ख्याल, अच्छी सेहत से रहेंगी खुशहाल

by admin

m v online bihar news/बक्सर, 12 अक्टूबर : हर गर्भवती महिला यही चाहती है कि जन्म के समय उसका बच्चा बिल्कुल स्वस्थ रहे। गर्भवती महिलाएं अक्सर अपने आहार में कई नई चीजों को शामिल करती हैं। ज्यादातर महिलाएं ऐसी होती हैं, जिन्हें यह पता नहीं होता कि गर्भ धारण करने के बाद कौन सी चीजें कितनी मात्रा में खानी चाहिए। खान-पान नियमित और ठीक रखने से मां और उसके गर्भ में पल रहा शिशु स्वस्थ रहेगा, तो प्रसव में भी परेशानी से बचा जा सकता है। वहीं, गर्भवती महिलाओं के लिए अच्छी नींद लेना भी जरूरी है। रात के पहर कम से कम आठ घंटे व दोपहर में दो घंटे नींद के लिए पर्याप्त माना जाता है। गर्भ धारण से लेकर सात माह तक नियमित जांच करानी चाहिए। चिकित्सक का परामर्श व उनकी देखरेख में ही प्रसव कराना बेहतर होता है।

तीन से नौ माह के अंतराल में पांच बार जांच जरूरी :

स्त्री रोग विषेशज्ञ डॉ. नमिता सिंह ने बताया गर्भवती महिलाओं को गर्भ धारण के तीन से नौ माह के अंतराल में पांच बार विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच जरूरी है। एंटीनेटल विजिट यानि प्रसव पूर्व जांच में ब्लड प्रेशर, थॉयराइड व हीमोग्लोबिन की जांच की जाती है। उन्होंने बताया कम उम्र की शादी के बाद गर्भ धारण करने पर महिलाओं को बीमारियों का  सामना  करना पढ़ सकता है तथा दूसरे बच्चे के बाद की गर्भवती महिलाओं में खून की कमी की संभावना अधिक है। नियमित जांच न होने से प्रेग्नेंसी इंड्यूज्ड हाइपरटेंशन जैसी घातक बीमारी से परेशानी बढ़ सकती है। साथ ही बताया  गर्भ धारण करने वाली महिला यदि हाई रिस्क प्रेगनेंसी की श्रेणी में होती है। तो उसको विशेष खान-पान व देख-रेख की जरूरत होती है।



नियमित रूप से हरी सब्जियां और ताजे फल का उपयोग करें :

डॉ. नमिता सिंह ने बताया गर्भवती महिलाओं को खान-पान पर विशेष खयाल रखना चाहिए। इसके लिए नियमित रूप से हरी सब्जियां और ताजे फल का उपयोग करें। कोरोना से बचाव हेतु बाहर से लाये गए फल और सब्जियों को अच्छी तरह से धो लें। हो सके तो इसके लिए गर्म पानी का प्रयोग करें। गर्भावस्था में आहार में प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट के साथ वसा का होना जरूरी है इसलिए इसके लिए हरी साग-सब्जी, सतरंगी फल, दाल, सूखे मेवे, दूध इत्यादि का उन्हें सेवन करना चाहिए। हरी सब्जी, दाल, फल व दूध का नियमित सेवन मां व शिशु दोनों हेतु लाभदायक होता है। 

जांच के दौरान कोविड-19 के नियमों का पालन जरूरी : 

सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ ने बताया कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए गर्भवती महिलाओं व उनके परिजनों को भी कोविड-19 के नियमों का पालन करना जरूरी है। प्रसव पूर्व जांच के लिए जाने पर वह घर से मास्क पहन कर निकले और अन्य लोगों से शारीरिक दूरी (दो गज की दूरी) बनाकर रखें। ताकि, संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके। दूसरी ओर, सभी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं की जांच को लेकर सवाधानी बरती जा रही है।


गर्भवती महिलाएं खान-पान का रखें ख्याल, अच्छी सेहत से रहेंगी खुशहाल

 गर्भवती महिलाएं खान-पान का रखें ख्याल, अच्छी सेहत से रहेंगी खुशहाल

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m v online bihar news/बक्सर, 12 अक्टूबर : हर गर्भवती महिला यही चाहती है कि जन्म के समय उसका बच्चा बिल्कुल स्वस्थ रहे। गर्भवती महिलाएं अक्सर अपने आहार में कई नई चीजों को शामिल करती हैं। ज्यादातर महिलाएं ऐसी होती हैं, जिन्हें यह पता नहीं होता कि गर्भ धारण करने के बाद कौन सी चीजें कितनी मात्रा में खानी चाहिए। खान-पान नियमित और ठीक रखने से मां और उसके गर्भ में पल रहा शिशु स्वस्थ रहेगा, तो प्रसव में भी परेशानी से बचा जा सकता है। वहीं, गर्भवती महिलाओं के लिए अच्छी नींद लेना भी जरूरी है। रात के पहर कम से कम आठ घंटे व दोपहर में दो घंटे नींद के लिए पर्याप्त माना जाता है। गर्भ धारण से लेकर सात माह तक नियमित जांच करानी चाहिए। चिकित्सक का परामर्श व उनकी देखरेख में ही प्रसव कराना बेहतर होता है।

तीन से नौ माह के अंतराल में पांच बार जांच जरूरी :

स्त्री रोग विषेशज्ञ डॉ. नमिता सिंह ने बताया गर्भवती महिलाओं को गर्भ धारण के तीन से नौ माह के अंतराल में पांच बार विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच जरूरी है। एंटीनेटल विजिट यानि प्रसव पूर्व जांच में ब्लड प्रेशर, थॉयराइड व हीमोग्लोबिन की जांच की जाती है। उन्होंने बताया कम उम्र की शादी के बाद गर्भ धारण करने पर महिलाओं को बीमारियों का  सामना  करना पढ़ सकता है तथा दूसरे बच्चे के बाद की गर्भवती महिलाओं में खून की कमी की संभावना अधिक है। नियमित जांच न होने से प्रेग्नेंसी इंड्यूज्ड हाइपरटेंशन जैसी घातक बीमारी से परेशानी बढ़ सकती है। साथ ही बताया  गर्भ धारण करने वाली महिला यदि हाई रिस्क प्रेगनेंसी की श्रेणी में होती है। तो उसको विशेष खान-पान व देख-रेख की जरूरत होती है।



नियमित रूप से हरी सब्जियां और ताजे फल का उपयोग करें :

डॉ. नमिता सिंह ने बताया गर्भवती महिलाओं को खान-पान पर विशेष खयाल रखना चाहिए। इसके लिए नियमित रूप से हरी सब्जियां और ताजे फल का उपयोग करें। कोरोना से बचाव हेतु बाहर से लाये गए फल और सब्जियों को अच्छी तरह से धो लें। हो सके तो इसके लिए गर्म पानी का प्रयोग करें। गर्भावस्था में आहार में प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट के साथ वसा का होना जरूरी है इसलिए इसके लिए हरी साग-सब्जी, सतरंगी फल, दाल, सूखे मेवे, दूध इत्यादि का उन्हें सेवन करना चाहिए। हरी सब्जी, दाल, फल व दूध का नियमित सेवन मां व शिशु दोनों हेतु लाभदायक होता है। 

जांच के दौरान कोविड-19 के नियमों का पालन जरूरी : 

सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ ने बताया कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए गर्भवती महिलाओं व उनके परिजनों को भी कोविड-19 के नियमों का पालन करना जरूरी है। प्रसव पूर्व जांच के लिए जाने पर वह घर से मास्क पहन कर निकले और अन्य लोगों से शारीरिक दूरी (दो गज की दूरी) बनाकर रखें। ताकि, संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके। दूसरी ओर, सभी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं की जांच को लेकर सवाधानी बरती जा रही है।