क्वॉरंटिन सेंटर में रह रहे मजदूरों को मिलेगा राशन डीएम
by admin
m v online Bihar news बक्सर/ बिहार में आए प्रवासी काम गारो को दो माह का राशन दिया जाए ! यह आत्म निर्भर भारत योजना के जरिये आए सभी प्रवासी मजदूरों को प्रत्येक व्यक्ति 5 किलो चावल मिलना है ! जो की मई और जून माह के लिए ही होगा ! इसका लाभ लेने के लिए सबंधित ब्यक्ति कोविड पोर्टल पर उनका रजिस्टेशन अनिवार्य होना है ! वह व्यक्ति चाहे होम क्वॉरंटिन हो या क्वॉरंटिन सेंटर में रखा गया हो !जब की इस योजना को लागू करने के लिए प्रतेक पंचायत में एक डीलर तथा शहरी क्षेत्र में 9 और 10 वार्ड के आधार पे होगा ! आपको बता दू की इस कार्य के लिए संबंधित डीलरों की सूचि प्रशासन ने जारी कर दी है !जो इन सभी प्रवासी मजदूरों को राशन देंगे !
तथा नगर परिषद डुमरॉव में 07 से 08 वार्डों पर एक जनवितरण प्रणाली विक्रेता का चयन किया गया है। जिला पदाधिकारी ने सभी जनवितरण प्रणाली विक्रेताओं को निदेशित किया गया है कि वे नियमानुसार पारदरशी तरीके से प्रवासी मजदूरों को आवंटित खाद्यान्न का वितरण करना सुनिश्चित करेंगे। सभी प्रभारी प्रखंड आपूर्त्ति पदाधिकारी/प्रखंड आपूर्त्ति निरीक्षक, सभी जनवितरण प्रणाली विक्रेताओं द्वारा खाद्यान्न का आवंटन ससमय कराना सुनिश्चित करेंगे। इस संबंध में जिला पदाधिकारी, बक्सर ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वितरण में अनियमितता पाये जाने पर दोषी पदाधिकारियो और कर्मियों तथा जनवितरण प्रणाली विक्रेताओं के विरूद्व PDS Control Order 2016, आपदा अधिनियम 2005, Epidemic Act 1897 के सुसंगत प्रावधानों के आलोक में विधिसम्मत कार्रवाई की जाएग
तथा नगर परिषद डुमरॉव में 07 से 08 वार्डों पर एक जनवितरण प्रणाली विक्रेता का चयन किया गया है। जिला पदाधिकारी ने सभी जनवितरण प्रणाली विक्रेताओं को निदेशित किया गया है कि वे नियमानुसार पारदरशी तरीके से प्रवासी मजदूरों को आवंटित खाद्यान्न का वितरण करना सुनिश्चित करेंगे। सभी प्रभारी प्रखंड आपूर्त्ति पदाधिकारी/प्रखंड आपूर्त्ति निरीक्षक, सभी जनवितरण प्रणाली विक्रेताओं द्वारा खाद्यान्न का आवंटन ससमय कराना सुनिश्चित करेंगे। इस संबंध में जिला पदाधिकारी, बक्सर ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वितरण में अनियमितता पाये जाने पर दोषी पदाधिकारियो और कर्मियों तथा जनवितरण प्रणाली विक्रेताओं के विरूद्व PDS Control Order 2016, आपदा अधिनियम 2005, Epidemic Act 1897 के सुसंगत प्रावधानों के आलोक में विधिसम्मत कार्रवाई की जाएग


