anish चौसा महादेव घाट का मामला थमा नहीं की बड़कागांव 60 के डेरा पर मिले दर्जनों लाश - . "body"

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चौसा महादेव घाट का मामला थमा नहीं की बड़कागांव 60 के डेरा पर मिले दर्जनों लाश

By admin

M v online bihar news/बक्सर-नही थम रहा है गंगा में लाशो के मिलने का सिलसिला बक्सर के चौसा से नैनीजोर दियारा तक पसरी है गंगा में लाशें .. प्रसासन लगा है लाशों को छुपाने में कोरोना का कहर के बीच चौसा महदेवा घाट से लाशों के मिलने का शिलशिला ऐसा चला कि बक्सर के  चौसा से लेकर ब्रम्हपुर प्रखंड के नैनीजोर तक गंगा में लाशो का महा मेला लगा हुआ है..  

दअरसल चौसा के बाद भी गंगा में लाशो के मिलने का सिलसिला थम नही रहा अगर ताजे मामले पर गौर किया जाए तो बक्सर प्रखंड में ही इस्थित बड़का गांव से लगी गंगा नदी में दर्जनों लाशें दिख रही है वही ब्रम्हपुर प्रखण्ड के बड़की नैनीजोर ,नैनीजोर घाट और बिहार घाट पर भी लगी हुई लाशो को प्रसासन के द्वारा दफनाया जा रहा है..

ऐसे में जब हमारी टीम पहुची तो प्रसासन के कुछ लोग लाशों को आनन फानन में गंगा में डुबो रहे थे जब उनसे बात की गई तो लाश को डुबो रहे परशुराम डोम ने कहा कि बिहार घाट पर लाशो को हम लोगो डुबो देते है लोग आते है और कहते तो हम लोग उसे डुबो देते है कोई प्रसासन नही रोकता है.. हालांकि की ये केवल बिहार घाट की कहानी नही है बड़की नैनीजोर घटा पर भी बसों से लाश को डुबोने का प्रसासन के कहने पर प्रयास जारी है . ईस


बात की जानकारी देते हुवे प्रसासन के गोताखोर मुन्ना कुमार राय बताते है कि लाशो को हम लोग बहाव देते है धकेल देते है co का आदेश है कि घाटो की साफ सफाई रहे ऐसे हम लोगो बसों से लाशो को बहाव देते है धकेल देते है चाहे कहि जाय जबकि मेरा मानना है कि  लोगो को लाश जला देना चाहिए या गाड़ देना चाहिए तभी कोरोना की रोकथाम होगी.. बात यही नही रुकती बिहार घाट के महल सुभाष बताते है कि हम लोग मलाह है हम गंगा में मछली मारते है यहाँ हजारो लाशें आती है। हमको छूने की आदेश नही है co बोली है कि कल आ कर बोलूंगी की क्या करना है लोग यहाँ लकड़ी के आभाव में लाश गंगा जी मे फेक दे रहे है...

बहरहाल सवाल बडा है आखिर ये लाशें अब किसकी है क्यो की बक्सर जिलाधिकारी ने तो कहा था कि up की लाशें बक्सर में आ रही तो ऐसे में ये लाशें किसी की जबकि उन्हों बेतरतीव ढंग से बांस से धकेल कर छुपाया जा रहा है...जबकि गंगा में रहने वाले मलाह बाबते है कि हजारों।लाशें बह रही है..

चौसा महादेव घाट का मामला थमा नहीं की बड़कागांव 60 के डेरा पर मिले दर्जनों लाश

चौसा महादेव घाट का मामला थमा नहीं की बड़कागांव 60 के डेरा पर मिले दर्जनों लाश

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M v online bihar news/बक्सर-नही थम रहा है गंगा में लाशो के मिलने का सिलसिला बक्सर के चौसा से नैनीजोर दियारा तक पसरी है गंगा में लाशें .. प्रसासन लगा है लाशों को छुपाने में कोरोना का कहर के बीच चौसा महदेवा घाट से लाशों के मिलने का शिलशिला ऐसा चला कि बक्सर के  चौसा से लेकर ब्रम्हपुर प्रखंड के नैनीजोर तक गंगा में लाशो का महा मेला लगा हुआ है..  

दअरसल चौसा के बाद भी गंगा में लाशो के मिलने का सिलसिला थम नही रहा अगर ताजे मामले पर गौर किया जाए तो बक्सर प्रखंड में ही इस्थित बड़का गांव से लगी गंगा नदी में दर्जनों लाशें दिख रही है वही ब्रम्हपुर प्रखण्ड के बड़की नैनीजोर ,नैनीजोर घाट और बिहार घाट पर भी लगी हुई लाशो को प्रसासन के द्वारा दफनाया जा रहा है..

ऐसे में जब हमारी टीम पहुची तो प्रसासन के कुछ लोग लाशों को आनन फानन में गंगा में डुबो रहे थे जब उनसे बात की गई तो लाश को डुबो रहे परशुराम डोम ने कहा कि बिहार घाट पर लाशो को हम लोगो डुबो देते है लोग आते है और कहते तो हम लोग उसे डुबो देते है कोई प्रसासन नही रोकता है.. हालांकि की ये केवल बिहार घाट की कहानी नही है बड़की नैनीजोर घटा पर भी बसों से लाश को डुबोने का प्रसासन के कहने पर प्रयास जारी है . ईस


बात की जानकारी देते हुवे प्रसासन के गोताखोर मुन्ना कुमार राय बताते है कि लाशो को हम लोग बहाव देते है धकेल देते है co का आदेश है कि घाटो की साफ सफाई रहे ऐसे हम लोगो बसों से लाशो को बहाव देते है धकेल देते है चाहे कहि जाय जबकि मेरा मानना है कि  लोगो को लाश जला देना चाहिए या गाड़ देना चाहिए तभी कोरोना की रोकथाम होगी.. बात यही नही रुकती बिहार घाट के महल सुभाष बताते है कि हम लोग मलाह है हम गंगा में मछली मारते है यहाँ हजारो लाशें आती है। हमको छूने की आदेश नही है co बोली है कि कल आ कर बोलूंगी की क्या करना है लोग यहाँ लकड़ी के आभाव में लाश गंगा जी मे फेक दे रहे है...

बहरहाल सवाल बडा है आखिर ये लाशें अब किसकी है क्यो की बक्सर जिलाधिकारी ने तो कहा था कि up की लाशें बक्सर में आ रही तो ऐसे में ये लाशें किसी की जबकि उन्हों बेतरतीव ढंग से बांस से धकेल कर छुपाया जा रहा है...जबकि गंगा में रहने वाले मलाह बाबते है कि हजारों।लाशें बह रही है..