anish गोदभराई के दौरान कोरोना से बचाव पर हुई चर्चा - . "body"

    hedar kana

      MVONLINEBIHARNEWS के GOOGLE पेज पर आप सभी का स्वागत है. विज्ञापन या खबर देने के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क करे 7050488221 आप हमें YOUTUBE और FACEBOOK पर भी देख सकते हैं।

     

 गोदभराई के दौरान कोरोना से बचाव पर हुई चर्चा


- आंगनबाड़ी केंद्रों पर गोदभराई का हुआ आयोजन, कोविड-19 के नियमों का किया गया पालन 

- होने वाले शिशु के बेहतर स्वास्थ की जानकारी के साथ नियमित जांच की दी गयी सलाह

By admin

m v online Bihar news/बक्सर, 7 अप्रैल | जिले में कोरोना संक्रमण प्रसार की संभावना तेजी से बढ़ती जा रही है। कोरोनाकाल में चिकित्सीय सुविधा बाधित न हो इसका भी ख्याल रखा जा रहा है। इसी क्रम में जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर बुधवार को गोदभराई का आयोजन किया गया। गोदभराई के दौरान एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) के निर्देश पर कोविड-19 के नियमों का पालन किया गया। गोदभराई की रस्म निभाने के साथ साथ लाभार्थी महिलाओं को पोषण थाली उपहार स्वरूप भेंट की गई जिसमें पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल रहे। डुमरांव सीडीपीओ गीता पांडेय ने बताया प्रतिमाह 07 तारीख को सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की जाती है। जिसमें लाभर्थियों को गर्भावस्था के दौरान जरूरी सावधानियां और पोषण सम्बन्धी जानकारी दी जाती है। 

नियमित चिकित्सक से संपर्क करने की दी सलाह :

डुमरांव के पूर्वी पासवान टोला स्थित केंद्र संख्या 47 में भी गोदभराई की रस्म निभाई गई। जिसकी अध्यक्षता सेविका लीलावती देवी ने की। जहां पर लाभार्थी रिंकी पांडेय की मंगल कामना के लिए दीप जलाए गए। लीलावती ने रिंकी को बताया जैसे ही गर्भधारण की पुष्टि हो जाय वे निकटतम स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सक के सम्पर्क में रहें तथा नियमित रूप से चेकअप कराएं। साथ ही, गर्भवती महिला को गर्भधारण से लेकर बच्चे के जन्म तक बरती जाने वाली सावधानियों से अवगत कराया। आखिरी महीनों में शरीर को अधिक पोषक तत्व की जरूरत होती है। इस दौरान आहार में प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट के साथ वसा की भी मात्रा का होना जरूरी होता है। गर्भवती महिलाओं को हमेशा ताजे फल, दूध, अंडा, पोष्टिक सब्जियों के सेवन की भी जानकारी दी गई। Plan

होने वाले शिशु के बेहतर स्वास्थ के लिए दी गई जानकारी :

सेविका लीलावती देवी ने बताया प्रारंभिक अवस्था में उचित पोषण नहीं मिलने से बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक विकास अवरुद्ध हो सकता है। इसलिए जब भी मां बन रहीं हो शिशु के नियमित स्तनपान के फायदों बारे में जानकारी जरूर लें। शून्य से 6 माह के बच्चे को सिर्फ स्तनपान और 6 से 8 माह के शिशुओं को स्तनपान के साथ पौष्टिक ऊपरी आहार देना चाहिए। छ्ह माह तक शिशु को केवल स्तनपान कराने से दस्त और निमोनिया से बचाया जा सकता है। 9 से 24 माह के बच्चों को स्तनपान के साथ तीन बार अर्ध ठोस पौष्टिक आहार देना चाहिए। बच्चे के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए आहार की विविधता का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

कोरोना से बचाव पर भी हुई चर्चा :

गोदभराई के दौरान सेविका के द्वारा सभी लोगों को कोरोना से बचाव की भी जानकारी दी गई। सेविका ने बताया कि सभी लोगों को कोविड-19 नियमों का पूरी तरह से पालन करना चाहिए। सरकार द्वारा जारी निर्देश हम सभी के अच्छे स्वास्थ्य के लिए ही है। डुमरांव सीडीपीओ गीता पांडेय ने परियोजना के अंतर्गत आने वाली सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं को कोविड-19 के सामान्य नियमों का पालन करने और अपने क्षेत्र के लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए निर्देशित किया है।

गोदभराई के दौरान कोरोना से बचाव पर हुई चर्चा

 गोदभराई के दौरान कोरोना से बचाव पर हुई चर्चा


- आंगनबाड़ी केंद्रों पर गोदभराई का हुआ आयोजन, कोविड-19 के नियमों का किया गया पालन 

- होने वाले शिशु के बेहतर स्वास्थ की जानकारी के साथ नियमित जांच की दी गयी सलाह

By admin

m v online Bihar news/बक्सर, 7 अप्रैल | जिले में कोरोना संक्रमण प्रसार की संभावना तेजी से बढ़ती जा रही है। कोरोनाकाल में चिकित्सीय सुविधा बाधित न हो इसका भी ख्याल रखा जा रहा है। इसी क्रम में जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर बुधवार को गोदभराई का आयोजन किया गया। गोदभराई के दौरान एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) के निर्देश पर कोविड-19 के नियमों का पालन किया गया। गोदभराई की रस्म निभाने के साथ साथ लाभार्थी महिलाओं को पोषण थाली उपहार स्वरूप भेंट की गई जिसमें पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल रहे। डुमरांव सीडीपीओ गीता पांडेय ने बताया प्रतिमाह 07 तारीख को सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की जाती है। जिसमें लाभर्थियों को गर्भावस्था के दौरान जरूरी सावधानियां और पोषण सम्बन्धी जानकारी दी जाती है। 

नियमित चिकित्सक से संपर्क करने की दी सलाह :

डुमरांव के पूर्वी पासवान टोला स्थित केंद्र संख्या 47 में भी गोदभराई की रस्म निभाई गई। जिसकी अध्यक्षता सेविका लीलावती देवी ने की। जहां पर लाभार्थी रिंकी पांडेय की मंगल कामना के लिए दीप जलाए गए। लीलावती ने रिंकी को बताया जैसे ही गर्भधारण की पुष्टि हो जाय वे निकटतम स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सक के सम्पर्क में रहें तथा नियमित रूप से चेकअप कराएं। साथ ही, गर्भवती महिला को गर्भधारण से लेकर बच्चे के जन्म तक बरती जाने वाली सावधानियों से अवगत कराया। आखिरी महीनों में शरीर को अधिक पोषक तत्व की जरूरत होती है। इस दौरान आहार में प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट के साथ वसा की भी मात्रा का होना जरूरी होता है। गर्भवती महिलाओं को हमेशा ताजे फल, दूध, अंडा, पोष्टिक सब्जियों के सेवन की भी जानकारी दी गई। Plan

होने वाले शिशु के बेहतर स्वास्थ के लिए दी गई जानकारी :

सेविका लीलावती देवी ने बताया प्रारंभिक अवस्था में उचित पोषण नहीं मिलने से बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक विकास अवरुद्ध हो सकता है। इसलिए जब भी मां बन रहीं हो शिशु के नियमित स्तनपान के फायदों बारे में जानकारी जरूर लें। शून्य से 6 माह के बच्चे को सिर्फ स्तनपान और 6 से 8 माह के शिशुओं को स्तनपान के साथ पौष्टिक ऊपरी आहार देना चाहिए। छ्ह माह तक शिशु को केवल स्तनपान कराने से दस्त और निमोनिया से बचाया जा सकता है। 9 से 24 माह के बच्चों को स्तनपान के साथ तीन बार अर्ध ठोस पौष्टिक आहार देना चाहिए। बच्चे के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए आहार की विविधता का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

कोरोना से बचाव पर भी हुई चर्चा :

गोदभराई के दौरान सेविका के द्वारा सभी लोगों को कोरोना से बचाव की भी जानकारी दी गई। सेविका ने बताया कि सभी लोगों को कोविड-19 नियमों का पूरी तरह से पालन करना चाहिए। सरकार द्वारा जारी निर्देश हम सभी के अच्छे स्वास्थ्य के लिए ही है। डुमरांव सीडीपीओ गीता पांडेय ने परियोजना के अंतर्गत आने वाली सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं को कोविड-19 के सामान्य नियमों का पालन करने और अपने क्षेत्र के लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए निर्देशित किया है।