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अपनी बच्चियों की सेहत का पूरा ख्याल रखना अभिभावकों की है जिम्मेदारी



- किशोरियों में खून की कमी को दूर करने के लिए दी जाती है आयरन की गोली

- आयरन की गोली से दूर होगी एनीमिया की समस्या

By amit kumar

M v online bihar news/बक्सर | जिले में सभी को सुपोषित करने के लिए 16 से 31 मार्च तक राष्ट्रीय पोषण मिशन के तहत पोषण पखवाड़ा का आयोजन किया गया था। इस क्रम में शिशु स्वास्थ्य, गर्भवती व धातृ महिला स्वास्थ्य के अलावा पोषण को लेकर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इन सब के बीच जिले के किशोर व किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्य विभाग व आईसीडीएस विभाग (एकीकृत बाल विकास सेवा) मिलकर काम कर रहा है। अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (एसीएमओ) सह सीडीओ डॉ. नरेश कुमार ने बताया किशोरावस्था स्वस्थ जीवन की बुनियाद होती है। इस दौरान बेहतर शारीरिक एवं मानसिक विकास से स्वस्थ जीवन की आधारशिला तैयार होती है। साथ ही किशोरियों में खून की कमी भविष्य में सुरक्षित मातृत्व के लिए नुकसानदायक  साबित हो सकती है। इसको ध्यान में रखते हुए सभी अभिभावकों का सबसे पहला कर्तव्य है कि वह अपनी बच्चियों की सेहत का विशेष ख्याल रखें। सरकार की ओर से 10 से 19 वर्ष तक की  किशोरियों व गर्भवती महिलाओं को आयरन की गोली दी जाती है। साथ ही, सभी सरकारी अस्पताल को आयरन के सिरप भी उपलब्ध कराए जाते हैं।

गृह भ्रमण कर किशोरियों को आईएफए ब्लू टैबलेट का मासिक, साप्ताहिक वितरण किया गया-

लॉक डाउन के दौरान संक्रमण की संभावना को देखते हुए आंगनबाड़ी केन्द्र तथा स्कूल बंद किए गए थे। ऐसे में किशोरियों को केंद्र से मिलने वाली सुविधाओं से वंचित न होना पड़े, इसका पूरा ख्याल रखा गया। उन्होंने बताया विभाग के दिशा-निर्देश के मुताबिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गृह भ्रमण कर किशोरियों को आईएफए ब्लू टैबलेट का मासिक, साप्ताहिक वितरण किया गया। उन्होंने कहा किशोरियों में खून की कमी न हो, इसके लिए वह आईएफए टैबलेट का समय से सेवन करती रहें। इसके अलावा किशोर-किशोरियों को अपनी सेहत का पूरा ख्याल रखने और साफ़-सफाई पर ध्यान देने के बारे में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से गृह भ्रमण के दौरान जागरूक किया जा रहा है।


खानपान पर भी ध्यान देना बहुत जरूरी है:

राष्ट्रीय पोषण अभियान के जिला समन्वयक महेंद्र कुमार ने बताया ने बताया जिले के सभी आंगनबाडी  केंद्र अंतर्गत पोषण क्षेत्र में किशोरियों को बताया जा ता है कि  किशोरावस्था शारीरिक बदलाव का वह दौर होता है जिसको लेकर वह मानसिक तौर पर परेशान न हों । किशोरियों को खानपान पर भी ध्यान देना बहुत जरूरी है तथा भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियों को जरूर शामिल करें, कोरोना वायरस के संक्रमण की जद में आने से बचने के लिए उन्हें घर पर ही रहने, साबुन-पानी से बार-बार हाथ धोने, 6 फीट की शारीरिक दूरी का पालन करने और मास्क पहनने के बारे में भी बताया जा रहा है। किशोर-किशोरियों से यह भी कहा जा रहा है कि वह अपने साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों को भी इस बारे में जागरूक करें ताकि कोरोना को हराने में देश सफल हो सके।

अपनी बच्चियों की सेहत का पूरा ख्याल रखना अभिभावकों की है जिम्मेदारी

अपनी बच्चियों की सेहत का पूरा ख्याल रखना अभिभावकों की है जिम्मेदारी



- किशोरियों में खून की कमी को दूर करने के लिए दी जाती है आयरन की गोली

- आयरन की गोली से दूर होगी एनीमिया की समस्या

By amit kumar

M v online bihar news/बक्सर | जिले में सभी को सुपोषित करने के लिए 16 से 31 मार्च तक राष्ट्रीय पोषण मिशन के तहत पोषण पखवाड़ा का आयोजन किया गया था। इस क्रम में शिशु स्वास्थ्य, गर्भवती व धातृ महिला स्वास्थ्य के अलावा पोषण को लेकर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इन सब के बीच जिले के किशोर व किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्य विभाग व आईसीडीएस विभाग (एकीकृत बाल विकास सेवा) मिलकर काम कर रहा है। अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (एसीएमओ) सह सीडीओ डॉ. नरेश कुमार ने बताया किशोरावस्था स्वस्थ जीवन की बुनियाद होती है। इस दौरान बेहतर शारीरिक एवं मानसिक विकास से स्वस्थ जीवन की आधारशिला तैयार होती है। साथ ही किशोरियों में खून की कमी भविष्य में सुरक्षित मातृत्व के लिए नुकसानदायक  साबित हो सकती है। इसको ध्यान में रखते हुए सभी अभिभावकों का सबसे पहला कर्तव्य है कि वह अपनी बच्चियों की सेहत का विशेष ख्याल रखें। सरकार की ओर से 10 से 19 वर्ष तक की  किशोरियों व गर्भवती महिलाओं को आयरन की गोली दी जाती है। साथ ही, सभी सरकारी अस्पताल को आयरन के सिरप भी उपलब्ध कराए जाते हैं।

गृह भ्रमण कर किशोरियों को आईएफए ब्लू टैबलेट का मासिक, साप्ताहिक वितरण किया गया-

लॉक डाउन के दौरान संक्रमण की संभावना को देखते हुए आंगनबाड़ी केन्द्र तथा स्कूल बंद किए गए थे। ऐसे में किशोरियों को केंद्र से मिलने वाली सुविधाओं से वंचित न होना पड़े, इसका पूरा ख्याल रखा गया। उन्होंने बताया विभाग के दिशा-निर्देश के मुताबिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गृह भ्रमण कर किशोरियों को आईएफए ब्लू टैबलेट का मासिक, साप्ताहिक वितरण किया गया। उन्होंने कहा किशोरियों में खून की कमी न हो, इसके लिए वह आईएफए टैबलेट का समय से सेवन करती रहें। इसके अलावा किशोर-किशोरियों को अपनी सेहत का पूरा ख्याल रखने और साफ़-सफाई पर ध्यान देने के बारे में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से गृह भ्रमण के दौरान जागरूक किया जा रहा है।


खानपान पर भी ध्यान देना बहुत जरूरी है:

राष्ट्रीय पोषण अभियान के जिला समन्वयक महेंद्र कुमार ने बताया ने बताया जिले के सभी आंगनबाडी  केंद्र अंतर्गत पोषण क्षेत्र में किशोरियों को बताया जा ता है कि  किशोरावस्था शारीरिक बदलाव का वह दौर होता है जिसको लेकर वह मानसिक तौर पर परेशान न हों । किशोरियों को खानपान पर भी ध्यान देना बहुत जरूरी है तथा भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियों को जरूर शामिल करें, कोरोना वायरस के संक्रमण की जद में आने से बचने के लिए उन्हें घर पर ही रहने, साबुन-पानी से बार-बार हाथ धोने, 6 फीट की शारीरिक दूरी का पालन करने और मास्क पहनने के बारे में भी बताया जा रहा है। किशोर-किशोरियों से यह भी कहा जा रहा है कि वह अपने साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों को भी इस बारे में जागरूक करें ताकि कोरोना को हराने में देश सफल हो सके।