anish घर-घर जाकर कोरोना के लक्षणों की पहचान में जुटी हैं आंगनबाड़ी सेविकाएं - . "body"

    hedar kana

      MVONLINEBIHARNEWS के GOOGLE पेज पर आप सभी का स्वागत है. विज्ञापन या खबर देने के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क करे 7050488221 आप हमें YOUTUBE और FACEBOOK पर भी देख सकते हैं।

     

घर-घर जाकर कोरोना के लक्षणों की पहचान में जुटी हैं आंगनबाड़ी सेविकाएं

- अधिक से अधिक मरीजों की पहचान के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर हो रहा सर्वे-

 हल्के लक्षण वाले मरीजों को होम आइसोलेट रहने की दी जाती है सलाह

By amit kumar

M v online Bihar news/बक्सर, 28 अप्रैल | जिले में जिस प्रकार से कोरोना का संक्रमण फैल रहा है, उसे लेकर प्रशासन व स्वास्थ्य समिति दोनों चिंतित है। गत दिनों मौसम में हो रहे बदलाव के कारण लोग कोरोना के लक्षणों को नजरअंदाज कर रहे हैं। जो बाद में उनके लिए मुसीबत का कारण बन रहा है। ऐसी स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी अमन समीर ने आईसीडीएस विभाग के अंतर्गत आने वाली सेविकाओं को नई जिम्मेदारी दी है। जिसके तहत सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाएं अपने अपने पोषण क्षेत्र में डोर टू डोर भ्रमण करेंगी। इस दौरान वह वैसे लोगों को चिह्नित  करेंगी, जिनमें कोविड-19 संक्रमण के लक्षण मौजूद हो। उसके बाद उन लोगों की कोरोना जांच कराई जाएगी, ताकि समय रहते उनका इलाज शुरू किया जा सके। बीते दिनों कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें लोगों की लापरवाही ही उनकी परेशानी का कारण बनी। जिसके कारण जिलाधिकारी ने यह निर्णय लिया है। 

संक्रमण के लक्षण दिखने पर जांच आवश्यक :

डीपीएम संतोष कुमार ने बताया कई बार संक्रमण के लक्षण दिखने के बावजूद जांच रिपोर्ट निगेटिव आ जाती है, लेकिन ऐसा होने पर भी सुरक्षा बरतते हुए होम आइसोलेट होना जरूरी है। लेकिन, कुछ तो इसे वायरल समझ कर अपना इलाज कर रहे हैं। जो उनके लिए नुकसानदायक  है। लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए सर्तक रहने की जरूरत है। कोविड संक्रमण के लक्षण दिखने पर इसकी जांच व ससमय ही इलाज कराना आवश्यक है। उन्होंने बताया कोरोना संकमण के दौरान खांसी, गले में खराश, आंखों के पीछे के हिस्से में दर्द, सर्दी, तेज बुखार व बदनदर्द, स्वाद व गंध का पता नहीं चलना, सीने में दर्द व दबाव, सांस लेने में दिक्कत या सांस फूलना व थकान आदि जैसे लक्षण दिखते हैं। इनमें से कोई भी लक्षण नजरअंदाज न करें और जांच कराएं।

नियमों के साथ खानपान के लिए भी दिए जाते हैं टिप्स :

डीपीएम संतोष कुमार ने बताया जिन लोगों में कोरोना के हल्के लक्षण होते हैं, उनको होम आइसोलेट रखा जाता है। जहां उन्हें स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा मेडिकल किट दिया जाता है और घर में भी कोविड के नियमों का पालन करने को कहा जाता है। जिससे परिवार के अन्य लोग संक्रमण से सुरक्षित रह सकें। कोरोना का संक्रमण रोगी को बहुत कमजोर कर देता है, इसलिए रोगी के लिए उच्च प्रोटीन, विटामिन व मिनरल्स के साथ जिंक व आयरन वाले खाद्य पदार्थ लेने की सलाह दी जाती है। साथ ही, भरपूर पानी पीकर अपने शरीर को हाइड्रेट रखने को कहा जाता है। उन्हें बताया जाता कि खाने में दूध व उच्च कैलोरी वाले खाद्य पदार्थ के साथ हरी साग सब्जी व मौसमी फल खायें तथा तेल मसाले वाले खाद्य पदार्थों से दूरी रखें। घर से बाहर के भोजन खाने से बचें और घर में बनाये गये ताजा भोजन ही खायें।

घर-घर जाकर कोरोना के लक्षणों की पहचान में जुटी हैं आंगनबाड़ी सेविकाएं

घर-घर जाकर कोरोना के लक्षणों की पहचान में जुटी हैं आंगनबाड़ी सेविकाएं

- अधिक से अधिक मरीजों की पहचान के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर हो रहा सर्वे-

 हल्के लक्षण वाले मरीजों को होम आइसोलेट रहने की दी जाती है सलाह

By amit kumar

M v online Bihar news/बक्सर, 28 अप्रैल | जिले में जिस प्रकार से कोरोना का संक्रमण फैल रहा है, उसे लेकर प्रशासन व स्वास्थ्य समिति दोनों चिंतित है। गत दिनों मौसम में हो रहे बदलाव के कारण लोग कोरोना के लक्षणों को नजरअंदाज कर रहे हैं। जो बाद में उनके लिए मुसीबत का कारण बन रहा है। ऐसी स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी अमन समीर ने आईसीडीएस विभाग के अंतर्गत आने वाली सेविकाओं को नई जिम्मेदारी दी है। जिसके तहत सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाएं अपने अपने पोषण क्षेत्र में डोर टू डोर भ्रमण करेंगी। इस दौरान वह वैसे लोगों को चिह्नित  करेंगी, जिनमें कोविड-19 संक्रमण के लक्षण मौजूद हो। उसके बाद उन लोगों की कोरोना जांच कराई जाएगी, ताकि समय रहते उनका इलाज शुरू किया जा सके। बीते दिनों कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें लोगों की लापरवाही ही उनकी परेशानी का कारण बनी। जिसके कारण जिलाधिकारी ने यह निर्णय लिया है। 

संक्रमण के लक्षण दिखने पर जांच आवश्यक :

डीपीएम संतोष कुमार ने बताया कई बार संक्रमण के लक्षण दिखने के बावजूद जांच रिपोर्ट निगेटिव आ जाती है, लेकिन ऐसा होने पर भी सुरक्षा बरतते हुए होम आइसोलेट होना जरूरी है। लेकिन, कुछ तो इसे वायरल समझ कर अपना इलाज कर रहे हैं। जो उनके लिए नुकसानदायक  है। लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए सर्तक रहने की जरूरत है। कोविड संक्रमण के लक्षण दिखने पर इसकी जांच व ससमय ही इलाज कराना आवश्यक है। उन्होंने बताया कोरोना संकमण के दौरान खांसी, गले में खराश, आंखों के पीछे के हिस्से में दर्द, सर्दी, तेज बुखार व बदनदर्द, स्वाद व गंध का पता नहीं चलना, सीने में दर्द व दबाव, सांस लेने में दिक्कत या सांस फूलना व थकान आदि जैसे लक्षण दिखते हैं। इनमें से कोई भी लक्षण नजरअंदाज न करें और जांच कराएं।

नियमों के साथ खानपान के लिए भी दिए जाते हैं टिप्स :

डीपीएम संतोष कुमार ने बताया जिन लोगों में कोरोना के हल्के लक्षण होते हैं, उनको होम आइसोलेट रखा जाता है। जहां उन्हें स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा मेडिकल किट दिया जाता है और घर में भी कोविड के नियमों का पालन करने को कहा जाता है। जिससे परिवार के अन्य लोग संक्रमण से सुरक्षित रह सकें। कोरोना का संक्रमण रोगी को बहुत कमजोर कर देता है, इसलिए रोगी के लिए उच्च प्रोटीन, विटामिन व मिनरल्स के साथ जिंक व आयरन वाले खाद्य पदार्थ लेने की सलाह दी जाती है। साथ ही, भरपूर पानी पीकर अपने शरीर को हाइड्रेट रखने को कहा जाता है। उन्हें बताया जाता कि खाने में दूध व उच्च कैलोरी वाले खाद्य पदार्थ के साथ हरी साग सब्जी व मौसमी फल खायें तथा तेल मसाले वाले खाद्य पदार्थों से दूरी रखें। घर से बाहर के भोजन खाने से बचें और घर में बनाये गये ताजा भोजन ही खायें।