गर्मी से बचने के लिए गर्भवती महिलाएं रखें अपना विशेष ख्याल
- गर्भवती महिलाओं को उचित खान पान नहीं मिलने से शिशु पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है
- अधिक हाइड्रेट रहने के लिए पानी और तरल पदार्थों का करें अधिक सेवन
By amit kumar
M v online bihar news/बक्सर, 23 फरवरी | जिले में गर्मी का असर दिखने लगा है। दिन और रात के मौसम में बदलाव शुरू हो चुका है। ऐसे में सभी वर्ग के लोगों को काफी सतर्क रहना होगा। जिससे वह मौसमी बीमारियों से अपना बचाव कर सकें। इस क्रम में गर्भवतियों को विशेष देखभाल की जरूरत होती है। चूंकि, महिलाओं के लिए गर्भावस्था ऐसा समय होता है जब उन्हें खुद के साथ-साथ अपने गर्भस्थ शिशु का भी खास ख्याल रखना पड़ता है। खासकर गर्मी व बरसात के मौसम में उन्हें परेशानियां होती हैं। इस संबंध में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. भारती द्विवेदी ने बताया गर्भावस्था में गर्मी के मौसम में खुद का ख्याल कैसे रखना बेहद जरूरी है। लेकिन, परिवार के अन्य सदस्यों को भी उनकी देखभाल करनी जरूरी है। उन्होंने बताया कि धीरे धीरे गर्मी और बढ़ेगी। ऐसे मौसम में कुछ खाने पीने का मन नहीं करता, लेकिन गर्भवती महिलाओं को यदि उचित खान पान नहीं मिलेगा, तो उनके शिशु पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। अतः जरूरी है कि गर्भावस्था में महिलाओं के खानपान का पूरा ध्यान रखा जाए।
ज्यादा से ज्याद हाइड्रेट रहने की कोशिश करें :
डॉ. भारती द्विवेदी ने बताया गर्भावस्था के दौरान शिशु और मां के लिए अधिक से अधिक पानी का सेवन लाभप्रद साबित हो सकता है। इसी के साथ महिलाओं को फलों के रस का भी सेवन करना चाहिए। गर्मी में गर्भवती महिलाओं को डिहाइड्रेशन होने की संभावना अधिक रहती है| इसलिए दिन में कम से कम आठ-नौ गिलास पानी पीएं। उन्होंने बताया कि जब गर्मियां अधिक हो जाती है और शरीर मे पानी की कमी हो जाती है, तब होंठों का सूखना , चक्कर आना आदि लक्षण दिखाई पड़ते हैं। गर्भवती महिलाओं को इन लक्षणों को समझना जरूरी है। यदि, उनके साथ भी कुछ ऐसा होता है, तब वह चिकित्सक की सलाह भी ले सकती हैं। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को ज्यादातर तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए।
पौष्टिक आहाकर का सेवन है जरूरी :
डॉ. भारती द्विवेदी के अनुसार सामान्य व्यक्ति हो या गर्भवती महिलाएं पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक आहार का सेवन हर किसी के लिए फायदेमंद है। इससे गर्भवती महिलाओं को सुकून मिलेगा। साथ ही, गर्भस्थ शिशु का विकास भी सही से हो पाएगा। उन्होंने बताया कि गर्मियों में ठंडे फल, जूस या सलाद का सेवन अवश्य करना चाहिए। वहीं, गर्भवती महिलाएं इस मौसम में खाने को लेकर बहुत सी सावधानियां बरतें जैसे गर्मियों में अधिक मसाले वाले या जंक फूड आदि के सेवन से बचें।
गर्भवस्था में भी शारीरिक सक्रियता है जरूरी :
डॉ. भारती द्विवेदी ने कहा गर्भवती महिलाओं में आज कल एक सामान्य बात देखी जा रही है कि इस अवस्था में वह शारीरिक गतिविधियों को कम कर देती हैं। जो उनके लिए परेशानी का सबब बन जाता है। उन्हें गर्मी के दिनों में भी सैर, ध्यान, योग या डॉक्टर की सलाह के अनुसार व्यायाम करना चाहिए। जो जच्चा-बच्चा दोनों के लिए फायदेमंद है। इसके अलावा इस दौरान तनाव और होने वाली सांस संबंधी समस्याओं से बचने के लिए नियमित रूप से हल्के फुल्के प्राणायाम करना चाहिए।

