पल्स पोलियो अभियान : 80 प्रतिशत बच्चों को पिलाई जा चुकी है 'दो बूंद जिंदगी की'
- जिले में 2.85 लाख बच्चों को दवा पिलाने का है लक्ष्य
- कोरोना संक्रमण का ध्यान रखते हुये दिया जा रहा पोलियो ड्रॉप
By amit kumar
M v online Bihar news/बक्सर, 3 फरवरी | पांच दिवसीय पल्स पोलियो अभियान अब अपने अंतिम चरण की ओर है। कोरोना काल में भी अभियान को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने काफी तैयारियां की हैं। साथ ही सभी आशा कार्यकर्ताओं, सुपरवाइजरों समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने भी पोलियो अभियान को सफल बनाने में अपना पूरा योगदान दिया है।
80 प्रतिशत बच्चों को मिल गयी “दो बूंद जिंदगी की”:
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राज किशोर सिंह ने बताया पोलियो के दंश से 0 से 05 साल के सभी बच्चों को बचाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। अभियान के चौथे दिन बुधवार तक विभाग ने निर्धारित लक्ष्य का लगभग 80 प्रतिशत पूरा कर लिया है तथा अभियान के अंतिम दिन तक उसे शत प्रतिशत पूरा करने के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए विभाग ने 717 पोलियो टीम नियुक्त किए हैं। हर टीम में एक आंगनबाड़ी सेविका और एक आशा कार्यकर्ता हैं। उनके कार्य की निगरानी 227 पर्यवेक्षकों द्वारा की जा रही है। कार्यक्रम को सफल करने के लिए विभाग द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को यह सख्त निर्देश है कि उनके कार्यक्षेत्र में घर घर जाकर एक एक बच्चे को ढूंढ कर दवा पिलाएं ताकि कोई भी बच्चा न छूटने पाये और जिला पोलियो को पूरी तरह उखाड़ फेकने में सक्षम हो सके।
2.85 लाख बच्चों को मिलेगी पोलियो की खुराक :
31 जनवरी से 4 फरवरी तक चलने वाले पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान में जिले के कुल 2 लाख 85 हजार बच्चों को टीका लगना है। जिनमें से लगभग 2 लाख 10 हजार बच्चों को पोलियो की खुराक दी जा चुकी है। अभियान के अंतिम दिन तक शेष बचे हुये बच्चों को भी इसकी खुराक मिल जाएगी। उन्होंने बताया विभाग सतर्कता से जिले के सभी चौक-चौराहे, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और दूसरे सार्वजनिक स्थलों पर भी निगरानी बनाए हुये है ताकि एक भी बच्चा पोलियो की दवा पीने से ना चूके। किन्तु अभियान को पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए समुदाय का सहयोग भी आवश्यक है। इसलिए जिले के प्रत्येक अभिभावकों से अनुरोध है कि की अपने या आस-पड़ोस के सभी 0-5 साल के बच्चों को यह खुराक अवश्य पिलवाएं। यदि किसी कारण से बच्चा छूट छुट जाता है तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी, सेविका या आशा कार्यकर्ता से संपर्क करें करे।
कोरोना मानकों का पालन :
कोरोना संक्रमण के मद्देनजर पल्स पोलियो अभियान के दौरान कोरोना सुरक्षा मानकों का ख्याल रखा जा रहा है। सभी आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी सेविका क्षेत्र-भ्रमण के दौरान मास्क प्रयोग कर रही हैं। दवा पिलाते वक्त दो गज की सामाजिक दूरी का पालन किया जा रहा है। वहीं, ग्लब्स लगा कर बच्चों को दवा पिलाई जा रही है। बच्चे को उसके परिजन गोद में लिए रहते हैं। आशा कार्यकर्ता और सेविका उसे बिना छुए ही दवा पिलाती हैं।

