anish बदलते मौसम में शिशुओं के स्वास्थ्य के प्रति रहें सजग, देखभाल का रखें विशेष ख्याल - . "body"

    hedar kana

      MVONLINEBIHARNEWS के GOOGLE पेज पर आप सभी का स्वागत है. विज्ञापन या खबर देने के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क करे 7050488221 आप हमें YOUTUBE और FACEBOOK पर भी देख सकते हैं।

     

 बदलते मौसम में शिशुओं के स्वास्थ्य के प्रति रहें सजग, देखभाल का रखें विशेष ख्याल 


- सुबह और शाम में ठंड के दौरान गर्म कपड़े का करें उपयोग, सर्दियों की परेशानी से रहें दूर 

- साफ-सफाई का रखें विशेष ख्याल, संक्रामक बीमारी से बचाव के लिए होगा कारगर 

By amit Kumar

M v online bihar news/बक्सर, 04 फरवरी | मौसम में लगातार बदलाव हो रहें हैं । पिछले 20 दिनों पूर्व जहां एक ओर लोग पूरे दिन सर्द हवाओं, शीतलहर और कोहरे से परेशान थे, वहीं गत दिनों तीखी धूप से मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले चार दिनों से सुबह के पहले और शाम के बाद तापमान में तो गिरावट हो रही है। दोपहर में तेज धूप लोगों को ठंड से राहत पहुंचा रही है। मौसम में बदलाव को देखते यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि आगामी दो हफ़्तों में सर्द हवाओं का चलना लगभग बन्द हो जाएगा। लेकिन, इस दौरान भी लोगों को ठंड और सर्द हवाओं से बचना होगा। विशेषकर बच्चों व नवजातों को इन दोनों समय विशेष देखभाल की जरूरत है। ताकि, उन्हें मौसमी बीमारियों से बचाव किया जा सके । दरअसल, सामान्य लोगों के सापेक्ष नवजात की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर रहती है।

सभी को विशेष सजग रहने की जरूरत :

अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नरेश कुमार ने बताया जिले में बर्फीली हवाओं के बन्द होने और कुहासों के कम होने से तापमान में बढ़ोत्तरी हो रही है। जिससे के अधिकतम तापमान में भी लगातार वृद्धि हो रही है। लेकिन, अभी भी सुबह और शाम में ठंड महसूस हो रही है। इसलिए, ठंड से बचाव को लेकर हर किसी को विशेष सजग रहने की जरूरत है। ऐसे में खासकर नवजात बच्चों का उचित देखभाल करने की बेहद जरूरी है। बच्चे बदलते मौसम की के चपेट में तुरंत आ जाते हैं और तरह-तरह की के बीमारी से घिर जाते हैं। किन्तु, नवजात के स्वास्थ्य के प्रति थोड़ा सजग होकर नवजात को इन तमाम परेशानियों से दूर रखा जा सकता है। 

शिशुओं को छः माह तक पिलाएं मां का दूध : 

सदर अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि भूषण श्रीवास्तव ने बताया कि नवजात के का शारीरिक और मानसिक विकास के लिए माँ का दूध अमृत के समान होता है। इससे ना सिर्फ शारीरिक और मानसिक विकास ही होता है। बल्कि, नवजात की का रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी पूर्व के सापेक्ष काफी मजबूत होती ता है। जिससे नवजात कई रोगों से लड़ने में सक्षम और रहता है और खासकर संक्रामक बीमारी से भी दूर रहता है। इसलिए, नवजात को जन्म के बाद छः माह तक सिर्फ माँ का दूध ही पिलाएं। 

बच्चों व शिशुओं को गर्म कपड़े पहनाएं :

बदलते मौसम से बच्चों को बचाने को लिए उपयुक्त गर्म और ऊनी कपड़े पहनाएं। इससे नवजात के शरीर का तापमान सामान्य रहेगा और ठंड से होने वाली परेशानी से दूर रहेगा। इसके अलावा वे साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और नवजात का उचित देखभाल करते रहें। क्योंकि, साफ-सफाई का ख्याल रखने से नवजात हर तरह की के संक्रामक बीमारी से भी दूर रहेगा।  

साफ बिविस्तर पर नवजात को सुलाएं :

साफ-सफाई का ख्याल रखने के लिए इस बात का ध्यान  रखें कि जिस बिविछावन पर नवजात को सुलाएं, वह पूरी तरह साफ हो। गंदा होने के साथ ही तुरंत बिछावन विछावन को बदल दें। गीला कपड़ा पर नवजात को नहीं सुलाएं। वहीं, ठंड से होने वाली परेशानियों से दूर रखने के लिए सर्द हवाओं से बिलकुल दूर रखें और प्रतिदिन धूप लगाएं। इससे नवजात के शरीर को उचित गर्माहट मिलेगी गा और वह ठंड से संबंधित परेशानी से दूर रहेगा।

बदलते मौसम में शिशुओं के स्वास्थ्य के प्रति रहें सजग, देखभाल का रखें विशेष ख्याल

 बदलते मौसम में शिशुओं के स्वास्थ्य के प्रति रहें सजग, देखभाल का रखें विशेष ख्याल 


- सुबह और शाम में ठंड के दौरान गर्म कपड़े का करें उपयोग, सर्दियों की परेशानी से रहें दूर 

- साफ-सफाई का रखें विशेष ख्याल, संक्रामक बीमारी से बचाव के लिए होगा कारगर 

By amit Kumar

M v online bihar news/बक्सर, 04 फरवरी | मौसम में लगातार बदलाव हो रहें हैं । पिछले 20 दिनों पूर्व जहां एक ओर लोग पूरे दिन सर्द हवाओं, शीतलहर और कोहरे से परेशान थे, वहीं गत दिनों तीखी धूप से मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले चार दिनों से सुबह के पहले और शाम के बाद तापमान में तो गिरावट हो रही है। दोपहर में तेज धूप लोगों को ठंड से राहत पहुंचा रही है। मौसम में बदलाव को देखते यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि आगामी दो हफ़्तों में सर्द हवाओं का चलना लगभग बन्द हो जाएगा। लेकिन, इस दौरान भी लोगों को ठंड और सर्द हवाओं से बचना होगा। विशेषकर बच्चों व नवजातों को इन दोनों समय विशेष देखभाल की जरूरत है। ताकि, उन्हें मौसमी बीमारियों से बचाव किया जा सके । दरअसल, सामान्य लोगों के सापेक्ष नवजात की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर रहती है।

सभी को विशेष सजग रहने की जरूरत :

अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नरेश कुमार ने बताया जिले में बर्फीली हवाओं के बन्द होने और कुहासों के कम होने से तापमान में बढ़ोत्तरी हो रही है। जिससे के अधिकतम तापमान में भी लगातार वृद्धि हो रही है। लेकिन, अभी भी सुबह और शाम में ठंड महसूस हो रही है। इसलिए, ठंड से बचाव को लेकर हर किसी को विशेष सजग रहने की जरूरत है। ऐसे में खासकर नवजात बच्चों का उचित देखभाल करने की बेहद जरूरी है। बच्चे बदलते मौसम की के चपेट में तुरंत आ जाते हैं और तरह-तरह की के बीमारी से घिर जाते हैं। किन्तु, नवजात के स्वास्थ्य के प्रति थोड़ा सजग होकर नवजात को इन तमाम परेशानियों से दूर रखा जा सकता है। 

शिशुओं को छः माह तक पिलाएं मां का दूध : 

सदर अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि भूषण श्रीवास्तव ने बताया कि नवजात के का शारीरिक और मानसिक विकास के लिए माँ का दूध अमृत के समान होता है। इससे ना सिर्फ शारीरिक और मानसिक विकास ही होता है। बल्कि, नवजात की का रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी पूर्व के सापेक्ष काफी मजबूत होती ता है। जिससे नवजात कई रोगों से लड़ने में सक्षम और रहता है और खासकर संक्रामक बीमारी से भी दूर रहता है। इसलिए, नवजात को जन्म के बाद छः माह तक सिर्फ माँ का दूध ही पिलाएं। 

बच्चों व शिशुओं को गर्म कपड़े पहनाएं :

बदलते मौसम से बच्चों को बचाने को लिए उपयुक्त गर्म और ऊनी कपड़े पहनाएं। इससे नवजात के शरीर का तापमान सामान्य रहेगा और ठंड से होने वाली परेशानी से दूर रहेगा। इसके अलावा वे साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और नवजात का उचित देखभाल करते रहें। क्योंकि, साफ-सफाई का ख्याल रखने से नवजात हर तरह की के संक्रामक बीमारी से भी दूर रहेगा।  

साफ बिविस्तर पर नवजात को सुलाएं :

साफ-सफाई का ख्याल रखने के लिए इस बात का ध्यान  रखें कि जिस बिविछावन पर नवजात को सुलाएं, वह पूरी तरह साफ हो। गंदा होने के साथ ही तुरंत बिछावन विछावन को बदल दें। गीला कपड़ा पर नवजात को नहीं सुलाएं। वहीं, ठंड से होने वाली परेशानियों से दूर रखने के लिए सर्द हवाओं से बिलकुल दूर रखें और प्रतिदिन धूप लगाएं। इससे नवजात के शरीर को उचित गर्माहट मिलेगी गा और वह ठंड से संबंधित परेशानी से दूर रहेगा।