कोरोना से हुए थे संक्रमित, वैक्सीन लेने के बाद लोगों को कर रहे जागरूक
- चौगाईं पीएचसी प्रभारी ने वैक्सीन ली दोनों डोज
- कोरोना काल में लोगों की सेवा करने के लिए पत्नी ने बढ़ाया था हौसला
- अब वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद बने कोविड-19 के चैंपियन
By amit kumar
M v online bihar news/बक्सर, 22 फरवरी | कोरोना काल के दौरान जिले में कई लोगों ने गरीब व असहाय लोगों की मदद की। इस कड़ी में एक वर्ग चिकित्सकों का भी है जिन्होंने संक्रमण की संभावना के बीच दिन-रात लोगों की सेवा की। उनकी जनसेवा के जज्बे ने कोरोना के संक्रमण और उसकी संभावना को भी परास्त किया। इन्हीं में से एक कोरोना योद्धा हैं चौगाईं के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मितेन्द्र कुमार। वह कोरोनाकाल में संक्रमित भी हुए और ठीक होने के बाद दोगुने हौसले से जनसेवा में जुटे। इस दौरान वह लोगों को संक्रमण से बचने के लिए सरकार के द्वारा जारी गाइड लाइन्स का पालन करने के लिए जागरूक भी करते रहे। वहीं, अब कोविड-19 वैक्सीनेशन के दूसरे चरण में टीके के दोनों डोज लेने के बाद जनमानस को टीकाकरण के लिए प्रेरित कर रहे हैं। सोमवार को पीएचसी केंद्र पर उन्होंने वैक्सीन की दूसरी डोज ली। जिसके बाद लोगों की सेवा का उनका हौसला और भी बढ़ गया है।
संक्रमित होने के बाद पत्नी ने बढ़ाया हौसला :
डॉ मितेंद्र कुमार ने बताया जब उन्हें पता चला कि वह कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं, तब उन्होंने स्वयं को आइसोलेट किया। ताकि, दूसरे लोग उन से संक्रमित ना हो सके। संक्रमण के दौरान उनकी पत्नी व बच्चों ने उनका हौसला बढ़ाया। जिसकी बदौलत वह स्वयं को जल्द स्वस्थ कर पाएं। ठीक होने के बाद उनकी पत्नी समय-समय पर उनकी हौसला अफजाई करती रही। जिससे जनसेवा का उनका जज्बा मजबूत हो और संक्रमण की संभावना के बीच वह लोगों की सेवा में जुटे। उन्होंने बताया कि संक्रमित होने के बाद उन्हें बोध हुआ कि इस महामारी के दौरान चिकित्सकों की भूमिका कितनी अहम है। एक ओर पूरा समाज संक्रमण की संभावना के बीच जी रहा था, वहीं कोरोना वायरस और लोगों के बीच स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन, पुलिस और स्थानीय संगठन खड़ा था। इसलिए उन्होंने फैसला किया कि ठीक होने के बाद वह दुगने हौसले से लोगों की सेवा करेंगे।
वैक्सीन की ली पूरी डोज :
डॉ. मितेंद्र कुमार ने बताया जब कोविड-19 वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हुआ था, तब वह अपने क्षेत्र के सभी चिकित्सा पदाधिकारी और स्वास्थ्य कर्मियों को इसके लिए प्रेरित करते रहे । उसके बाद दूसरे चरण में जब टीकाकरण शुरू हुआ, तब उन्होंने वैक्सीन लेने के लिए लोगों को जागरूक किया। सोमवार को कोविड-19 वैक्सीन का दूसरा डोज लेने के बाद उन्होंने कहा कि स्वदेश निर्मित यह वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। वैक्सीन लेने के बाद कोई परेशानी नहीं हुई। हालांकि, गाइड लाइन्स के अनुसार आधे घंटे तक उनकी निगरानी की। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह बिना डरे यह टीका ले सकते हैं।
टीका लेने के बाद भी इन मानकों का करें पालन :
- मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
- भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
- अनावश्यक यात्रा से बचें।


