संस्थान द्वारा दी जा रही सेवाओं में सरल परिवर्तन सा आएगा गुणात्मक परिवर्तन- डॉ. नीरू गोयल
• अनुपूरक आहार की महत्ता समुदाय को समझना जरूरी- डॉ. निगम प्रकाश
• चिकित्सकों एवं नर्सों के दो दिवसीय कार्यशाला का हुआ समापन
• कार्यशाला के माध्यम से मातृ एवं शिशु पोषण पर दी गई जानकारी
By amit kumar
M v online bihar news पटना, 13 फ़रवरी| अलाइव एंड थराइव के सहयोग से इंदिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान ,पटना के कम्युनिटी मेडिसिन शाखा में चिकित्सकों एवं नर्सों की मातृ,शिशु एवं छोटे बच्चों के पोषण पर प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गयी| कार्यशाला के माध्यम से मातृत्व के प्रथम 1000 दिन में पोषण की महता पर विस्तार से जानकारी दी गई| दो दिवसीय कार्यशाला का आज शनिवार को समापन हुआ।
संस्थान द्वारा दी जा रही सेवाओं में सरल परिवर्तन सा आएगा गुणात्मक परिवर्तन:
इंदिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान ,पटना प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ नीरू गोयल ने बताया दो दिवसीय प्रशिक्षण से मातृ एवं शिशु पोषण के सन्देश को लाभार्थियों तक पहुंचाने के बारे में कई रोचक तकनीक की जानकारी दी गयी।. संस्थान संचालन के बारे में गुणात्मक परिवर्तन के बारे में दी गयी जानकारी महत्वपूर्ण साबित हुई।. संस्थान द्वारा लाभार्थियों को दी जाने वाली सेवाओं में सुधार के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं।
अनुपूरक आहार की महत्ता समुदाय को समझाना जरूरी :
पीएमसीएच के शिशु रोग विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. निगम प्रकाश ने कहा शिशु के 6 माह पूरे होने के उपरांत माँ के दूध के अलावा ऊपरी आहार उसे पोषित एवं स्वस्थ रखता है।. इसकी जानकारी सभी को है लेकिन घरों में इसकी महत्ता को समझा नहीं जाता है जिससे बौनापन एवं दुबलापन जैसे लक्षण छोटे बच्चों में पाए जाते हैं। 6 माह के बाद बढ़ते हुए शिशु की शारीरिक जरूरतें सिर्फ माँ के दूध से पूरी नहीं होती हैं इसलिए सही मात्रा में दिन में चार से पांच बार सुपाच्य भोजन स्वच्छता का ध्यान रखते हुए शिशुओं को नियमित रूप से देना चाहिए।. हर चिकित्सीय संस्थान में आने वाली गर्भवती एवं धात्री माताओं को ऊपरी आहार के बारे में पूरी जानकारी दी जानी चाहिए.| ऊपरी आहार के बारे में संस्थान में आने वाले लाभार्थियों को सटीक जानकारी अगर रोचक तरीके से बताई जाए तो समुदाय में पोषण को लेकर व्यवहार परिवर्तन लाने में मदद करेगी.| डॉ. प्रकाश ने ऊपरी आहार की सही मात्रा के बारे में जरूरी जानकारियां साझा की।.
मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार जरूरी:
अलाइव एंड थराइव, पटना की वरीय कार्यक्रम प्रबंधक डॉ अनुपम श्रीवास्तव ने कहा प्रदान की जा रही सेवाओं में गुणात्मक सुधार लाकर पोषण के सन्देश को और प्रभावी तरीके से लाभार्थियों तक पहुँचाया जा सकता है।. डॉ अनुपम ने कार्यशाला में शामिल प्रतिभागियों को संस्थान में दी जा रही सेवाओं के गुणात्मक सुधार को लेकर कई तकनीक साझा की और प्रतिभागियों से इसे संस्थान के संचालन में अपनाने की जरूरत पर बल दिया।
दो दिवसीय कार्यशाला का संचालन अलाइव एंड थराइव, पटना की वरीय कार्यक्रम प्रबंधक डॉ अनुपम श्रीवास्तव ने किया|. इस अवसर पर इंदिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान संसथान के कई चिकित्सक, नर्स एवं छात्रों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर प्रशिक्षण का लाभ उठाया। शामिल प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के समापन पर सर्टिफिकेट भी जारी किया गया




