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नियाजीपुर में मजाक बन गया अतिक्रमण विरोधी अभियान,नहीं है अधिकारी की बात का असर 

by admin

m v online bihar news/बक्सर/सिमरी/ circle Officer यानि सीओ द्वारा दिए गए निर्देश के बावजूद भी नियाजीपुर बाजार से अतिक्रमण को नहीं हटाया जाना सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहा है। वही ग्रामीणों का कहना है कि  जिला पदाधिकारी और सीओ के द्वारा  दिए गए निर्देश एवं स्थानीय प्रशासन को तत्काल नियाजीपुर बाजार में व्याप्त अतिक्रमण मुक्त करने का यथोचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन आज तक उस पर अमल नहीं हुआ। ऐसी स्थिति में प्रतिदिन घंटों जाम की समस्या से जूझना लोगों की नियति बन गई है।



                                     

सोमवार को भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक से लेकर राजपुर नियाजीपुर रोड तक लगे जाम से करीब दो घंटे तक लोग परेशान रहे। लेकिन स्थानीय प्रशासन ने उनकी सुध नहीं ली। क्षेत्रीय लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल है की इस जाम के अंतहीन सिलसिला से कब निजात मिलेगी। बाजार में बढ़ती भीड़ के बीच प्रतिदिन जाम की चक्की में आम जनता का पिसना लोगों के प्रति अधिकारियों के समर्पित सेवा भावना को प्रदर्शित कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बाजार में टेम्पो व बस का अवैध पड़ाव तथा फुटपाथ आधारित दुकानदारी इस समस्या का सबसे बड़ा कारण है। दरअसल, नियाजीपुर बाजार में  भोजपुर के लिए अप और डाउन की बसों का पड़ाव बीच सड़क पर होता है। बसों की स्थिति यह है कि पहली तभी खुलती है जब दूसरी बस पीछे आ कर खड़ी हो जाती है। टेम्पो वालों की भी स्थिति यही है। पिछले दो वर्ष पूर्व प्रशासन द्वारा चलाए गए अभियान के दौरान वाहन मालिकों को यह स्पष्ट निर्देश दिया गया था.कि बाजार में सड़क किनारे छोटे बड़े वाहनों का ठहराव करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। लेकिन इसका असर उनके ऊपर तनिक भी नहीं हुआ। आज भी वाहनों का ठहराव बीच बाजार में सड़क पर ही हो रहा है। क्षेत्रीय लोगों ने तत्काल इस दिशा में सार्थक पहल करने की मांग जिला पदाधिकारी से की है। ताकि आम जनता को दिन में कई बार बाजार में लगने वाले जाम से मुक्ति मिल सके।


नियाजीपुर में मजाक बन गया अतिक्रमण विरोधी अभियान,नहीं है अधिकारी की बात का असर

नियाजीपुर में मजाक बन गया अतिक्रमण विरोधी अभियान,नहीं है अधिकारी की बात का असर 

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m v online bihar news/बक्सर/सिमरी/ circle Officer यानि सीओ द्वारा दिए गए निर्देश के बावजूद भी नियाजीपुर बाजार से अतिक्रमण को नहीं हटाया जाना सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहा है। वही ग्रामीणों का कहना है कि  जिला पदाधिकारी और सीओ के द्वारा  दिए गए निर्देश एवं स्थानीय प्रशासन को तत्काल नियाजीपुर बाजार में व्याप्त अतिक्रमण मुक्त करने का यथोचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन आज तक उस पर अमल नहीं हुआ। ऐसी स्थिति में प्रतिदिन घंटों जाम की समस्या से जूझना लोगों की नियति बन गई है।



                                     

सोमवार को भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक से लेकर राजपुर नियाजीपुर रोड तक लगे जाम से करीब दो घंटे तक लोग परेशान रहे। लेकिन स्थानीय प्रशासन ने उनकी सुध नहीं ली। क्षेत्रीय लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल है की इस जाम के अंतहीन सिलसिला से कब निजात मिलेगी। बाजार में बढ़ती भीड़ के बीच प्रतिदिन जाम की चक्की में आम जनता का पिसना लोगों के प्रति अधिकारियों के समर्पित सेवा भावना को प्रदर्शित कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बाजार में टेम्पो व बस का अवैध पड़ाव तथा फुटपाथ आधारित दुकानदारी इस समस्या का सबसे बड़ा कारण है। दरअसल, नियाजीपुर बाजार में  भोजपुर के लिए अप और डाउन की बसों का पड़ाव बीच सड़क पर होता है। बसों की स्थिति यह है कि पहली तभी खुलती है जब दूसरी बस पीछे आ कर खड़ी हो जाती है। टेम्पो वालों की भी स्थिति यही है। पिछले दो वर्ष पूर्व प्रशासन द्वारा चलाए गए अभियान के दौरान वाहन मालिकों को यह स्पष्ट निर्देश दिया गया था.कि बाजार में सड़क किनारे छोटे बड़े वाहनों का ठहराव करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। लेकिन इसका असर उनके ऊपर तनिक भी नहीं हुआ। आज भी वाहनों का ठहराव बीच बाजार में सड़क पर ही हो रहा है। क्षेत्रीय लोगों ने तत्काल इस दिशा में सार्थक पहल करने की मांग जिला पदाधिकारी से की है। ताकि आम जनता को दिन में कई बार बाजार में लगने वाले जाम से मुक्ति मिल सके।