कोविड-19 टीकाकरण के दौरान एईएफआई की घटना होने तत्काल प्रबंधन की रहेगी व्यवस्था
• मेडिकल कॉलेजों में समुचित उपचार एवं प्रबंधन करने का निर्देश
• 16 जनवरी से शुरू होगा कोविड-19 का टीकाकरण
• बक्सर जिले के एईएफआई लक्षण वाले मरीज होंगे आईजीआईएमएस, पटना रेफर
by amit kumar
m v online bihar news/बक्सर/16 जनवरी से कोविड 19 टीकाकरण प्रारंभ किया जाएगा। इसको लेकर विभागीय तैयारियां पूरी कर ली गई है। टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के कर्मी दिन रात अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। टीकाकरण के दौरान टीकाप्राप्त लाभार्थी में किसी प्रकार की सामान्य एवं गंभीर एडवर्स इवेंट फॉलोइंग यूनाइजेशन(एईएफआई)की घटना घटित होने पर आवश्यकता अनुसार जांच एवं उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने दिया है। कोविड 19 के टीकाकरण के उपरांत यदि किसी लाभार्थी में एएसआई के गंभीर लक्षण नजर आते हैं तथा रोगी का समुचित उपचार संबद्ध जिला,सदर/अनुमंडल एवं रेफरल अस्पतालों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संस्थान आदि में संभव नहीं हो तो वैसी परिस्थिति में उन्हें जिला से संबद्ध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रेफर किए जाने के लिए रोगी को एंबुलेंस की सुविधा के साथ साथ एक चिकित्सक तथा अन्य सहकर्मी के साथ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भेजने की व्यवस्था की जाएगी.
बक्सर जिले के एईएफआई लक्षण वाले मरीजों को भेजा जायेगा आईजीआईएमएस, पटना:
बक्सर में अगर इस तरह के मामले आते हैं तो उस व्यक्ति को बेहतर उपचार के लिए पटना स्थित इंदिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संसथान में भेजा जाएगा। इसके साथ ही संबंधित मेडिकल कॉलेज अस्पताल को निर्देश दिया गया है कि उपरोक्त उपस्थिति में एईएफआई के गंभीर मामलों के समुचित इलाज एवं प्रबंधन के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित रखा जाए.
सभी टीकाकरण स्थलों पर एईएफआई का किट रहेगा उपलब्ध:
सभी टीकाकरण स्थलों पर पर्याप्त मात्रा में एनफ्लासिक्स तथा स्वास्थ्य संस्थानों पर एईएफआई कीट की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। कोविड-19 के टीकाकरण के पश्चात होने वाले किसी प्रकार के एईएफआई घटना की प्रविष्टि को-विन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
24 घंटे क्रियाशील रहेगा नियंत्रण कक्ष:
जारी पत्र के अनुसार कोविड-19 को लेकर जिला एवं प्रखंड स्तर पर 24 घंटे क्रियाशील नियंत्रण कक्ष में मौजूद चिकित्सा पदाधिकारी एवं कर्मियों को तीन पारियों में प्रतिनियुक्त करते हुए टीकाकरण कार्यों की मॉनिटरिंग की जाएगी .
प्रत्येक सत्र पर 100 कर्मियों का होगा वैक्सीनेशन:
100 लाभार्थियों की संख्या पर एक दल का गठन होगा। प्रत्येक सत्र पर 100 लाभार्थियों का टीकाकरण किया जाएगा। टीकाकरण दल के सदस्यों के लिए अनिवार्य रूप से पहचान पत्र लगाना आवश्यक है। चयनित सत्र स्थलों पर 16 जनवरी को टीकाकरण के लिए नामित सभी लाभार्थियों की सूची टीकाकरण सत्र स्थल पर 2 दिन पहले अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जायेगा।
टीकाकरण स्थल पर कोविड प्रोटोकॉल का करना होगा पालन:
सत्र स्थलों पर प्रचार प्रसार हेतु बैनर पोस्टर का प्रदर्शन एवं साज-सज्जा सामग्रियों का समुचित प्रबंध अनिवार्य रूप से किया जाए। टीकाकरण केंद्र पर समुचित मात्रा में हैंड सैनिटाइजर मास्क आदि की व्यवस्था रखी जाए ताकि लाभार्थियों एवं कर्मियों के द्वारा हैंड सैनिटाइजर का उपयोग किया जा सके। साथ ही कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए साफ- सफाई का पूर्ण रूप से ध्यान देते हुए पूर्व में निर्गत प्रोटोकॉल का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए।

