टीकाकरण के लिए मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से दी जायेगी सूचना
- राज्य मुख्यालय के द्वारा दो दिवसीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रशिक्षण में शामिल हुए जिला स्तरीय पदाधिकारी
- जिलास्तर पर कार्यशाला के बाद प्रखंडों में भी पीएचसी परिसर में आयोजित कराया जाएगा प्रशिक्षण
By amit singh
M v online bihar news/बक्सर, 17 दिसंबर | कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू हो चुकी हैं। इस क्रम में जिलास्तरीय पदाधिकारियों की टीम को प्रशिक्षित करने का कार्य शुरू हो चुका है। इसके लिए राज्य मुख्यालय के द्वारा गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दो दिवसीय प्रशिक्षण की शुरुआत की गई। जिसमें टीकाकरण की निगरानी के लिए लॉन्च किए गए कोरोना वैक्सीन इंटेलीजेंस नेटवर्क (कोविन) पोर्टल की जानकारी दी गई। बताया गया कि कोविन के माध्यम से लाभार्थी को एसएमएस के द्वारा सूचना मिल जाएगी कि किस दिन किस स्थान पर टीका लगेगा। इसके लिए पोर्टल पर डाटा फीडिंग किया जायेगा। इसपर टीकाकरण की पूरी जानकारी दी जाएगी। मौके पर सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ, डीआईओ डॉ. राज किशोर सिंह, यूएनडीपी के वीसीसीएम मनीष कुमार सिन्हा, केअर के डीटीएल आशिष चतुर्वेदी, यूनिसेफ की एसएमसी शगुफ्ता जमील समेत डाटा ऑपरेटर शामिल रहें।
टीकाकरण के लिए को-विन एप में होंगे पांच मॉड्यूल :
सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ ने बताया पहले चरण के लिए फ्रंटलाइन वकर्स के आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। उनका एप पर रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा। टीका चाहने वाला व्यक्ति इसपर अपना पंजीकरण करा सकता है। को-विन एप में पांच मॉड्यूल होंगे, जिनमें प्रशासक मॉड्यूल, पंजीकरण मॉड्यूल, टीकाकरण मॉड्यूल, लाभार्थी सूचना प्राप्ति मॉड्यूल तथा रिपोर्ट मॉड्यूल होंगे। प्रशासक मॉड्यूल प्रशासकों के लिए है, जो टीकाकरण सत्र आयोजित करेंगे। पंजीकरण मॉड्यूल टीकाकरण के इच्छुक लोगों के पंजीकरण के लिए है। टीकाकरण मॉड्यूल में लाभार्थी की जानकारी का सत्यापन किया जाएगा। वहीं, लाभार्थी सूचना प्राप्ति मॉड्यूल में लाभार्थी को टीकाकरण के बाद एसएमएस तथा क्यूआर आधारित प्रमाणपत्र भेजा जाएगा। रिपोर्ट मॉड्यूल में यह रिपोर्ट तैयार की जाएगी कि कितने टीकाकरण सत्र आयोजित किए गए और उनमें कितने लोगों ने हिस्सा लिया।
पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत लाभार्थी को लाभ मिलेगा :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राज किशोर सिंह ने बताया को-विन एप यूएनडीपी के सहयोग से बनाया गया है। जिसे कोविड-19 के टीकाकरण कार्य से जुड़े कार्यों एवं निगरानी के लिए उपयोग किया जाएगा। पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत लाभार्थी को लाभ मिलेगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी होगी। इसकी ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी। सत्र स्थल पर बिना मोबाइल फोन पर सूचना, मैसेज के किसी भी व्यक्ति को आने की अनुमति नहीं होगी। समुदाय के आखिरी व्यक्ति तक टीकाकरण का लाभ देने का लक्ष्य है, जिसका लाभ चरणबद्ध तरीके से दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वैक्सीन कोल्ड चेन प्वाइंट पर वैक्सीन के स्टाक की मात्रा एवं भंडारण फ्रिजरियल टाइम तापमान की ऑनलाइन निगरानी कोविन प्रोग्राम के अंतर्गत मोबाइल एप एवं बेब पोर्टल से की जाएगी। इसके लिए जिले में प्रत्येक कोल्ड चेन पर रखे आईएलआर में टेंपरेचर लागर नाम की एक सेंसर युक्त डिवाइस स्थापित है। जो पोर्टल जुड़कर पूरी तरह से कोरोना वैक्सीन के प्रबंध पर कार्य करेगा।
वैक्सीन आने तक इन बातों का रखना होगा ध्यान :
- व्यक्तिगत स्वच्छता और 2 गज की शारीरिक दूरी बनाए रखें।
- बार-बार हाथ धोने की आदत डालें।
- घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें।


