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 छह दिसंबर तक जिले के 165 पुरुषों की नसबंदी का लक्ष्य किया गया है निर्धारित : सीएस


- तीन दिसंबर को सदर अस्पताल बक्सर व चार दिसंबर को डुमरांव अनुमंडल अस्पताल में होगा मेगा कैंप का आयोजन

- जिले में दो चरणों में 23 नवंबर से लेकर छह दिसंबर तक मनाया जाएगा पुरुष नसबंदी पखवाड़ा

By amit singh

M v online bihar news/बक्सर/24 नवंबर- जिले में प्रजनन दर को नियंत्रित रखने के लिए समय-समय पर परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत अभियान चलाए जाते हैं। जिसके माध्यम से पुरुषों को जागरूक तो किया ही जाता है, वहीं महिलाओं को भी परिवार नियोजन के लिए प्रेरित किया जाता है। इस क्रम में राज्य मुख्यालय के निर्देशानुसार जिले में 23 नवंबर से पुरुष नसबंदी पखवाड़ा का आयोजन किया गया है। जिसके तहत जिले के सभी प्रखंड़ों में विशेष अभियान चलाकर पुरुषों को नसबंदी कराने के लिए जागरूक और प्रेरित किया जाएगा। अभियान के संबंध में सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ ने बताया कि इस बार जिले में कुल 165 पुरुषों की नसबंदी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को 15-15 नसबंदी का लक्ष्य दिया गया है। जिसमें प्रत्येक पीएचसी को 10 कन्वेंशन वासेक्टोमी (सीवी) तथा पांच नो स्कैंपेल वासेक्टोमी (एनएसवी) का लक्ष्य है। वहीं, महिलाओं के लिए बंध्याकरण आदि का लक्ष्य निर्धारित है। जिसमें जिले की 440 महिलाओं का बंध्याकरण, 568 को कॉपर-टी तथा 1136 महिलाओं को अंतरा की सुई देना है। जिसका लक्ष्य प्रखंडों को आवंटित किया जा चुका है।

दो चरणों में संचालित किया जाएगा अभियान :

सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ ने बताया इस वर्ष 'परिवार नियोजन में पुरुषों की साझेदारी जीवन में लाए स्वास्थ्य और खुशहाली' थीम के साथ 30 नवंबर से 6 दिसंबर तक पुरुष नसबंदी पखवाड़ा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत 23 नवंबर से 29 दिसंबर तक उत्प्रेरक गतिविधियों का आयोजन कर इच्छुक लाभार्थियों को पंजीकृत किया जाएगा। वहीं, 30 नवंबर से 6 दिसंबर तक पुरुष नसबंदी के साथ-साथ महिला बंध्याकरण, अंतरा, गर्भनिरोधक, गोलियां एवं आईयूसीडी इत्यादि सेवा देने का कार्य किया जाएगा। पखवाड़ा का आयोजन दो चरणों में किया जाना है, प्रथम चरण में 23 से 29 नवंबर तक एएनएम व आशा घर-घर जाकर आमजनों से संपर्क करेंगी।

बातचीत के दौरान इच्छुक दंपतियों को किया जाएगा निबंधित :

परिवार नियोजन के नोडल अधिकारी प्रभारी एसीएमओ डॉ. नरेश कुमार ने बताया पहले चरण में आशा व एएनएम लोगों को बताएंगी कि वैश्विक महामारी के इस दौर में पुरुष नसबंदी अधिक महत्वपूर्ण है। वह बातचीत के बाद खुद दंपतियों को निबंधित करेंगी। साथ ही, उन्हें नजदीकी संस्थान में नसबंदी के लिए निर्धारित तिथि से अवगत कराते हुए उन्हें नियत तिथि को आमंत्रित किया जाएगा। इच्छुक लोगों को उनके अनुसार अन्य स्थाई व अस्थाई परिवार नियोजन साधनों के संबंध में भी जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा पुरुष नसबंदी के साथ-साथ अन्य सेवाओं के लिए इच्छुक जोड़ों को उनकी क्षेत्र सेवा हेतु पंजीकृत किया जाएगा। प्रखंडों में शिविर लगने के साथ तीन दिसंबर को सदर अस्पताल बक्सर व चार दिसंबर को डुमरांव अनुमंडल अस्पताल में मेगा कैंप का आयोजन होगा।

संचालित होंगे कई जागरूकता कार्यक्रम :

वहीं, अभियान की निगरानी में लगे डीसीएम संतोष कुमार ने बताया ग्राम स्तर पर सास बहू बेटी सम्मेलन इत्यादि के माध्यम से सामुदायिक स्तर पर पुरुष नसबंदी सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए जागरूक कार्यक्रमों का संचालन भी किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर ग्रामीण चिकित्सकों आंगनबाड़ी सेविकाओं, नियमित टीकाकरण तथा पल्स पोलियो टीम इत्यादि का भी प्रयोग करते हुए अधिक से अधिक लोगों को पुरुष नसबंदी अपनाने हेतु जागरूक किया जाएगा। पखवाड़ा के द्वितीय चरण में कार्य योजना के अनुसार सेवाएं प्रदान की जाएंगी। सभी कार्यक्रमों में कोविड-19 के गाइडलाइन का पालन सख्ती से किया जायेगा

छह दिसंबर तक जिले के 165 पुरुषों की नसबंदी का लक्ष्य किया गया है निर्धारित : सीएस

 छह दिसंबर तक जिले के 165 पुरुषों की नसबंदी का लक्ष्य किया गया है निर्धारित : सीएस


- तीन दिसंबर को सदर अस्पताल बक्सर व चार दिसंबर को डुमरांव अनुमंडल अस्पताल में होगा मेगा कैंप का आयोजन

- जिले में दो चरणों में 23 नवंबर से लेकर छह दिसंबर तक मनाया जाएगा पुरुष नसबंदी पखवाड़ा

By amit singh

M v online bihar news/बक्सर/24 नवंबर- जिले में प्रजनन दर को नियंत्रित रखने के लिए समय-समय पर परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत अभियान चलाए जाते हैं। जिसके माध्यम से पुरुषों को जागरूक तो किया ही जाता है, वहीं महिलाओं को भी परिवार नियोजन के लिए प्रेरित किया जाता है। इस क्रम में राज्य मुख्यालय के निर्देशानुसार जिले में 23 नवंबर से पुरुष नसबंदी पखवाड़ा का आयोजन किया गया है। जिसके तहत जिले के सभी प्रखंड़ों में विशेष अभियान चलाकर पुरुषों को नसबंदी कराने के लिए जागरूक और प्रेरित किया जाएगा। अभियान के संबंध में सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ ने बताया कि इस बार जिले में कुल 165 पुरुषों की नसबंदी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को 15-15 नसबंदी का लक्ष्य दिया गया है। जिसमें प्रत्येक पीएचसी को 10 कन्वेंशन वासेक्टोमी (सीवी) तथा पांच नो स्कैंपेल वासेक्टोमी (एनएसवी) का लक्ष्य है। वहीं, महिलाओं के लिए बंध्याकरण आदि का लक्ष्य निर्धारित है। जिसमें जिले की 440 महिलाओं का बंध्याकरण, 568 को कॉपर-टी तथा 1136 महिलाओं को अंतरा की सुई देना है। जिसका लक्ष्य प्रखंडों को आवंटित किया जा चुका है।

दो चरणों में संचालित किया जाएगा अभियान :

सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ ने बताया इस वर्ष 'परिवार नियोजन में पुरुषों की साझेदारी जीवन में लाए स्वास्थ्य और खुशहाली' थीम के साथ 30 नवंबर से 6 दिसंबर तक पुरुष नसबंदी पखवाड़ा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत 23 नवंबर से 29 दिसंबर तक उत्प्रेरक गतिविधियों का आयोजन कर इच्छुक लाभार्थियों को पंजीकृत किया जाएगा। वहीं, 30 नवंबर से 6 दिसंबर तक पुरुष नसबंदी के साथ-साथ महिला बंध्याकरण, अंतरा, गर्भनिरोधक, गोलियां एवं आईयूसीडी इत्यादि सेवा देने का कार्य किया जाएगा। पखवाड़ा का आयोजन दो चरणों में किया जाना है, प्रथम चरण में 23 से 29 नवंबर तक एएनएम व आशा घर-घर जाकर आमजनों से संपर्क करेंगी।

बातचीत के दौरान इच्छुक दंपतियों को किया जाएगा निबंधित :

परिवार नियोजन के नोडल अधिकारी प्रभारी एसीएमओ डॉ. नरेश कुमार ने बताया पहले चरण में आशा व एएनएम लोगों को बताएंगी कि वैश्विक महामारी के इस दौर में पुरुष नसबंदी अधिक महत्वपूर्ण है। वह बातचीत के बाद खुद दंपतियों को निबंधित करेंगी। साथ ही, उन्हें नजदीकी संस्थान में नसबंदी के लिए निर्धारित तिथि से अवगत कराते हुए उन्हें नियत तिथि को आमंत्रित किया जाएगा। इच्छुक लोगों को उनके अनुसार अन्य स्थाई व अस्थाई परिवार नियोजन साधनों के संबंध में भी जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा पुरुष नसबंदी के साथ-साथ अन्य सेवाओं के लिए इच्छुक जोड़ों को उनकी क्षेत्र सेवा हेतु पंजीकृत किया जाएगा। प्रखंडों में शिविर लगने के साथ तीन दिसंबर को सदर अस्पताल बक्सर व चार दिसंबर को डुमरांव अनुमंडल अस्पताल में मेगा कैंप का आयोजन होगा।

संचालित होंगे कई जागरूकता कार्यक्रम :

वहीं, अभियान की निगरानी में लगे डीसीएम संतोष कुमार ने बताया ग्राम स्तर पर सास बहू बेटी सम्मेलन इत्यादि के माध्यम से सामुदायिक स्तर पर पुरुष नसबंदी सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए जागरूक कार्यक्रमों का संचालन भी किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर ग्रामीण चिकित्सकों आंगनबाड़ी सेविकाओं, नियमित टीकाकरण तथा पल्स पोलियो टीम इत्यादि का भी प्रयोग करते हुए अधिक से अधिक लोगों को पुरुष नसबंदी अपनाने हेतु जागरूक किया जाएगा। पखवाड़ा के द्वितीय चरण में कार्य योजना के अनुसार सेवाएं प्रदान की जाएंगी। सभी कार्यक्रमों में कोविड-19 के गाइडलाइन का पालन सख्ती से किया जायेगा