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 कोरोनाकाल में बुजुर्गों की मनोस्थिति का रखें ख्याल


 

by admin

m v online bihar news/बक्सर /अक्तूबर- कोरोना वैश्विक महामारी ने सभी के सामने कई चुनौतियाँ पेश की है. सभी आयुवर्ग के लोग कोरोना के संक्रमण से बचाव का उपाय कर रहे हैं. सरकार ने संक्रमित लोगों के लिए होम क्वारंटाइन की सुविधा प्रदान की है, जिसमें जरुरी सावधानियां अपनाकर मरीज स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन के रिपोर्ट के अनुसार कोरोना से संक्रमित होने का सर्वाधिक खतरा बच्चों और उम्रदराज लोगों को है. कई बुजुर्ग इस समय होम क्वारंटाइन में रहकर स्वास्थ्यलाभ ले रहे हैं. ऐसे समय में उनका अकेलापन और उपेक्षित महसूस करना आम होता जा रहा है. इस समय उनके परिवारजन और मित्र विभिन्न सोशल मीडिया के माध्यम से उनके संपर्क में रहकर उनका संबल बन सकते हैं.

कोरोनाकाल में बुजुर्गों की मनोस्थिति का रखें ख्याल:

सिविल सर्जन डॉ. जितेन्द्र नाथ ने बताया बुजुर्गों को हमेशा ही ज्यादा देखभाल की जरुरत होती है और इस संक्रमण के समय में उनका ज्यादा ध्यान रखने की जरुरत है. बुजुर्ग व्यक्ति जो होम क्वारंटाइन में रह रहे हैं, उन्हें सबसे ज्यादा जरुरत उनके मनोबल को बढ़ाने की होती है. अकेलापन या उपेक्षित महसूस करना उनके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है. कुछ समय निकलकर उनसे बातें करना और उनकी छोटी-छोटी जरूरतों का ध्यान रखकर उनका संबल बना जा सकता है. होम क्वारंटाइन में रह रहे बुजुर्गों की दवाओं की आपूर्ती और उनके आहार का ध्यान रखकर उनकी मदद इस कठिन समय में की जा सकती है. 

बुजुर्गों में संक्रमण का दोगुना ख़तरा: 

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के अनुसार बुजुर्गों में कोवीड-19 के संक्रमण का खतरा आम लोगों की तुलना में दोगुना अधिक होता है. इसलिए बुजुर्गों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है. ख़ास कर ऐसे बुजुर्ग जो किसी गंभीर रोग जैसे मधुमेह, ह्रदय रोग, फेफड़े एवं गुर्दे के रोग से पीड़ित हों, उनके परिवार को बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखने की जरूरत है. इसके लिए जरुरी है कि बुजुर्गों के आहार का भी ध्यान रखा जाए.   

खानपान पर दें पूरा ध्यान :

ऐसे समय में बुजुर्गों के खानपान पर भी पूरी तरह से ध्यान दिया जाए ताकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता बरकरार रहे. उनको ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ सेवन करने को दिए जाएं तथा उनके भोजन में दूध, दही, पनीर, हरी सब्जियां और दाल की भरपूर मात्रा होनी चाहिए. मौसमी और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फल जरूर लें. इसके आलावा जो लोग मांसाहारी हैं वह अच्छे से पके हुए चिकन-मटन व अच्छी तरह से उबाले गए अंडे का ही सेवन करें. कोरोना से बचने का सही तरीका ज्यादा से ज्यादा सावधानी बरतना ही है, ताकि वायरस को पूरी तरह से ख़त्म किया जा सके. हाथों को बार-बार साबुन-पानी से अच्छी तरह से धोएं, हाथों से  मुंह-आँख व नाक को अनावश्यक न छुएँ, छूने के बाद हाथों को धोएं एवं घर के बार-बार इस्तेमाल होने वाले स्थानों की सफाई पर खास ध्यान दें और बाहरी लोगों के संपर्क में आने से बचें.

कोरोनाकाल में बुजुर्गों की मनोस्थिति का रखें ख्याल

 कोरोनाकाल में बुजुर्गों की मनोस्थिति का रखें ख्याल


 

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m v online bihar news/बक्सर /अक्तूबर- कोरोना वैश्विक महामारी ने सभी के सामने कई चुनौतियाँ पेश की है. सभी आयुवर्ग के लोग कोरोना के संक्रमण से बचाव का उपाय कर रहे हैं. सरकार ने संक्रमित लोगों के लिए होम क्वारंटाइन की सुविधा प्रदान की है, जिसमें जरुरी सावधानियां अपनाकर मरीज स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन के रिपोर्ट के अनुसार कोरोना से संक्रमित होने का सर्वाधिक खतरा बच्चों और उम्रदराज लोगों को है. कई बुजुर्ग इस समय होम क्वारंटाइन में रहकर स्वास्थ्यलाभ ले रहे हैं. ऐसे समय में उनका अकेलापन और उपेक्षित महसूस करना आम होता जा रहा है. इस समय उनके परिवारजन और मित्र विभिन्न सोशल मीडिया के माध्यम से उनके संपर्क में रहकर उनका संबल बन सकते हैं.

कोरोनाकाल में बुजुर्गों की मनोस्थिति का रखें ख्याल:

सिविल सर्जन डॉ. जितेन्द्र नाथ ने बताया बुजुर्गों को हमेशा ही ज्यादा देखभाल की जरुरत होती है और इस संक्रमण के समय में उनका ज्यादा ध्यान रखने की जरुरत है. बुजुर्ग व्यक्ति जो होम क्वारंटाइन में रह रहे हैं, उन्हें सबसे ज्यादा जरुरत उनके मनोबल को बढ़ाने की होती है. अकेलापन या उपेक्षित महसूस करना उनके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है. कुछ समय निकलकर उनसे बातें करना और उनकी छोटी-छोटी जरूरतों का ध्यान रखकर उनका संबल बना जा सकता है. होम क्वारंटाइन में रह रहे बुजुर्गों की दवाओं की आपूर्ती और उनके आहार का ध्यान रखकर उनकी मदद इस कठिन समय में की जा सकती है. 

बुजुर्गों में संक्रमण का दोगुना ख़तरा: 

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के अनुसार बुजुर्गों में कोवीड-19 के संक्रमण का खतरा आम लोगों की तुलना में दोगुना अधिक होता है. इसलिए बुजुर्गों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है. ख़ास कर ऐसे बुजुर्ग जो किसी गंभीर रोग जैसे मधुमेह, ह्रदय रोग, फेफड़े एवं गुर्दे के रोग से पीड़ित हों, उनके परिवार को बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखने की जरूरत है. इसके लिए जरुरी है कि बुजुर्गों के आहार का भी ध्यान रखा जाए.   

खानपान पर दें पूरा ध्यान :

ऐसे समय में बुजुर्गों के खानपान पर भी पूरी तरह से ध्यान दिया जाए ताकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता बरकरार रहे. उनको ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ सेवन करने को दिए जाएं तथा उनके भोजन में दूध, दही, पनीर, हरी सब्जियां और दाल की भरपूर मात्रा होनी चाहिए. मौसमी और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फल जरूर लें. इसके आलावा जो लोग मांसाहारी हैं वह अच्छे से पके हुए चिकन-मटन व अच्छी तरह से उबाले गए अंडे का ही सेवन करें. कोरोना से बचने का सही तरीका ज्यादा से ज्यादा सावधानी बरतना ही है, ताकि वायरस को पूरी तरह से ख़त्म किया जा सके. हाथों को बार-बार साबुन-पानी से अच्छी तरह से धोएं, हाथों से  मुंह-आँख व नाक को अनावश्यक न छुएँ, छूने के बाद हाथों को धोएं एवं घर के बार-बार इस्तेमाल होने वाले स्थानों की सफाई पर खास ध्यान दें और बाहरी लोगों के संपर्क में आने से बचें.