anish प्रशिक्षण के बाद डीएमटी बनी अर्चना संस्थागत प्रसव की लक्ष्य प्राप्ति में निभा रही है अहम भूमिका - . "body"

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प्रशिक्षण के बाद डीएमटी बनी अर्चना संस्थागत प्रसव की लक्ष्य प्राप्ति में निभा रही है अहम भूमिका


- सुरक्षित प्रसव और अस्पताल प्रबंधन में दिख रहा उत्साह, पूर्व की अपेक्षा बढ़ा आत्मविश्वास

by amit kumar 

m v online bihar news/बक्सर, 19 फरवरी | संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा मातृ व शिशु स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अमानत ज्योति कार्यक्रम के तहत केयर इंडिया ने नर्सों को प्रशिक्षित किया है। जिसका  असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है.  प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद जहां एक ओर उनका आत्मविश्वास बढ़ा है, वहीं सुरक्षित प्रसव और अस्पताल प्रबंधन में भी उनका उत्साह दिख रहा है।

 इस संबंध में सदर पीएचसी में पदस्थापित एएनएम अर्चना कुमारी ने बताया केयर इंडिया के सहयोग से पहले उन्हें प्रक्षिक्षण दिया गया था. प्रशिक्षित होने के बाद उन्हें डिस्ट्रिक्ट मेंटरिंग टीम( डीएमटी) के रूप में वह अब सेवा दे रही है. उन्होंने बताया अब वह पहले की तुलना में अधिक दक्ष हुयी है, जिससे उन्हें कुशल  प्रसव प्रबंधन की जानकारी तो हुयी है. साथ ही अब वह अन्य एएनएम का क्षमतावर्धन भी कर पा रही है. प्रशिक्षण के माध्यम से वह अस्पताल के सभी विभागों की जानकारी और कार्यशैली से अगवगत हुई हैं। जिसमें ऑपरेशन थिएटर रूम, लेबर रूम, ओपीडी सहित अन्य विभागों के बारे में विस्तृत और तकनीकी रूप से दक्ष हुई हैं। अब उन्हें इन विभागों में काम करने के लिए मरीजों से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं और जटिलताओं की भी पूरी जानकारी हो गई है।

जटिलताओं की पहचान करने में सक्षम हुई हैं अर्चना :

एएनएम अर्चना कुमारी ने बताया प्रशिक्षण के बाद वह प्रसव के पूर्व व उसके दौरान की सभी तकनीकी पहलुओं से अवगत हो चुकी हैं। प्रशिक्षण में मरीजों के बुनियादी प्रक्रियाओं और उनमें आने वाली जटिलताओं की पहचान करने और उसका समुचित इलाज करने में सक्षम हुई हैं। साथ ही, उन्होंने बताया कि अब उन्हें लेबर रूम और ऑपरेशन थियेटर से सबंधित सभी आवश्यक तकनीकी पहलुओं की पूरी समझ हो चुकी है।  इससे   वह इन स्थानों पर मरीजों में होने वाली जटिलताएं पहचान कर, उसका  सही  समय पर समुचित इलाज कर पा रही हैं.  उनका कहना है कि प्रशिक्षण उनके लिए मील का पथर साबित हुआ है। इसके माध्यम से अब मातृ-शिशु स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के साथ-साथ मातृ-शिशु मृत्यु दर को भी कम करने में मदद मिल रही है।

सेवाओं व सुविधाओं में इजाफा हुआ है :

अमानत प्रशिक्षण में प्रसव पूर्व जांच के बारे में जो प्रशिक्षण मिला वह बहुत ही मददगार साबित हो रहा है। इस प्रशिक्षण की बदौलत ही सभी एएनएम गंभीर अवस्था की गर्भवतियों, एनीमिक और कमजोर महिलाओं की पहचान कर पा रही हैं। जिससे गर्भवतियों का सुरक्षित प्रसव संभव हो पा रहा है।  डीएमटी अर्चना कुमारी ने कहा पूर्व में लोगों व मरीजों के बीच सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों को लेकर गलत अवधारणा थी। जो अब दूर होने लगी है। अब सरकारी अस्पतालों में सेवाओं व सुविधाओं में इजाफा हुआ है। जिससे लोगों का विश्वास भी बढ़ा है। केयर इंडिया की मदद से अब जिले की एएनएम को तकनीकी ज्ञान बढ़ा है। आधुनिक उपकरण, कुशल स्वास्थ्यकर्मी व अमानत प्रशिक्षित नर्सें की बदौलत आज जिससे प्रसव कराना और नवजात की देखभाल आसान हुआ है जिससे न केवल जच्चा-बच्चा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं बल्कि, नर्सों का सम्मान भी बढ़ा है।

प्रशिक्षण के बाद डीएमटी बनी अर्चना संस्थागत प्रसव की लक्ष्य प्राप्ति में निभा रही है अहम भूमिका

प्रशिक्षण के बाद डीएमटी बनी अर्चना संस्थागत प्रसव की लक्ष्य प्राप्ति में निभा रही है अहम भूमिका


- सुरक्षित प्रसव और अस्पताल प्रबंधन में दिख रहा उत्साह, पूर्व की अपेक्षा बढ़ा आत्मविश्वास

by amit kumar 

m v online bihar news/बक्सर, 19 फरवरी | संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा मातृ व शिशु स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अमानत ज्योति कार्यक्रम के तहत केयर इंडिया ने नर्सों को प्रशिक्षित किया है। जिसका  असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है.  प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद जहां एक ओर उनका आत्मविश्वास बढ़ा है, वहीं सुरक्षित प्रसव और अस्पताल प्रबंधन में भी उनका उत्साह दिख रहा है।

 इस संबंध में सदर पीएचसी में पदस्थापित एएनएम अर्चना कुमारी ने बताया केयर इंडिया के सहयोग से पहले उन्हें प्रक्षिक्षण दिया गया था. प्रशिक्षित होने के बाद उन्हें डिस्ट्रिक्ट मेंटरिंग टीम( डीएमटी) के रूप में वह अब सेवा दे रही है. उन्होंने बताया अब वह पहले की तुलना में अधिक दक्ष हुयी है, जिससे उन्हें कुशल  प्रसव प्रबंधन की जानकारी तो हुयी है. साथ ही अब वह अन्य एएनएम का क्षमतावर्धन भी कर पा रही है. प्रशिक्षण के माध्यम से वह अस्पताल के सभी विभागों की जानकारी और कार्यशैली से अगवगत हुई हैं। जिसमें ऑपरेशन थिएटर रूम, लेबर रूम, ओपीडी सहित अन्य विभागों के बारे में विस्तृत और तकनीकी रूप से दक्ष हुई हैं। अब उन्हें इन विभागों में काम करने के लिए मरीजों से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं और जटिलताओं की भी पूरी जानकारी हो गई है।

जटिलताओं की पहचान करने में सक्षम हुई हैं अर्चना :

एएनएम अर्चना कुमारी ने बताया प्रशिक्षण के बाद वह प्रसव के पूर्व व उसके दौरान की सभी तकनीकी पहलुओं से अवगत हो चुकी हैं। प्रशिक्षण में मरीजों के बुनियादी प्रक्रियाओं और उनमें आने वाली जटिलताओं की पहचान करने और उसका समुचित इलाज करने में सक्षम हुई हैं। साथ ही, उन्होंने बताया कि अब उन्हें लेबर रूम और ऑपरेशन थियेटर से सबंधित सभी आवश्यक तकनीकी पहलुओं की पूरी समझ हो चुकी है।  इससे   वह इन स्थानों पर मरीजों में होने वाली जटिलताएं पहचान कर, उसका  सही  समय पर समुचित इलाज कर पा रही हैं.  उनका कहना है कि प्रशिक्षण उनके लिए मील का पथर साबित हुआ है। इसके माध्यम से अब मातृ-शिशु स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के साथ-साथ मातृ-शिशु मृत्यु दर को भी कम करने में मदद मिल रही है।

सेवाओं व सुविधाओं में इजाफा हुआ है :

अमानत प्रशिक्षण में प्रसव पूर्व जांच के बारे में जो प्रशिक्षण मिला वह बहुत ही मददगार साबित हो रहा है। इस प्रशिक्षण की बदौलत ही सभी एएनएम गंभीर अवस्था की गर्भवतियों, एनीमिक और कमजोर महिलाओं की पहचान कर पा रही हैं। जिससे गर्भवतियों का सुरक्षित प्रसव संभव हो पा रहा है।  डीएमटी अर्चना कुमारी ने कहा पूर्व में लोगों व मरीजों के बीच सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों को लेकर गलत अवधारणा थी। जो अब दूर होने लगी है। अब सरकारी अस्पतालों में सेवाओं व सुविधाओं में इजाफा हुआ है। जिससे लोगों का विश्वास भी बढ़ा है। केयर इंडिया की मदद से अब जिले की एएनएम को तकनीकी ज्ञान बढ़ा है। आधुनिक उपकरण, कुशल स्वास्थ्यकर्मी व अमानत प्रशिक्षित नर्सें की बदौलत आज जिससे प्रसव कराना और नवजात की देखभाल आसान हुआ है जिससे न केवल जच्चा-बच्चा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं बल्कि, नर्सों का सम्मान भी बढ़ा है।